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महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (महा-रेरा) ने होमबायर्स को सशक्त करने के मकसद से एक और अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब से नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारी बुलेट पॉइंट्स में दी जाएगी, ताकि जानकारी पढ़ने में आसान हो और होमबायर्स को एक नजर में जरूरी डिटेल्स मिल सकें. अब तक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में केवल प्रोजेक्ट और प्रमोटर का नाम और पता एक लाइन में लिखा होता था. महा-रेरा वेबसाइट पर जब भी कोई खरीदार प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर जानकारी खोजेगा, तो पहले ही पेज पर सर्टिफिकेट की लिंक दिखाई देगी. इससे जानकारी तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी.
प्रोजेक्ट के जीवनचक्र में कोई भी बदलाव जैसे डेडलाइन का विस्तार, डेवलपर में परिवर्तन, संयुक्त उद्यम (JV) की घोषणा या कोई भी कानूनी-संशोधन — ये सभी अपडेट अब संशोधित रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में दिखाए जाएंगे. इसके अलावा महा-रेरा पहले ही यह निर्देश दे चुकी है कि प्रोजेक्ट के विज्ञापनों में रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ एक QR कोड देना अनिवार्य होगा, जिसे स्कैन करके कोई भी उपभोक्ता सीधे प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारी देख सकता है. साथ ही, प्रोजेक्ट वेबसाइट और साइट पर सर्टिफिकेट को प्रमुखता से प्रदर्शित करना भी अनिवार्य है.
महा-रेरा ने पहले भी कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं जैसे: Standardised Agreement for Sale और Allotment Letter की अनिवार्यता, पार्किंग स्लॉट के आयाम (लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई) का साफ उल्लेख और सभी सुविधाओं और उनके डिलीवरी टाइमलाइन की अनिवार्य जानकारी देनी होगी. इन सभी प्रयासों का मकसद यही है कि होमबायर को धोखाधड़ी से बचाया जा सके और उसे कानूनी रूप से सशक्त किया जाए.
महा-रेरा अध्यक्ष मनोज सौनिक ने कहा, "संपत्ति खरीदना अधिकांश लोगों के जीवन की सबसे बड़ी वित्तीय निवेश होती है. इसलिए इस निवेश को सुरक्षित रखने के लिए महा-रेरा लगातार प्रयासरत है. हमने रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने से पहले अब कानूनी, वित्तीय और तकनीकी जांच अनिवार्य कर दी है. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में प्रमुख विवरणों का उल्लेख करके हम चाहते हैं कि होमबायर अच्छी तरह समझकर और कानूनी जानकारी जांचकर ही निर्णय लें. पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य है."