&format=webp&quality=medium)
महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MahaRERA) ने घर खरीदने वालों को बड़ी राहत देते हुए साल 2025 में रिकॉर्ड संख्या में शिकायतों का निपटारा किया है.असल में अथॉरिटी ने एक साल के अंदर 6,945 शिकायतों का समाधान किया, जबकि इस दौरान 5,073 नई शिकायतें दर्ज हुई थीं.असल में MahaRERA के मुताबिक, पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की लगातार कोशिश की जा रही है.तो इसी का असर है कि पिछले दो साल में शिकायतों के निपटारे की रफ्तार पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है.
पहले के सालों की तुलना में पिछले दो साल में बड़ी संख्या में घर खरीदारों की शिकायतों का समाधान किया गया है.
MahaRERA के शुरुआती 10 सालों में से पहले 7 साल के दौरान शिकायतों के निपटारे की दर करीब 50% से 70% के बीच थी.
वैसे पिछले दो साल में यह दर बढ़कर रिकॉर्ड 127% तक पहुंच गई है.
जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच MahaRERA ने 137% शिकायत निपटान दर हासिल की, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
2024 का आंकड़ा
दर्ज शिकायतें: 3,868
निपटाई गई शिकायतें: 4,775
निपटान दर: 123%
2025 का आंकड़ा
दर्ज शिकायतें: 5,073
निपटाई गई शिकायतें: 6,945
निपटान दर: 137%
पिछले दो साल का औसत शिकायत निपटान दर 127% रहा है.

MahaRERA की स्थापना मई 2017 में रियल एस्टेट सेक्टर को रेगुलेट करने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए की गई थी.
शुरुआती 7 सालों में 23,854 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें से 14,902 मामलों का निपटारा किया गया, उस समय निपटान दर 50–70% के बीच थी.
वहीं पिछले दो साल में 10,235 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि 13,003 शिकायतों का समाधान किया गया.
अक्सर घर खरीदने वाले लोग अपनी लाइफ की सारी बचत लगाकर घर लेते हैं. लेकिन कई प्रोजेक्ट्स में पजेशन में देरी, खराब निर्माण क्वालिटी या वादे के मुताबिक सुविधाएं न मिलने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. तो ऐसे मामलों में घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना MahaRERA की जिम्मेदारी होती है. MahaRERA के चेयरमैन मनोज सौनिक, सदस्य महेश पाठक और रविंद्र देशपांडे ने शिकायतों की सुनवाई की रफ्तार बढ़ाने की योजना बनाई, जिसकी वजह से कई पुराने मामले भी साफ हो पाए.

MahaRERA का टारगेट है कि फ्यूचर में घर खरीदारों की शिकायतें कम से कम हों और प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों. असल में इसके लिए अब प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन के समय ही कानूनी, फाइनेंशियल और तकनीकी पहलुओं की कड़ी जांच की जा रही है. इसने इसके लिए तीन अलग-अलग विशेषज्ञ समूह बनाए हैं, जो हर प्रोजेक्ट की गहराई से जांच करते हैं. जब तक सभी नियम पूरे नहीं होते, तब तक किसी भी प्रोजेक्ट को MahaRERA रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं दिया जाता.
MahaRERA ने घर खरीदारों से अपील की है कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले उसकी सभी जानकारी और दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और समझें,तो इससे भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है.
FAQs
1. MahaRERA क्या है?
MahaRERA महाराष्ट्र की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी है, जो घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को रेगुलेट करने का काम करती है
2. 2025 में MahaRERA ने कितनी शिकायतें निपटाईं?
साल 2025 में MahaRERA ने कुल 6,945 शिकायतों का समाधान किया, जबकि 5,073 नई शिकायतें दर्ज हुई थीं
3. MahaRERA की शिकायत निपटान दर कितनी रही?
2025 में शिकायत निपटान दर 137% रही, जो अब तक का रिकॉर्ड है
4. घर खरीदार MahaRERA में शिकायत क्यों करते हैं?
आमतौर पर पजेशन में देरी, खराब निर्माण गुणवत्ता या वादा की गई सुविधाएं न मिलने पर घर खरीदार MahaRERA में शिकायत दर्ज करते हैं
5. MahaRERA का मुख्य लक्ष्य क्या है?
MahaRERA का लक्ष्य घर खरीदारों के निवेश को सुरक्षित रखना, प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना और भविष्य में शिकायतों को कम करना है
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)