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Ultra Luxury Segment Home: देश का लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट केवल आलीशान बंगले और पेंटहाउस तक ही सीमित नहीं है. अब मार्केट में ब्रांडेड रेजिडेंस और मल्टी जेनरेशनल होम्स जैसे कई नए ट्रेड्स उभरकर सामने आ रहे हैं, जो ये बताते हैं कि देश के अमीरों के लिए घर बस एक रहने की एक जगह नहीं बल्कि लाइफस्टाइल और एक्सपीरियंस का एक बड़ा जरिया है. CBRE की रिपोर्ट के मुताबिक मल्टी जनरेशनल होम्स का कॉन्सेप्ट भारतीय जॉइंट फैमिली के लिए मॉर्डन और लग्जरी का समाधान है.
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CBRE की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रांडेड रेजिडेंसेस का मतलब ऐसे आलीशान घरों से हैं जो किसी बड़े लग्जरी ब्रांड जैसे मैरियट, 4 सीजन्स या किसी प्रीमियम होटल चेन के नाम से जुड़े होते हैं. इन घरों में रहने वालों को होटल जैसी वर्ल्डकल्सा सुविधाएं, सिक्युरिटी और सर्विस मिलती हैं. ब्रांड का नाम प्रॉपर्टी की क्वालिटी, रखरखाव और खास सुविधाओं की गारंटी देता है. ये सभी चीजें इसे एक नॉर्मल लग्जरी अपार्टमेंट के मुकाबले ज्यादा खास और महंगा बना देती है.
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रिपोर्ट के मुताबिक मल्टी जनरेशनल होम्स ऐसे बड़े घर होते हैं जिन्हें एक ही फैमिली की कई पीढ़ियों जैसे दादा-दादी, माता-पिता और बच्चे को ध्यान में रखकर बनाया जाता है. इनमें अक्सर अलग-अलग प्राइवेट जोन, कई मास्टर बेडरूम और हर उम्र के लोगों के लिए खास सुविधा होती है. इससे परिवार के साथ रहते हुए भी अपनी प्राइवेसी और आराम बनाए रखा जा सके. रिपोर्ट बताती है कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में बड़े और लग्जरी घरों की चाहत बढ़ी है. वहीं, देश में बढ़ती संपत्ति और इनकम ने अल्ट्रा रिच खरीदारों को ऐसी खास प्रॉपर्टीज में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है.
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रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आने वाले वक्त में ब्रांडेड रेजिडेंस और मल्टी जनरेशनल होम्स जैसे सेगमेंट में और भी ज्यादा तेजी देखने को मिलेगी. यह देश के अल्ट्रा लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट के एक नए अध्याय की शुरुआत है. इसमें कीमत से ज्यादा एक्सपीरियंस और लिविंग स्टेट्स को महत्व दिया जा रहा है.
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