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Jewar Airport Real Estate: एनसीआर के विकास को अब नई उड़ान मिलने वाली है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) इसी साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है, और इसका असर पूरे रीजन के बिजनेस और रियल एस्टेट सेक्टर पर दिखने लगा है. खासतौर पर फरीदाबाद, जो अब तक दिल्ली और गुरुग्राम के साए में दबा था, अब जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बदौलत नया कारोबारी हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. जहां एक ओर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर इन तीनों क्षेत्रों में व्यापार, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, स्टार्टअप्स और रियल एस्टेट की रफ्तार भी तेज़ होने की उम्मीद है.
कम प्रॉपर्टी रेट, इंडस्ट्रियल बेस और अब बेहतर कनेक्टिविटी – इन तीनों वजहों से फरीदाबाद में निवेशकों और कंपनियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है. ओमैक्स ग्रुप के एमडी, मोहित गोयल का कहना है कि "फरीदाबाद की लोकेशन अब और अहम हो गई है क्योंकि प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे इसे सीधे एयरपोर्ट से जोड़ेगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे एनसीआर के लिए एक गेमचेंजर है, लेकिन इसका सबसे असरदार फायदा फरीदाबाद को मिल रहा है. खासकर सेक्टर 79 जैसे क्षेत्रों में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा है. "
मोहित गोयल के मुताबिक फरीदाबाद की लोकेशन, इंडस्ट्रियल बेस और अब एयरपोर्ट कनेक्टिविटी इसे एक नया बिजनेस और रियल एस्टेट हब बना रहे हैं. हम फरीदाबाद में हाई-स्ट्रीट रिटेल, मल्टी-यूज़ कॉम्प्लेक्स और नए कमर्शियल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. एयरपोर्ट चालू होते ही यह इलाका निवेशकों की पहली पसंद बन जाएगा."
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर अनुमान है कि इसके शुरू होने के बाद सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों नौकरियां पैदा होंगी. खासकर लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट और स्टार्टअप सेक्टर में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा. इसका असर सिर्फ नोएडा या ग्रेटर नोएडा ही नहीं, बल्कि फरीदाबाद की इकोनॉमी पर भी पड़ेगा, जिससे वहां के रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में भी नई जान आएगी.
एनारॉक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की पहली छमाही में फरीदाबाद में 6,200 आवासीय इकाइयों की बिक्री दर्ज हुई, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय उछाल है. वहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा मिलाकर करीब 14,000 यूनिट्स बिकीं. आने वाले दो से तीन सालों में जेवर एयरपोर्ट, लिंक एक्सप्रेसवे और स्मार्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स के कारण इन शहरों में प्रॉपर्टी रेट्स में 30% से 50% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.
ग्रुप 108 के मैनेजिंग डायरेक्टर, संचित भूटानी का कहना है कि “जेवर एयरपोर्ट के लॉन्च के साथ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सिर्फ हवाई कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि व्यापार, आवास और रियल एस्टेट क्षेत्र में भी एक नए युग की शुरुआत होगी. आने वाले 3 से 5 वर्षों में इन दोनों शहरों में एक त्रिकोणीय ग्रोथ जोन उभरकर सामने आएगा, जो न सिर्फ निवेशकों के लिए आकर्षक होगा, बल्कि इन क्षेत्रों को एक प्रमुख कारोबारी हब में बदल देगा. हम नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रीमियम कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को लेकर बड़ी योजनाओं पर काम कर रहे हैं, ताकि इन शहरों में अधिक निवेश और विकास को बढ़ावा मिल सके."
जेवर एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा और नोएडा को कारोबार के लिए एक मजबूत केंद्र बनाने जा रहा है. एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में ऑफिस, दुकानें और बिजनेस पार्क तेजी से बन रहे हैं, जिससे साफ है कि कंपनियों और दुकानदारों की दिलचस्पी इस इलाके में बढ़ रही है. एयरपोर्ट के आसपास का ये इलाका अब तेजी से बढ़ते कमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट में बदल रहा है, जिससे निवेश करने वालों को अच्छे मौके मिल सकते हैं.
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर, संजय शर्मा का कहना है कि “आज के निवेशक सिर्फ लोकेशन या कीमत को ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों की जीवनशैली, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसरों को भी महत्व देते हैं. जेवर एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इन सभी पहलुओं को और भी मजबूत कर रहे हैं. आने वाले वर्षों में, इन क्षेत्रों में आवासीय और कमर्शियल परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी, और हम भी इन शहरों में प्रीमियम प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं."