Affordable Housing Survey: देश में सस्ते और किफायती घरों के लिए घर खरीदारों को कई समझौते करने पड़ रहे हैं. Anarock के ताजा सर्वे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है.
1/7भारत में सस्ते घर का सपना घर खरीदारों के लिए अब कड़वी हकीकत बनता जा रहा है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट Anarock के होमबायर सेंटिमेंट सर्वे H1-2025 में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
2/7रिपोर्ट के मुताबिक किफायती होम सेगमेंट में मौजूदा ऑप्शन्स से घर खरीदार पूरी तरह से निराश है. घर खरीदारों की सबसे बड़ी शिकायत है कि बिल्डर सस्ते घर के नाम पर शहर से काफी दूर प्रोजेक्ट्स दे रहे हैं.
3/7केवल शहर से दूर नहीं बल्कि कंस्ट्रक्शन क्वालिटी घटिया है और फ्लैट का साइज भी काफी है. सर्वे में शामिल 92% लोगों ने लोकेशन को सबसे बड़ी समस्या बताया है.
4/7सर्वे में शामिल घर खरीदारों का कहना है कि प्रोजेक्ट्स अक्सर शहर के बाहरी इलाकों में बनाए जाते हैं, जहां से अस्पताल, ऑफिस और मनोरंजन की सुविधाएं काफी दूर होती है. इससे रोजाना आने-जाने में परेशानी और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है.
5/7सर्वे में शामिल 90 फीसदी असंतुष्ट खरीदारों ने कहा है कि इन प्रोजेक्ट्स की कंस्ट्रक्शन क्वालिटी काफी खराब है. डिजाइन भी काफी कमजोर होता है.
6/7Anarock के सर्वे में 77 फीसदी लोगों ने शिकायती की है कि सस्ते घरों का साइज काफी छोटा है. यह परिवार की जरूरत के हिसाब से मुफीद नहीं है. सर्वे के मुताबिक इन्हीं कारणों से घर खरीदारों का सस्ते घरों से मोहभंग हो गया है.
7/7Anarock की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 की दूसरी छमाही में 40% घर खरीदार 45 लाख रुपए से कम कीमत वाले घर चाहते थे. वहीं, 2025 की पहली छमाही में यह मांग घटकर केवल 17% रह गई है.