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भारत के शीर्ष आठ शहरों में कमर्शियल स्पेस की मांग बीते पांच वर्षों में 11 प्रतिशत के सीएजीआर की दर से बढ़ी है. यह जानकारी शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई. निवेश बैंकिंग फर्म एनक्वाइरस कैपिटल ने एक रिपोर्ट में कहा, "बेंगलुरु वैश्विक कंपनियों के लिए सबसे अधिक लागत प्रभावी वर्कफोर्स शहरों में से एक के रूप में उभरा है, यहां लागत द्वितीय श्रेणी के अमेरिकी शहरों की तुलना में लगभग 81 प्रतिशत कम है."
रिपोर्ट में बताया गया कि तुलना के लिए, वित्त वर्ष 23 में प्रति बीपीएम बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट प्रति एफटीई (फुल टाइम कर्मचारी) टियर-II अमेरिकी शहर में परिचालन लागत 100 पर सूचीबद्ध है, लेकिन बेंगलुरु के लिए यह 19 है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत एक उच्च-विकासशील, लागत-प्रभावी कार्यालय स्थान गंतव्य के रूप में उभरा है, और व्यवसाय स्केलेबिलिटी, सामर्थ्य और कुशल प्रतिभा पूल के लिए भारत की ओर देख रहे हैं.
रिपोर्ट में कहा गया, "शीर्ष 8 भारतीय शहरों में कमर्शियल स्पेस की मांग 2020 में 11 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर 39.3 मिलियन वर्ग फुट से 2025 में 66.4 मिलियन वर्ग फुट हो गई है."
वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही तक मुंबई और बेंगलुरु ऑफिस स्पेस में वैश्विक शहरों में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी थे. रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस स्पेस के किराये के मामले में लंदन सबसे महंगा था, जहां प्रति वर्ष किराया 207 डॉलर प्रति वर्ग फुट था, जबकि न्यूयॉर्क में किराया 82 डॉलर, टोक्यो में 76 डॉलर, बीजिंग में 56 डॉलर, हांगकांग में 70 डॉलर, मुंबई में 27 डॉलर और बेंगलुरु में 27 डॉलर प्रति वर्ग फुट प्रति वर्ष के साथ सबसे किफायती था.