Property, LTCG Saving Tips: प्रॉपर्टी को बेचने से होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाता है. जानिए कैसे आप इस टेक्स को बचा सकते हैं.
1/8प्रॉपर्टी बेचना ज्यादातर मुनाफे का सौदा होता है.हालांकि, मुनाफा अपने साथ टैक्स लेकर भी आता है. हालांकि, इनकम टैक्स के कुछ नियमों से आप इस मुनाफे पर टैक्स को बचा सकते हैं.
2/8प्रॉपर्टी से होने वाले मुनाफे में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानी LTCG लगाया जाता है. आप जब कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं और उसे दो साल के बाद बेचते हैं तब मुनाफे पर LTCG लगता है.
3/8इनकम टैक्स एक्ट में LTCG को लेकर कुछ छूट भी है. आयकर अधिनियम के सेक्शन 54 के मुताबिक यदि आपने अपना रेजिडेंशियल हाउस बेचा है और बिक्री से हुए मुनाफे की रकम किसी दूसरे मकान पर निवेश कर दी है तो LTCG नहीं लगेगा.
4/8सेक्शन 54 की शर्त के मुताबिक नया मकान या तो पुरानी प्रॉपर्टी बेचने के एक साल पहले खरीद लें, या फिर बेचने के दो साल के अंदर खरीदें. यदि मकान बनवा रहे हैं तो आपको तीन साल का समय मिलेगा.
5/8इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54 F के तहत आप रहने वाले मकान के अलावा कोई दूसरी प्रॉपर्टी जैसे जमीन, दुकान और दूसरी कॉमर्शियल प्रॉपर्टी आदि बेची है तो केवल मुनाफा नहीं पूरी रकम को किसी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश करना होगा.
6/8सेक्शन 54F के तहत LTCG से छूट की शर्त है कि आपके पास कोई दूसरा घर या रहने वाला मकान नहीं होना चाहिए. वहीं, सेक्शन 56 की समय सीमा इस पर भी लागू होगी.
7/8सेक्शन 54EC के तहत यदि आपने प्रॉपर्टी बेचने से हुए मुनाफे को सरकार द्वारा जारी खास बॉन्ड्स जैसे कैपिटल गेन बॉन्ड्स में निवेश किया है तो आपको LTCG से छूट मिलेगी. हालांकि, ध्यान रखें कि ये निवेश प्रॉपर्टी बेचने के छह महीने के अंदर करना होगा. एक वित्त वर्ष में आप अधिकतम 50 लाख रुपए तक ही इन बॉन्ड्स में निवेश करना होगा. वहीं, पांच साल का लॉक इन पीरियड होता है.
8/8ITR भरने की आखिरी तारीख तक यदि आपने मुनाफे को निवेश नहीं किया है तो आप पैसे को किसी भी सरकारी बैंक में कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम (CGAS) के तहत जमा कर सकते हैं. इससे आपको टैक्स में तत्काल छूट मिलेगी और तय समय पर पैसा निकालकर प्रॉपर्टी खरीदने या बनवाने में इस्तेमाल कर सकते हैं.