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Office Space Demand: साल 2025 के पहले नौ महीनों में भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की ओर से ऑफिस स्पेस की मांग 8 प्रतिशत बढ़कर 50.9 मिलियन स्क्वायर फीट हो गई है. यह जानकारी गुरुवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई. तीसरी तिमाही में कुल ट्रांजैक्शन को लेकर बेंगलुरु पहले स्थान पर रहा, इसके बाद पुणे, मुंबई और चेन्नई में भी जबरदस्त मांग दर्ज की गई. 2025 की तीसरी तिमाही में टॉप सात ऑफिस मार्केट में नई सप्लाई मजबूत रही, 16.6 मिलियन वर्ग फुट की नई बिल्डिंग बनीं, जो सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि है.
कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार,पुणे, मुंबई और चेन्नई ने मिलकर इस तिमाही में कुल ग्रेड ए ऑफिस स्पेस का आधा हिस्सा इस्तेमाल किया. इस वर्ष की तीसरी तिमाही में इन तीनों शहरों में से प्रत्येक में सालाना मांग में कम से कम 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
ऑफिस स्पेस में 27% की हिस्सेदारी
20 मिलियन वर्ग फुट स्पेस लिया लीज
(मिलियन वर्ग फुट में)
| शहर | Q3 2024 (जुलाई-सितंबर) | Q3 2025 (जुलाई-सितंबर) | वार्षिक बदलाव (Q3 2025 बनाम Q3 2024) | साल-दर-तारीख (जनवरी-सितंबर 2024) | साल-दर-तारीख (जनवरी-सितंबर 2025) | वार्षिक बदलाव (YTD 2025 बनाम YTD 2024) |
| बेंगलुरु | 6.3 | 4.7 | -25% | 15.1 | 14 | -7% |
| चेन्नई | 1.4 | 2.6 | 86% | 4.9 | 8.1 | 65% |
| दिल्ली-एनसीआर | 2.4 | 1.6 | -33% | 6.8 | 7.1 | 4% |
| हैदराबाद | 2.9 | 1.5 | -48% | 8.4 | 6.4 | -24% |
| कोलकाता | 0.1 | 0.1 | 0% | 0.6 | 0.8 | 33% |
| मुंबई | 1.7 | 3 | 76% | 7.1 | 8 | 13% |
| पुणे | 2.6 | 3.7 | 42% | 4.4 | 6.5 | 48% |
| पूरा भारत | 17.4 | 17.2 | -1% | 47.3 | 50.9 | 8% |
पुणे में तिमाही में लगभग चार गुना वृद्धि के साथ 4.6 मिलियन वर्ग फुट की नई बिल्डिंग बनीं, इसके बाद बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर का स्थान रहा.
(मिलियन वर्ग फुट में)
| शहर | Q3 2024 (जुलाई-सितंबर) | Q3 2025 (जुलाई-सितंबर) | वार्षिक बदलाव (Q3 2025 बनाम Q3 2024) | साल-दर-तारीख (जनवरी-सितंबर 2024) | साल-दर-तारीख (जनवरी-सितंबर 2025) | वार्षिक बदलाव (YTD 2025 बनाम YTD 2024) |
| बेंगलुरु | 4.9 | 4 | -18% | 11.3 | 11.8 | 4% |
| चेन्नई | - | 2.3 | *लागू नहीं | 0.9 | 3.8 | 322% |
| दिल्ली-एनसीआर | 3.3 | 3.1 | -6% | 6.5 | 6.9 | 6% |
| हैदराबाद | 4.3 | 1.1 | -74% | 10.5 | 4.9 | -53% |
| कोलकाता | - | - | 0% | 0.4 | 0.1 | -75% |
| मुंबई | 0.6 | 1.5 | 150% | 5.6 | 3.5 | -38% |
| पुणे | 1.3 | 4.6 | 254% | 2.6 | 10.4 | 300% |
| पूरा भारत | 14.4 | 16.6 | 15% | 37.8 | 41.4 | 10% |
कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा, "कुल मिलाकर, भारत में आजाद वर्कप्लेस रणनीतियों और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस को अपनाने की पसंद लगातार बढ़ रही है और 2025 तक यह कुल मांग का 20 प्रतिशत हो सकता है." रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की तीसरी तिमाही में अधिकतम शहरों में नए ऑफिस स्पेस की सप्लाई से ज्यादा डिमांड होने के बावजूद, कंपनियों द्वारा ऑफिस बदलने और एक जगह से दूसरी जगह जाने की वजह से खाली ऑफिसों की संख्या लगभग स्थिर रही है.
सवाल: साल 2025 के पहले नौ महीनों में भारत में ऑफिस स्पेस की मांग में कितनी बढ़ोतरी हुई?
जवाब: 2025 के पहले नौ महीनों में, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की वजह से भारत में ऑफिस स्पेस की मांग 8 प्रतिशत बढ़कर 50.9 मिलियन स्क्वायर फीट हो गई है.
सवाल: 2025 की तीसरी तिमाही में किन शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग सबसे ज्यादा थी?
जवाब: तीसरी तिमाही में कुल ऑफिस स्पेस के इस्तेमाल में बेंगलुरु पहले स्थान पर रहा.
सवाल: ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ाने में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की क्या भूमिका रही?
जवाब: 2025 में, जीसीसी ने टॉप सात शहरों में लगभग 20 मिलियन वर्ग फुट का स्पेस लीज पर लिया, जो कुल ऑफिस स्पेस की मांग का लगभग 40 प्रतिशत है.
सवाल: नए ऑफिस स्पेस की सप्लाई की क्या स्थिति थी?
जवाब: 2025 की तीसरी तिमाही में नए ऑफिस स्पेस की सप्लाई मजबूत रही. इस दौरान 16.6 मिलियन वर्ग फुट की नई बिल्डिंग्स बनीं, जो सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि है.
सवाल: क्या फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का चलन बढ़ रहा है?
जवाब: हां, भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस को अपनाने का चलन लगातार बढ़ रहा है और अनुमान है कि 2025 तक यह कुल मांग का 20 प्रतिशत हो सकता है.