कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करें या फिर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में? यदि आपके मन में भी यह सवाल आ रहा है तो NAREDCO और KPMG की ताजा रिपोर्ट में इसका जवाब छिपा है. जानिए क्या कहती है रिपोर्ट.
1/6प्रॉपर्टी में निवेश के वक्त सबसे पहला सवाल आता है कि क्या फ्लैट, प्लॉट आदि जैसी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश किया जाए या फिर कमर्शियल प्रॉपर्टी में दांव लगाया जाए. KPMG और NAREDCO की ताजा रिपोर्ट इस कंफ्यूजन को दूर करने में मदद करेगी.
2/6KPMG और NAREDCO की 'द रोल ऑफ रियल एस्टेट इन विकसित भारत @2047' रिपोर्ट के मुताबिक देश का कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट एक शानदार हाई ग्रोथ चैप्टर के दौर में एंट्री करने जा रहा है.
3/6रिपोर्ट के मुताबिक कमर्शियल रियल एस्टेट का मार्केट 19.8% की CAGR की जबरदस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. साल 2033 तक इसके 22.5 ट्रिलियन रुपए तक पहुंचने का अनुमान है.
4/6रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस मार्केट में अब नॉर्मल ऑफिस स्पेस से हटकर ग्रेड ए और फ्यूचर रेडी इमारतों की तरफ शिफ्ट हो रहा है. इस डिमांड का कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का बड़ा बूम है.
5/62025 में कुल ऑफिस लीजिंग स्पेस में इन सेंटर्स की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी रही है. बड़ी ग्लोबल कंपनियों की यह डिमांड कमर्शियल प्रॉपर्टीज को निवेश का एक बेहतरीन ऑप्शन बना रही है.
6/6कमर्शियल रियल एस्टेट में रेंटल यील्ड और कैश फ्लो को सुरक्षित माना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्नोलॉजी और BFSI सेक्टर के किरायेदारों की तरफ से लगातार मांग आ रही है. अच्छे किरायेदारों के कारण इन संपत्तियों की ऑक्यूपेंसी स्थिर रहती है.