GCC Real Estate: नवी मुंबई विदेशी कंपनियों की पहली पसंद बन गया है. यही वजह है कि इस इलाके में लीज की औसत 114 महीने है. जानिए क्या कहती है रिपोर्ट.
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कमर्शियल स्पेस का हॉटस्पॉट बना नवी मुंबई
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मुंबई का नवी मुंबई अब एक सैटेलाइट सिटी नहीं रह गया है. अटल सेतु, मुंबई मेट्रो, नवी एयरपोर्ट आने के बाद यह रेजिडेंशियल के साथ-साथ कमर्शियल सेगमेंट का भी हॉटस्पॉट बन गया है.
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GCC का अहम केंद्र नवी मुंबई
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CRE Matrix की नवी मुंबई पर आधारित रिपोर्ट "Navi Mumbai Rising: A Comprehensive Perspective on India's Next Commercial Real Estate' के मुताबिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का अहम केंद्र बन गया है.
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25% तक ग्रेड A/A+ ऑफिस स्पेस की हिस्सेदारी
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रिपोर्ट के मुताबिक नवी मुंबई के ऑफिस मार्केट में 70 से ज्यादा GCC कंपनियों ने अपनी मजबूती दर्ज कराई है. नवी मुंबई के प्रीमियम ग्रेड A/A+ ऑफिस स्पेस में इन ग्लोबल कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 25 फीसदी तक पहुंच गई है.
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लीज की औसत अवधि 114 महीने
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रिपोर्ट के मुताबिक नवी मुंबई में GCC कंपनियों की लीज अवधि लगभग 114 महीने यानी करीब साढ़े 9 साल दर्ज की गई है. यह मुंबई के 77 महीने के औसत और पूरे भारत के 81 महीने के राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है.
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कैंपस स्टाइल ऑफिस स्पेस को प्राथमिकता
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रिपोर्ट के मुताबिक GCCs बड़े कैंपस स्टाइल के ऑफिस स्पेस को प्राथमिकता दे रही है. वहीं, कंपनियों के इतने लंबे वक्त तक टिके रहने का फायदा नवी मुंबई के रेजिडेंशियल मार्केट को मिल रहा है.
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रेजिडेंशियल मार्केट में स्थिरता
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रिपोर्ट की मानें तो कंपनियां जब इतने लंबे वक्त तक रुकती है तो हजारों कर्मचारियों को स्थिरता मिलती है. इनकम स्टेबिलिटी और ग्रोथ के कारण संपत्तियों और रेंटल घरों की मांग मजबूत बनी है. इससे रेजिडेंशियल रेंट यील्ड में स्थिरता रहती है.