मुंबई-दिल्ली के गढ़ से बाहर निकले बिल्डर्स, नए शहरों में लगाया दांव, प्रीमियम घरों के दम पर जमकर हुई बिक्री

देश के टॉप बिल्डर्स अपने गढ़ से बाहर निकलकर दूसरे बड़े शहरों में अपना दबदबा बना रहे हैं. एनारॉक की ताजा रिपोर्ट में इस चीज का खुलासा हुआ है. जानिए क्या कहती है रिपोर्ट.
मुंबई-दिल्ली के गढ़ से बाहर निकले बिल्डर्स, नए शहरों में लगाया दांव, प्रीमियम घरों के दम पर जमकर हुई बिक्री

डेवलपर्स अपना गढ़ छोड़ नए शहरों पर लगा रहे दांव (Photo: File Photo)

देश के टॉप बिल्डर्स अब अपने पारंपरिक घरेलू मार्केट्स से बाहर निकलकर दूसरे शहरों में दबदबा बना रहे हैं. एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गोदरेज और प्रेस्टीज जैसे डेवलपर्स नए शहरों में जाकर मुनाफा कमा रहे हैं. दूसरी तरफ, डीएलएफ जैसी कंपनियां अभी भी अपने पुराने गढ़ तक सीमित हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, लग्जरी और प्रीमियम घरों की जबरदस्त डिमांड के चलते डेवलपर्स ने वित्त वर्ष 2026 में 1.48 लाख करोड़ रुपए की रिकॉर्ड प्री-सेल्स हासिल की है. टॉप 11 लिस्टेड डेवलपर्स की प्री-सेल्स में सालाना आधार पर 18 फीसदी का उछाल आया है.

1.48 लाख करोड़ रुपए प्री-सेल्स

Anarock रिसर्च के मुताबिक, देश के टॉप 11 लिस्टेड डेवलपर्स का कुल प्री-सेल्स रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 के 1,25,841 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1,48,158 करोड़ रुपए हो गया है, यानी सीधे 18 फीसदी की सालाना ग्रोथ.

लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग पोर्टफोलियो

  • रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंपर सेल की सबसे बड़ी वजह लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग पोर्टफोलियो रहा है.
  • प्रेस्टीज एस्टेट्स ने सबसे ज्यादा 76 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की है.
  • पूर्वांकरा ने 48 फीसदी, कीस्टोन (रुस्तमजी) ने 33%, शोभा डेवलपर्स ने 30%, गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 16% और लोढ़ा ने 16% ग्रोथ हासिल की है.

टॉप लिस्टेड डेवलपर्स की प्री-सेल्स रेवेन्यू (करोड़ रुपये में)

कंपनीFY25FY26बदलाव (%)
गोदरेज प्रॉपर्टीज29,44434,17116%
प्रेस्टीज एस्टेट्स17,02330,02476%
DLF21,22320,143-5%
लोढ़ा (मैक्रोटेक)17,63020,53016%
सिग्नेचर ग्लोबल10,2908,250-20%
ब्रिगेड एंटरप्राइजेज7,8477,424-5%
पूर्वांकरा5,0067,40748%
ओबेरॉय रियल्टी5,2815,4473%
कोल्टे-पाटिल2,7912,605-7%
कीस्टोन (रुस्तमजी)3,0284,02233%
शोभा6,2788,13530%
कुल1,25,8411,48,15818%

एक शहर पर खत्म हो रही निर्भरता

एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के प्रमुख डेवलपर्स अब नेशनल रेजिडेंशियल प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में अपने कदम बढ़ा रहे हैं. जियोग्राफिक डायवर्सिफिकेशन के जरिए वे किसी एक शहर के मार्केट साइकिल पर अपनी निर्भरता को खत्म कर रहे हैं.

MMR से बाहर प्री-सेल्स

  • गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज एस्टेट्स, लोढ़ा डेवलपर्स, शोभा और पूर्वांकरा जैसे बिल्डर्स अपने होम मार्केट पर निर्भरता तेजी से खत्म कर रहे हैं.
  • गोदरेज प्रॉपर्टीज की वित्त वर्ष 2026 की करीब 68 फीसदी प्री-सेल्स उनके होम मार्केट मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के बाहर के शहरों से आई है.
  • वित्त वर्ष 2026 में गोदरेज प्रॉपर्टीज की कुल नई यूनिट सप्लाई में से सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा MMR में था, बाकी 90% देश के दूसरे टॉप शहरों में था.

बड़े बिल्डर्स का जियोग्राफिक डाइवर्सिफिकेशन (FY26)

कंपनीहोम मार्केटहोम मार्केट के बाहर प्री-सेल्स/लॉन्च का हिस्सा
गोदरेज प्रॉपर्टीजमुंबई (MMR)68% प्री-सेल्स MMR के बाहर (नए लॉन्च का 90% हिस्सा बाहर )
प्रेस्टीज एस्टेट्सबेंगलुरु60% प्री-सेल्स बेंगलुरु के बाहर (मुंबई, NCR, हैदराबाद)
लोढ़ा (मैक्रोटेक)मुंबई (MMR)32% प्री-सेल्स MMR के बाहर (पुणे, बेंगलुरु)
DLFदिल्ली-एनसीआर (NCR)मात्र 10% NCR के बाहर (90% प्री-सेल्स केवल NCR से)

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DLF की NCR से 90% प्री-सेल्स

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेस्टीज एस्टेट्स की करीब 60 फीसदी प्री-सेल्स उनके होम मार्केट बेंगलुरु के बाहर के बाजारों जैसे मुंबई, हैदराबाद और एनसीआर से आई है. वित्त वर्ष 2021 में बेंगलुरु की हिस्सेदारी 90 फीसदी थी, जो वित्त वर्ष 2026 में घटकर महज 40 फीसदी रह गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस नेशनल ट्रेंड के उलट, एनसीआर पर फोकस करने वाली कंपनी डीएलएफ अब भी अपने होम मार्केट दिल्ली-एनसीआर पर निर्भर है. डीएलएफ की वित्त वर्ष 2026 की 90% प्री-सेल्स अकेले एनसीआर से आई है. इसके अलावा सिग्नेचर ग्लोबल, ओबरॉय और कीस्टोन भी घरेलू मार्केट पर केंद्रित हैं.

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