रिपोर्ट के मुताबिक रिटेल सेक्टर में लीज सौदे काफी मैच्योर हो गए हैं, जहां अब 74 फीसदी ट्रांजैक्शन हाइब्रिड रेवेन्यू लिंक्ड मॉडल पर हो रहे हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो 74.2% सौदे केवल किराये पर नहीं, बल्कि रेंटल और रेवेन्यू शेयर के आधार पर हो रहे हैं.