न जमीन खरीदने की झंझट,न मोटा पैसा लगाने की चिंता, इस बिजनेस मॉडल से मुंबई के बिल्डर्स कर रहे मोटी कमाई

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नया बिजनेस मॉडल तेजी से उभर रहा है. इसमें बिल्डर्स को जमीन पर भारी-भरकम निवेश की जरूरत नहीं है. जानिए क्या है ये बिजनेस मॉडल.
न जमीन खरीदने की झंझट,न मोटा पैसा लगाने की चिंता, इस बिजनेस मॉडल से मुंबई के बिल्डर्स कर रहे मोटी कमाई

मुंबई में डेवलपर्स के बीच हिट हुआ रिडेवलपमेंट मॉडल (प्रतीकात्मक इमेज/AI/Gemini)

मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में बिल्डर्स के बीच नया और मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तेजी से उभर रहा है. डेवलपर्स अब प्राइम लोकेशन पर करोड़ों-अरबों की जमीन खरीदने के बजाय एसेट लाइट मॉडल यानी सोसाइटी रिडेवलपमेंट का रास्ता अपना रहे हैं. कोल्टे पाटिल और कीस्टोन रियल्टर्स जैसी रियल्टी कंपनियों की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन से पता चला है कि ये वर्सोवा, गोरेगांव और सांताक्रूज जैसे पॉश इलाकों में इसी मॉडल से दबदबा बना रही हैं.

नहीं चाहिए भारी-भरकम निवेश

कम लागत वाले एसेट लाइट मॉडल में बिल्डर्स को शुरुआत में जमीन खरीदने के लिए भारी-भरकम पूंजी निवेश नहीं करना पड़ता है. इसके कारण कैपिटल इंटेंसिटी काफी कम हो जाती है. बिल्डर कम निवेश में बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू कर पाते हैं.

इन हिस्सों में होते हैं रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स

  • शुरुआती जमीन की लागत कम होने से बिल्डर्स का कैपिटल एम्प्लॉयड घट जाता है. नतीजतन प्रोजेक्ट का इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न और मुनाफा काफी बढ़ जाता है.
  • रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स शहर के ऐसे हिस्सों में होते हैं जहां स्कूल, अस्पताल और ट्रांसपोर्ट जैसे सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद होते हैं. इससे घर खरीदारों की कमी नहीं होती और प्रोजेक्ट के न बिकने का रिस्क काफी कम होता है.

Redevelopment Project

सोर्स: Keystone Realtors

70% खुली जमीन पहले से हो चुके हैं विकसित

कीस्टोन रियल्टर्स की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक मुंबई की 70 फीसदी खुली जमीन पहले से ही विकसित हो चुकी है. शहर में लगभग 1.6 लाख से ज्यादा हाउसिंग सोसाइटियां 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं, जिन्हें रिडेवलपमेंट की जरूरत है.

1300 बिलियन रुपए का बड़ा बाजार

  • कई इंडस्ट्री रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 2030 तक मुंबई में सोसाइटी रिडेवलपमेंट 1,300 बिलियन रुपये का एक बहुत बड़ा बाजार बन जाएगा.
  • विकसित माइक्रो मार्केट्स में 70 फीसदी से 85 फीसदी तक नई हाउसिंग सप्लाई केवल रिडेवलपमेंट के जरिए ही आ रही है.
  • कीस्टोन रियल्टर्स का बिजनेस मॉडल भी तेजी से रिडेवलपमेंट की तरफ मुड़ चुका है. कंपनी के आगामी प्रोजेक्ट्स के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू का 84 फीसदी हिस्सा रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से आने वाला है.

कोल्टे पाटिल के प्रमुख मुंबई प्रोजेक्ट्स और सेल्स

लोकेशन4QFY26 में हुई बिक्री
वर्सोवा500 मिलियन रुपए
गोरेगांव500 मिलियन रुपए
सांताक्रूज380 मिलियन रुपए

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2013 में की थी एंट्री

कोल्टे पाटिल की बात करें तो कंपनी ने साल 2013 में मुंबई मार्केट में एंट्री की थी. इनका मुख्य फोकस कम लागत वाले सोसाइटी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर ही है. वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी के वर्सोवा, गोरेगांव और सांताक्रूज स्थित प्रोजेक्ट्स को बाजार से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. कोल्टे पाटिल के पास मुंबई और पुणे में 24 मिलियन स्क्वायर फीट का अतिरिक्त लैंड बैंक उपलब्ध है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 22.5 अरब रुपये की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले नए प्रोजेक्ट्स का अधिग्रहण भी किया है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 सोसाइटी रिडेवलपमेंट क्या है?

जब पुरानी और जर्जर हो चुकी हाउसिंग सोसाइटी की बिल्डिंग को तोड़कर बिल्डर द्वारा उसी जगह पर एक नई और ज्यादा सुविधाओं वाली बिल्डिंग बनाई जाती है.

Q2 रिडेवलपमेंट के लिए सोसाइटी के कितने फीसदी लोगों की सहमति जरूरी है?

महाराष्ट्र के मौजूदा नियमों के मुताबिक, किसी भी हाउसिंग सोसाइटी के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए कम से कम 51% सदस्यों की लिखित सहमति होना जरूरी है.

Q3 क्या रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स रेरा के नियमों के दायरे में आते हैं?

हां, सोसाइटी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स भी रेरा के नियमों के अंतर्गत आते हैं.

Q4 कॉर्पस फंड क्या होता है?

रिडेवलपमेंट के दौरान बिल्डर द्वारा सोसाइटी के सदस्यों को एकमुश्त रकम दी जाती है, जिसे कॉर्पस फंड कहते हैं.

Q5 ट्रांजिट रेंट क्या होता है?

पुरानी बिल्डिंग जब तोड़ी जाती है और नई बिल्डिंग का निर्माण चलता है, तब सोसाइटी के निवासियों को रहने के लिए बिल्डर द्वारा या तो किराये का घर दिया जाता है या फिर हर महीने किराये के लिए एक फिक्स रकम दी जाती है.

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