आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर क्षेत्र की तरह रियल एस्टेट सेक्टर को भी प्रभावित कर रहा है. AI की मदद से बिल्डर छोटे कारपेट एरिया में भी निपुणता बढ़ाने वाले लेआउट खोज रहे हैं.
1/6आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रहे है. रियल एस्टेट सेक्टर भी इस तकनीकी क्रांति से अछूता नहीं है. AI का सबसे बड़ा फायदा अफोर्डेबल हाउसिंग में हुआ है.
2/6KPMG और FICCI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कम बजट वाले प्रोजेक्ट्स में जगह की कमी हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है. अब AI की मदद से बिल्डर छोटे कारपेट एरिया में भी निपुणता बढ़ाने वाले लेआउट खोज रहे हैं.
3/6रिपोर्ट के मुताबिक AI आधारित स्पेस प्लानिंग टूल घर के डिजाइन में मौजूद बेकार या फिर खाली स्पेस को पहचान कर उसे खत्म कर देते हैं. इससे छोटे घर में भी रहने योग्य जगह ज्यादा मिलती है. इससे कम बजट में ज्यादा स्पेस मिल रही है.
4/6किफायती घर बनाते वक्त बिल्डर को अक्सर डिजाइन से समझौता करना पड़ता है, लेकिन AI के आने से यह बदल गया है. AI सुनिश्चित करता है कि घर की कार्यक्षमता और डिजाइन की क्वालिटी बरकरार रहें.
5/6रिपोर्ट के मुताबिक केवल घर ही नहीं बल्कि बड़े टाउनशिप और प्लॉटेड डेवलपमेंट में भी AI एक साथ कई लेआउट जनरेट कर सकता है. इससे डिजाइन साइकिल में लगने वाला वक्त काफी कम हो जाता है. पूरे प्रोजेक्ट के लेआउट में एकरूपता बनी रहेगी.
6/6AI घर का लेआउट तैयार करते समय ही रेगुलेटरी नियमों और मापदंडों को डिजाइन में शामिल कर लेता हैं. इससे कंप्लायंस की जांच शुरुआती चरण में ही हो जाती है, जिससे लेआउट को बार-बार बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है. इससे अप्रूवल जल्दी मिलता है.