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Indore Real Estate: देश के सबसे साफ शहरों की रैंकिंग में लगातार नंबर वन बना रहा इंदौर अब रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट बनकर उभर रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो प्रोजेक्ट और सरकार की कई मजबूत नीतियों के दम पर साल 2024 में इस शहर के प्रॉपर्टी बाजार में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. इसके चलते ये दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम को भी टक्कर दे रहा है. इंदौर न सिर्फ रियल एस्टेट डेवलपर्स की पहली पसंद बन रहा है बल्कि यहां पर किराए से भी तगड़ी कमाई हो रही है.
इंदौर चार साल से देश का सबसे साफ शहर रहा है. इस शहर में स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगा है, जो ट्रैफिक जाम को काम करता है. साथ ही ग्रीन कॉरिडोर और पैदल चलने के लिए खास जोन बनाए जा रहे हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल है. इंदौर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर सबसे ज्यादा निवेश कर रहे हैं. मेट्रो रेल प्रोजेक्ट से शहर के ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है. M3R जैसी नई सड़कों ने शहर के अंदर आवाजाही को बेहद आसान बना दिया है.
इंदौर में रेंटल यील्ड (किराए से होने वाली कमाई) नौ फीसदी या उससे ज्यादा है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है. साथ ही सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम, टैक्स में छूट और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम जैसी कई नीतियां लागू की है. अनुमान के मुताबिक अगले पांच साल में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग 12 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. शहर शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी हब बनकर उभर रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर आ रहे हैं और लोगों की इनकम बढ़ रही है.
युवा प्रोफेशनल भी नौकरी के नए अवसरों के चलते इंदौर की तरफ आ रहे हैं. इससे घरों की डिमांड भी बढ़ रही है. इंदौर के कई इलाकों में घरों की डिमांड सप्लाई से ज्यादा है. ये बाजार की मजबूती का एक बड़ा पैमाना है. साथ ही पैदल चलने और साइकिलिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. इस बेहतरीन कनेक्टिविटी से लोगों के लिए रोज़गार और अन्य सुविधाओं तक पहुंचना आसान हो गया है, जिससे घरों की मांग बढ़ रही है.