Big Vs Small Builder: भारत के रियल एस्टेट मार्केट में इन दिनों नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है. अब घर खरीदार केवल बड़े नामों पर ही दांव लगा रहे हैं. वहीं, छोटे बिल्डर्स दौड़ से बाहर हो रहे हैं. जानिए क्या है ये ट्रेंड.
1/6रियल एस्टेट में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है. यहां पर अब घर खरीदार किसी भी प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले बिल्डर का नाम और प्रतिष्ठा को देख रहे हैं.
2/6हैदराबाद जैसे बड़े शहर में यह चलन साफ दिखाई दे रहा है. यहां पर केवल बड़े और प्रतिष्ठित डेवलपर्स के प्रोजेक्ट ही हाथों-हाथ बिक रहे हैं, वहीं, छोटे और टियर-2 डेवलपर्स की इन्वेंट्री लगातार बढ़ रही है.
3/6एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई और अगस्त 2025 के दौरान हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट में एक नया चलन देखा गया है. गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे प्रतिष्ठित डेवलपर के प्रोजेक्ट को बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली है.
4/6गोदरेज प्रॉपर्टीज के रीगल पवेलियन लॉन्च से कुछ वक्त में ही 10 अरब रुपए से ज्यादा बिक्री दर्ज की गई है. दूसरी तरफ शहर के अन्य छोटे और टियर 2 डेवलपर्स को खरीदार नहीं मिल रहे हैं, जिनके उनके प्रोजेक्ट्स में इन्वेंट्री की संख्या लगातार बढ़ रही है.
5/6छोटे बिल्डर्स के प्रोजेक्ट में धीमी सेल्स के कारण कैश फ्लो की समस्या हो सकती है, जिससे प्रोजेक्ट के पूरा होने में देरी हो सकता है या वह बीच में ही अटक सकता है. ऐसे में खरीदारों की जीवन भर की कमाई फंसने का इंतजार है.
6/6बड़े और छोटे बिल्डर्स के बीच ये खाई केवल हैदराबाद तक ही सीमित नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई जैसे मार्केट्स में भी ग्राहक केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स में ही अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. जो किसी प्रतिष्ठित डेवलपर्स द्वारा बनाए जा रहे हैं.