हाईराइज बिल्डिंग में फ्लैट खरीदते समय केव बजट नहीं, बल्कि सही फ्लोर का चुनाव भी जरूरी होता है.जहां ऊपरी मंजिलों पर शांत माहौल और प्राइवेसी मिलती है, तो वहीं, निचली मंजिलें बुजुर्गों के लिए सुविधाजनक होती हैं. तो ऐसे में जानेंगे कौन से फ्लोर का कैसे चुनाव किया जाए?
1/8हाईराइज बिल्डिंग सुसाइटी की सुख सुविधाएं आदि देखकर फ्लैट तो खरीदना अक्सर लोगों को पसंद आता है. तो अगर आप भी हाईराइज बिल्डिंग सुसाइटी में फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं, तो केवल लोकेशन और प्राइस ही नहीं, बल्कि ये भी चुनें कि कौन-सा फ्लोर आपकी लाइफस्टाइल के लिए सही रहेगा.असल में ऊपरी मंजिलों पर आपको बेहतर व्यू, कम शोर और ज्यादा प्राइवेसी दे सकता है, वहीं निचली मंजिलों पर पहुंच आसान होती है और सीनियर सिटीजन के लिए ज्यादा सुविधाजनक होती है.यही कारण है कि आजकल रियल एस्टेट डिवेलपर्स भी हर बजट के हिसाब से अपार्टमेंट बना रहे हैं, लेकिन सही डिसीजन तभी होगा जब आप फ्लोर से जुड़ी सभी बातों को समझकर फैसला लेंगे. Karnataka GST Case: UPI Payment से मिला ₹29 लाख का Notice, क्या है पूरा मामला?
2/8कई बार ऐसा होता है कि सही फ्लोर का चुनाव करना आपके लिए चुनौती बन जाता है. लेकिन कुछ जरूरी फैक्टर्स को ध्यान में रखेंगे तो ये बहुत आसान हो सकता है,जैसे- फ्लोर की ऊंचाई, धूप और हवा का मिलना, लिफ्ट की सुविधा, बुजुर्गों और बच्चों की जरूरतें, सीढ़ियों से पहुंच और मेंटेनेंस कॉस्ट. इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपने लिए सबसे परफेक्ट फ्लोर का चुनाव आसानी से कर सकते हैं.
3/8अगर अपार्टमेंट की लोकेशन किसी बहुत ही खूबसूरत जगह के पास है, तो ऊपरी फ्लोर पर फ्लैट लेना आपके लिए बेहतरीन रहेगा क्योंकि वहां से व्यू अच्छा मिलता है और शांति भी बनी रहती है.जबकि दूसरी तरफ, ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट्स में अक्सर चूहों, मच्छरों और बाहरी शोर की समस्या होती है, खासकर जब फ्लैट पार्किंग एरिया के पास होता है.कुछ फ्लैट्स में ग्राउंड फ्लोर पर पर्याप्त धूप न पहुंच पाने की वजह से घर में अंधेरा और नमी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं. India-UK Trade Deal: Whisky, Jaguar सस्ती और अब बढ़ेगा Export!
4/8आपको ये भी क्लियर होना चाहिए कि अगर आप रेंटल इनकम कमाने के मकसद से फ्लैट खरीद रहे हैं, तो नीचे के फ्लोर बेस्ट फायदेमंद हो सकते हैं. असल में भारत में अधिकतर लोग जमीन के पास रहना पसंद करते हैं, ताकि कभी लिफ्ट आदि की असुविधा हो तो सीढ़ियों का यूज हो सके. तो इसलिए ग्राउंड या लोअर फ्लोर की डिमांड ज्यादा होती है. Upcoming IPO: IPO का धमाका! इस हफ्ते 5 नए इश्यू और 3 लिस्टिंग्स
5/8फ्लैट खरीदते समय उस शहर की जलवायु और हवा की क्वालिटी और धूप का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.अगर शहर में वायु प्रदूषण ज्यादा है, जैसे दिल्ली/एनसीआर में, तो नीचे के फ्लोर बेहतर माने जाते हैं क्योंकि ऊंचाई पर प्रदूषण का असर अधिक होता है.लेकिन अगर आपको अच्छी और सीधी धूप चाहिए तो फिर ऊपर का फ्लैट चुनें.
6/8एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि नीचे के फ्लोर पर प्राइवेसी की कमी हो सकती है. ग्राउंड या लोअर फ्लोर पर आने-जाने वालों की आवाजाही अधिक होती है, जिससे बार-बार डिस्टर्ब होने की संभावना रहती है. तो शांत और बेहतर प्राइवेसी चाहते हैं तो ऊपरी फ्लोर यानी हाई फ्लोर पर घर लेना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. Bond Investment: इन 6 चीजों की जांच जरूरी है, BSE-NSE ने दी सख्त एडवाइजरी
7/8आप जैसे-जैसे ऊंचे फ्लोर पर घर लेते हैं, आपके घर की एनर्जी खपत भी बढ़ जाती है.यानी कि गर्मियों में ऊपरी मंजिलें ज्यादा गर्म हो जाती हैं, जिससे आपको एयर कंडीशनर ज्यादा देर तक चलाना पड़ता है, जिससे बिजली का बिल बढ़ता है तो इसलिए ऊंचे फ्लोर पर रहने का यह एक छिपा हुआ खर्च होता है, जिसे घर खरीदते समय जरूर ध्यान में रखें.
8/8अगर आपके परिवार में छोटे बच्चे हैं या बुजुर्ग पैरंट्स साथ रहते हैं, तो फिर ग्राउंड फ्लोर पर घर लेना सबसे बेहतर ऑप्शन हो सकता है.क्योंकि इससे न सिर्फ उनकी सुरक्षा बनी रहती है, बल्कि उन्हें ऊपर-नीचे जाने में भी कोई परेशानी नहीं होती.क्योंकि बच्चे और सीनियर सिटीजन को अक्सर लिफ्ट में बंद होने का डर होता है या फिर लिफ्ट खराब होने पर ऊंचे फ्लोर को चढ़ने में दिक्कत हो सकती है(नोट-खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)