Buy vs Rent Home: आज के टाइम में लोग अक्सर इस चीज में कंफ्यूज रहते हैं और समझ ही नहीं पाते कि शहर में वो अपना घर खरीद लें या फिर किराए पर रहें. असल में कई बार लोग ईएमआई और किराए की राशि में कंफ्यूज हो जाते हैं.तो अगर आप भी इसी कंफ्यूजन में हैं तो फिर चलिए हम आपकी ये शंका दूर करने की कोशिश करते हैं.
1/7Buy vs Rent: आज के समय में किराए के घर में रहने वाले लोग अक्सर खुद का घर खरीदने का सपना देखते हैं. वहीं, कुछ लोग ये नहीं समझ पाते हैं कि उनके लिए क्या बेस्ट है किराए पर रहना या फिर घर को खरीदना.वैसे आमतौर लोग यही सोचते हैं कि किराए का पैसा केवल रहने के नाम पर मकान मालिक के पास जाता है, लेकिन अगर वो यही पैसा EMI के रूप में देंगे तो खुद का घर भी हो जाएगा.आज हम समझेंगे कि किराए पर रहना सही है या फिर घर को खरीदना ?
2/7अगर आप शहर में नौकरी करते हुए घर खरीद रहे तो मालिक बन जाएंगे और एक स्थायी संपत्ति हो जाएगी.घर खरीदने से फ्यूचर में इसकी कीमत और बढ़ेगी. बार-बार घर चेंज करने की दिक्तत नहीं होगी और मकान मालिक की किचकिच से बचेंगे.किराए की रकम को ईएमआई में लगाकर सपनों का आशियाना खुद का होगा. इसके अलावा होम लोन पर मिलने वाले टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं.
3/7घर खरीदने के लिए आपको भारी-भरकम डाऊन पेमेंट का इंतजाम करना होगा और रजिस्ट्रेशन और बड़े खर्चे के लिए भी फंड चाहिए होगा.होम लोन की ईएमआई सालों साल तक भरनी पड़ेगी. इसके अलावा घर के रखरखाव और मरम्मत का खर्च भी आपको खुद ही उठाना होगा.
4/7अक्सर घर खरीद कर रहने की तुलना में किराए पर रहना सस्ता पड़ता है.किराए के घर का कोई रखरखाव का खर्चा भी आपको अपनी पॉकेट से नहीं देना होता है.ऐसे में आप अपने बजट और जरूरत के हिसाब का मन पसंद घर ले सकते हैं.
5/7अगर आप किराए पर रह रहे हैं तो आपके पास कोई संपत्ति नहीं बनती हैं.इसके अलावा हर महीने आपको किराया समय पर देना ही पड़ता है. घर में रहने के लिए मकान मालिक की हर एक शर्त को मानना पड़ता है.किराए पर पैसे खर्च होते हैं, जिनका लॉन्ग टर्म बेनेफिट्स भी नहीं है.
6/7आपको घर किराए पर लेना है कि खरीदना है ये आपके बजट पर निर्भर करता है. अगर आपके पास एक नौकरी है जहां से हर महीने फिक्स सैलरी आती है तो फिर घर को खरीदना अच्छा होगा. घर को खरीदना, किराए पर रहने की तुलना में कई गुना फायदेमंद होता है.यह एक प्रकार का निवेश भी होता है, जो समय के साथ बढ़ता है, और आपको अपनी संपत्ति पर स्वामित्व प्रदान कराता है.वहीं, किराए के घर का कोई फिक्स ठिकाना नहीं होता.
7/7अगर आप घर खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो फिर पहले अपना बजट कैलकुलेशन जरूर करें.अपनी एनुअल सैलरी के मुताबिक की घर खरीदने के लिए पैसा निवेश करें. सही फॉर्मूला और प्लानिंग नहीं है तो खरीदने की जगह किराए के घर में रहें.जब तक डाउनपेंट के पैसे जमा ना हो जाएं घर ना लें.वैसे अंतिम निर्णय आपका होगा कि आप किराए पर रहेंगे या घर खरीदेंगे.