खत्म हो गया 1BHK का दौर? मिडिल क्लास को पसंद आ रहे बड़े और खुले फ्लैट्स, देशभर में बढ़ा घरों का औसत साइज

मिडिल क्लास घर खरीदारों में 1BHK का क्रेज खत्म होता जा रहा है. अब घर खरीदार बड़े और खुले घरों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.
खत्म हो गया 1BHK का दौर? मिडिल क्लास को पसंद आ रहे बड़े और खुले फ्लैट्स, देशभर में बढ़ा घरों का औसत साइज

देशभर के प्रमुख शहरों में फ्लैट्स का यूनिट साइज बढ़ा (प्रतीकात्मक इमेज/AI/Gemini)

देश में घर खरीदारों, खासकर मिडिल क्लास के घर खरीदने का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. लोग अब छोटे और तंग 1BHK फ्लैट्स की जगह बड़े और खुले घरों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. ब्रोकरेज हाउस नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रियल एस्टेट रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के प्रमुख शहरों में फ्लैट्स के यूनिट साइज और कुल कीमत (टिकट साइज) में भारी उछाल दर्ज किया गया है. हालांकि, रियल एस्टेट डेवलपर्स के लग्जरी सेगमेंट पर ज्यादा फोकस करने के कारण ओवरऑल बिक्री की स्पीड थोड़ी सुस्त पड़ गई है.

यूनिट साइज में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक प्रॉपर्टी मार्केट में मकान के आकार (यूनिट साइज) में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है.

6-10% तक का उछाल

  • अप्रैल 2026 के दौरान देश के ज्यादातर प्रमुख शहरों में घरों के यूनिट साइज में सालाना आधार (YoY) पर 6 फीसदी से 10 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला है.
  • सबसे ज्यादा बड़े घरों की मांग महाराष्ट्र में देखी गई है, जहां अप्रैल 2026 में यूनिट साइज में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
  • पूरे देश में जहां बड़े घरों का ट्रेंड हावी रहा, वहीं हैदराबाद और कोलकाता के रियल एस्टेट मार्केट में इससे उलट रुझान देखने को मिला है.
  • कोलकाता और हैदराबाद में अप्रैल 2026 के दौरान घरों के औसत यूनिट साइज में सालाना आधार पर 3 से 5% की गिरावट आई है.

प्रमुख शहरों में औसत यूनिट साइज में बदलाव (अप्रैल 2026)

Unit Size

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सोर्स: Nuvama Institutional Equities Report

टिकट साइज पर पड़ा असर

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिट साइज के बढ़ने का असर घर खरीदने में खर्च होने वाली कुल रकम यानी टिकट साइज पर पड़ा है.

40% की भारी बढ़ोतरी

  • रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई के मार्केट में टिकट साइज में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा 40 फीसदी की भारी-भरकम वृद्धि दर्ज की गई है.
  • दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में टिकट साइज सालाना आधार पर 21 फीसदी से 24 फीसदी तक बढ़ गया है.
  • नुवामा की रिपोर्ट में मिडिल क्लास के लिए राहत है. ब्रोकरेज ने साफ माना है कि हाउसिंग वॉल्यूम तब तक सुस्त बनी रहेगी, जब तक डेवलपर्स मिड इनकम सेगमेंट को टारगेट नहीं बनाते हैं.

प्रमुख शहरों का औसत टिकट साइज (अप्रैल 2026)

शहरऔसत टिकट साइज (मिलियन रुपये में)
दिल्ली-एनसीआर38 मिलियन रुपये (3.8 करोड़ रुपए)
बेंगलुरु18-19 मिलियन रुपये (1.8-1.9 करोड़ रुपए)
हैदराबाद18-19 मिलियन रुपये (1.8-1.9 करोड़ रुपए)
मुंबई15 मिलियन रुपये (1.5 करोड़ रुपए)
चेन्नई15 मिलियन रुपये (1.5 करोड़ रुपए)
पुणे10-11 मिलियन रुपये (1-1.1 करोड़ रुपए)
कोलकाता10-11 मिलियन रुपये (1-1.1 करोड़ रुपए)

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मिड सेगमेंट पर करना होगा फोकस

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में दोहराया है कि डेवलपर्स को लग्जरी घरों पर अपना फोकस कम करके एक बार फिर मिड इनकम और प्रीमियम हाउसिंग की तरफ रुख करना होगा. डेवलपर्स को टिकट साइज और कीमतें दोनों को सुधारने पर काम करना ही होगा. वहीं, ब्रोकरेज ने यह भी अनुमान लगाया है कि घरों की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ेगी. कीमत में यह बढ़ोतरी अब केवल सिंगल डिजिट तक ही सीमित रह सकती है.

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