&format=webp&quality=medium)
Mumbai Property Registration: मुंबई में घरों की बिक्री में एक बार फिर रिकॉर्ड तेजी देखने को मिला है. मार्च 2025 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए मुंबई में 15,603 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए हैं जिससे राज्य सरकार को 1,597 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी हासिल हुई है, बीते साल के मुकाबले यानि साल-दर-साल स्टांप ड्यूटी कलेक्शन में 42% की वृद्धि दर्ज की गई है. बीते साल यानि मार्च 2024 में ये आंकड़ा ₹1123 करोड़ रहा था. वहीं प्रॉपर्टी रजिट्रेशन की तुलना बीते साल से करें तो ये सालाना 10.3% अधिक है, मार्च 2024 में 14,149 घर बिके थे.
गौर करने वाली बात ये है कि मार्च 2025 में डेली स्टाम्प ड्यूटी कलेक्शन ₹52 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि अप्रैल 2024 में यह ₹35 करोड़ था. दूसरी ओर डेली प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन भी 388 यूनिट से बढ़कर 503 तक पहुंच गया. Knight Frank India की रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शंस और मजबूत आर्थिक माहौल मुख्य कारण रहे हैं.
मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के आंकड़े दर्शा रहे हैं कि लग्जरी और अल्ट्रा लग्जरी घरों की मांग में लगातार बढ़ोतरी जारी है. मार्च 2025 में, ₹2 करोड़ और उससे अधिक कीमत की प्रॉपर्टीज का रिजस्ट्रेशन 19 फीसदी तक पहुंच गया, जो कि बीते साल यानि मार्च 2024 में यह 17 फीसदी था. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में मिड और अपर मिड सेगमेंट का यानि ₹50 लाख से ₹2 करोड़ तक की कीमत के घरों का हिस्सा सबसे अधिक है.
मार्च 2024 में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में इनका हिस्सा 52% जो इस बार यानि मार्च 2025 में मामूली रूप से बढ़कर 54% हो गया है. अफोर्डेबल घरों का बाजार लगातार गिरता दिख रहा है. ₹50 लाख से कम कीमत वाले घरों का रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 1.6% कम हुआ है. मार्च 2024 में सस्ते घरो का हिस्सा 30 फीसदी था जो मार्च 2025 में घटकर 28 फीसदी हो गया है. बिक्री हो या फिर नए लॉन्च सस्ते घरों का बाजार लगातार गिरता हुआ नजर आ रहा है.

कोविड के बाद से भारतीयर रियल एस्टेट में एक ट्रेंड जो लगातार जारी है वो है बड़े घरों का. लोग अब बड़े घरों की प्राथमिकता दे रहे हैं. लिहाजा छोटे घरों की तुलना में बड़े अपार्टमेंट्स की मांग बढ़ रही है. इसके उलट 500 वर्ग फुट से छोटे अपार्टमेंट्स की बिक्री घटी है. जबकि मिड साइज घर यानि 500- 1,000 वर्ग फुट साइज के घर सबसे अधिक डिमांड में हैं. मुंबई मार्च 2025 हुए रजिस्ट्रेशन का आंकलन करें तो इस कैटेगरी का कुल रजिस्ट्रेशन में 53% हिस्सा है. इसके बाद 500 वर्ग फुट तक के 33% घर रजिस्टर हुए हैं.
बड़े साइज के घर यानि 1000-2000 वर्ग फुट के घरों का कुल रजिस्ट्रेशन में 11% हिस्सा है और 2000 वर्ग फुट से बड़े घरों का हिस्सा महज 3% है लेकिन रेवेन्यु कलेक्शन में ये काफी बड़ी भूमिका निभाते हैं.

कहा जाता है सबसे शानदार रिटर्न देने वाली प्रॉपर्टी के तीन रूल हैं, लोकेशन-लोकेशन-लोकेशन. इस रूल के हिसाब से और रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के मुताबिक घटने के बाद भी वेस्टर्न सबर्ब सबसे पसंदीदा लोकेशन बनी हुई है. कुल रजिस्ट्रेशन में वेस्टर्न सबर्ब का 44 फीसदी हिस्सा है जो बीते साल इसी दौरान 55% था. यानि अंधेरी, बांद्रा, विलेपार्ले, सांताक्रूज, गोरेगांव, जोगेश्वरी, जूहू, कांदीवली, खार समेत वेस्टर्न सबर्ब में सबसे अधिक घर खरीदे गए हैं. इसके बाद सेंट्रल सबर्ब में रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा बढ़ा है.
सेंट्रल सबर्ब में परेल, वर्ली, प्रभादेवी, शिवड़ी जैसे इलाके आते हैं. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में सेंट्रल सबर्ब का 34% हिस्सा है जो कि मार्च 2024 में 29% था. इस तरह से देखें तो मुंबई में प्रॉपर्टी बिक्री का 78% हिस्सा वेस्टर्न और सेंट्रल सबर्ब में दर्ज किया गया. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में आई ये तेजी साफ संकेत दे रही है कि सपनों के शहर मुंबई में घर खरीदने के सपने को लोग लगातार साकार करने में लगे हैं. हालांकि ये तेजी अपर सेगमेंट में तो जारी है लेकिन लोअर सेगमेंट लगातार गिरावट की मार झेल रहा है. प्रॉपर्टी एक्सपर्ट का इस ट्रेंड को लेकर सकारात्म रुख नहीं है.