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देशभर के प्रमुख शहरों में फ्लैट्स का यूनिट साइज बढ़ा (प्रतीकात्मक इमेज/AI/Gemini)
देश में घर खरीदारों, खासकर मिडिल क्लास के घर खरीदने का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. लोग अब छोटे और तंग 1BHK फ्लैट्स की जगह बड़े और खुले घरों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. ब्रोकरेज हाउस नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रियल एस्टेट रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के प्रमुख शहरों में फ्लैट्स के यूनिट साइज और कुल कीमत (टिकट साइज) में भारी उछाल दर्ज किया गया है. हालांकि, रियल एस्टेट डेवलपर्स के लग्जरी सेगमेंट पर ज्यादा फोकस करने के कारण ओवरऑल बिक्री की स्पीड थोड़ी सुस्त पड़ गई है.
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक प्रॉपर्टी मार्केट में मकान के आकार (यूनिट साइज) में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है.
6-10% तक का उछाल
प्रमुख शहरों में औसत यूनिट साइज में बदलाव (अप्रैल 2026)


सोर्स: Nuvama Institutional Equities Report
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिट साइज के बढ़ने का असर घर खरीदने में खर्च होने वाली कुल रकम यानी टिकट साइज पर पड़ा है.
40% की भारी बढ़ोतरी
प्रमुख शहरों का औसत टिकट साइज (अप्रैल 2026)
| शहर | औसत टिकट साइज (मिलियन रुपये में) |
| दिल्ली-एनसीआर | 38 मिलियन रुपये (3.8 करोड़ रुपए) |
| बेंगलुरु | 18-19 मिलियन रुपये (1.8-1.9 करोड़ रुपए) |
| हैदराबाद | 18-19 मिलियन रुपये (1.8-1.9 करोड़ रुपए) |
| मुंबई | 15 मिलियन रुपये (1.5 करोड़ रुपए) |
| चेन्नई | 15 मिलियन रुपये (1.5 करोड़ रुपए) |
| पुणे | 10-11 मिलियन रुपये (1-1.1 करोड़ रुपए) |
| कोलकाता | 10-11 मिलियन रुपये (1-1.1 करोड़ रुपए) |
ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में दोहराया है कि डेवलपर्स को लग्जरी घरों पर अपना फोकस कम करके एक बार फिर मिड इनकम और प्रीमियम हाउसिंग की तरफ रुख करना होगा. डेवलपर्स को टिकट साइज और कीमतें दोनों को सुधारने पर काम करना ही होगा. वहीं, ब्रोकरेज ने यह भी अनुमान लगाया है कि घरों की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ेगी. कीमत में यह बढ़ोतरी अब केवल सिंगल डिजिट तक ही सीमित रह सकती है.