अब मकान मालिक की खैर नहीं! सिक्योरिटी डिपॉजिट हड़प लिया तो एक-एक पैसा ऐसे वसूलें, जानें A to Z तरीका

अगर आप किराए के घर में शिफ्ट हो रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जिससे आने वाले कल में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
अब मकान मालिक की खैर नहीं! सिक्योरिटी डिपॉजिट हड़प लिया तो एक-एक पैसा ऐसे वसूलें, जानें A to Z तरीका

देश में लाखों लोग किराए के घरों में रहते हैं. किराए पर रहने वाले लोग अक्सर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस ना मिलने की समस्या से जूझते रहते हैं.जबकि कानून इसके लिए मकान मालिक को बाध्य करता है.जी हां किराएदार के हक के कुछ नियम होते हैं जिनको मकानमालिक को मानना ही होता है.

तो अगर किरायेदार ने मकान को बिना किसा प्रकार के नुकसान पहुंचाए सही हालत में लौटाया है, तो डिपॉजिट रोकना गैरकानूनी होता है. अगर कोई मकान मालिक फिर भी सिक्योरिटी नहीं देता है तो ऐसे मामलों में किरायेदार उपभोक्ता फोरम या स्थानीय रेंट अथॉरिटी में शिकायत दर्ज कर सकता है.बस किरायेदारी का लिखित एग्रीमेंट होना जरूरी है, ताकि सबूत के तौर पर उसे पेश किया जा सके.

रेंट एग्रीमेंट को क्यों पढ़ना है जरूरी

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किरायदार के लिए जरूरी है कि घर किराए पर लेने से पहले रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़े. हमेशा रेंट एग्रीमेंट साफ और लिखना होना चाहिए, जिसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि, कटौती की शर्तें और रिफंड की पूरी प्रक्रिया मेंशन हो.ऐसा होने से जब आप मकान खाली करें, तो मकान मालिक से रसीद लेना भी ना भूलें,जिसमें लौटाई गई राशि के बार में साफ-साफ लिखा होगा.ऐसा करने से आप खुद को विवाद से बचा सकते हैं.

किरायेदारों के कानूनी अधिकार: जानिए क्या है आपका हक

आपको बता दें कि भारत के हर राज्य में रेंट कंट्रोल एक्ट अलग हो सकता है, लेकिन अधिकतर कानून किरायेदार को सुरक्षा देने का काम ही करते हैं. मकान मालिक आमतौर पर 1 से 3 महीने के किराए के बराबर सिक्योरिटी डिपॉजिट लेते हैं, जिसको किराएदार को सही स्थिति में घर खाली करने पर लौटाना जरूरी होता है.

अगर मकान मालिक डिपॉजिट नहीं लौटाता है, तो किरायेदार इन कानूनी उपायों का सहारा ले सकते हैं.

-स्थानीय रेंट अथॉरिटी में अपील करें– कई राज्यों में विशेष रेंट कोर्ट होती है जो ऐसे मामलों को जल्द सुलझाने का काम करती हैं.
-आप किसी वकील की मदद से लीगल नोटिस भेजें– नोटस सेमकान मालिक पर कानूनी दबाव बनाया जा सकता है.
-एविडेंस संभाल कर रखें– रेंट एग्रीमेंट, बैंक ट्रांजैक्शन, मैसेजेस और फोटो आदि आपके पक्ष में साक्ष्य बन सकते हैं.

किरायेदारों के लिए जरूरी कानूनी प्रावधान

अगर सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने में मकान मालिक आनाकानी करता है, तो किरायेदार इन महत्वपूर्ण कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकते हैं:

अगर सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने मकान मालिक परेशानी कर रहा है तो Indian Contract Act, 1872,Consumer Protection Act, 2019,Negotiable Instruments Act, 1881 आदि के जरिए आप कानून का सहारा लेकर एक्शन ले सकते हैं.

तो घर किराए पर लेने से पहले घर की स्थिति की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग करें ताकि बाद में मकान मालिक कोई झूठा आरोप न लगा सके.आप हमेशा किराया, डिपॉजिट या मरम्मत के किसी भी खर्च का डिजिटल या लिखित प्रमाण जरूर रखें.

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