DLF बनी देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी, 150 Realty कंपनियों की कुल कीमत 16 लाख करोड़ रुपए पार!

Indian Real Estate Sector: साल 2025 में देश की टॉप 5 रियल एस्टेट कंपनियों का मूल्य 1.9 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया है. 2025 ग्रोह-हुरुन इंडियन रियल एस्टेट 150 रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. जानिए क्या कहती है रिपोर्ट.
DLF बनी देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी, 150 Realty कंपनियों की कुल कीमत 16 लाख करोड़ रुपए पार!

Indian Real Estate Sector: साल 2025 में देश के रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ में ब्रेक लगा है, लेकिन देश की टॉप 150 कंपनियों का मूल्य 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपए ($188bn) हो गया है. '2025 ग्रोह-हुरुन इंडियन रियल एस्टेट 150' रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक इस साल रियल्टी सेक्टर की वैल्यू में महज 14 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. जबकि, पिछले साल ये 70 फीसदी थी. रिपोर्ट के मुताबिक DLF 2 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन के साथ देश की सबसे वैल्यूएबल रियल्टी कंपनी बन गई है.

टॉप पांच कंपनियों की लिस्ट

2025 ग्रोह-हुरुन इंडियन रियल एस्टेट 150' के मुताबिक DLF के बाद दूसरे नंबर पर ₹1.4 लाख करोड़ के साथ लोढ़ा डेवलपर्स ) और ₹1.1 लाख करोड़ वैल्यूएशन के साथ तीसरे नंबर पर इंडियन होटल्स कंपनी (ताज ग्रुप) है . इस साल लिस्ट में 63 नई कंपनियों ने भी जगह बनाई है, जिनमें से 29 सीधे टॉप 100 में शामिल हुई है. साथ ही, टॉप 150 में से 33 कंपनियां अब प्रोफेशनल सीईओ द्वारा चलाई जा रही है, जो फाउंडर फैमिली से नहीं है.

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रैंककंपनीवैल्यू (INR करोड़ में)बदलाव (%)शहर
1DLF₹ 2,07,4002.60%गुरुग्राम
2लोढ़ा डेवलपर्स₹ 1,38,2001.10%मुंबई
3इंडियन होटल्स कंपनी₹ 1,08,30036.80%मुंबई
4प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स₹ 71,50011.80%बेंगलुरु
5गोदरेज प्रॉपर्टीज₹ 70,600-8.60%मुंबई

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में उभार

रिपोर्ट के मुताबिक इस साल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जबरदस्त उभार देखने को मिला है. इंडियन होटल्स और रितेश अग्रवाल की OYO ने पहली बॉर लिस्ट में टॉप 15 में जगह बनाई है. लिस्ट में 22 हॉस्पिटैलिटी कंपनियां शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 2.7 लाख करोड़ रुपए है. वहीं, मुंबई 42 कंपनियों के साथ देश के रियल एस्टेट की राजधानी भी बना हुआ है. हालांकि, इस बार बेंगलुरु (23 कंपनियां), नई दिल्ली (16 कंपनियां), हैदराबाद और पुणे (13-13 कंपनियां) जैसे शहर तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है. इन पांच शहरों में टॉप 150 कंपनियों में से 71 फीसदी कंपनियां हैं.

भारत के टॉप रियल एस्टेट शहर (2025)

रैंकशहरकंपनियों की संख्याकुल मूल्य (करोड़ रु में)प्रमुख कंपनीमूल्य (करोड़ रु में)
1मुंबई42(+9)6,96,800लोढ़ा डेवलपर्स1,38,200
2बेंगलुरु23(+8)1,97,400प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स71,500
3नई दिल्ली16(+1)89,700ईआईएच (EIH)23,200
4हैदराबाद13(+7)93,700अपर्णा कंस्ट्रक्शन्स एंड एस्टेट्स37,400
4पुणे13(+9)44,800वेंटिव हॉस्पिटैलिटी16,000
6गुरुग्राम12(+2)3,23,300डीएलएफ (DLF)2,07,400
7चेन्नई7(+4)16,300कैसाग्रैंड5,400
8अहमदाबाद5(+1)68,300अडानी रियल्टी52,400
8नोएडा5(+1)21,300मैक्स एस्टेट्स8,100
10कोलकाता4*11,100पीएस ग्रुप रियल्टी3,700

1.4 लाख करोड़ रुपए का जोड़ा मूल्य

हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर, अनस रहमान जुनैद के मुताबिक, "2025 ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट 150 एक ऐसे सेक्टर की तस्वीर को पेश करता है, जो उल्लेखनीय तौर पर वापसी कर रहा है. वैश्विक संघर्षों और लागत के दबाव के कारण शुरुआती उथल-पुथल रही है. इसके बावजूद उद्योग ने 1.4 लाख करोड़ रुपए का मूल्य जोड़ा है. इसका नेतृत्व अप्रैल के बाद तेज रिकवरी ने किया है. DLF, प्रेस्टीज और आनंद राज जैसी कंपनियों ने सिर्फ 2 महीनों में 20 फीसदी से ज्यादा की वापसी की है."

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दूसरे राज्यों में निवेश कर रही कंपनियां

अनस रहमान जुनैद के मुताबिक, "रियल एस्टेट कंपनियां सिर्फ अपने राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, 60 फीसदी कंपनियां अपने होमटाउन के बाहर भी काम करती हैं, और 17 कंपनियां तो दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुकी है. इस साल लिस्ट में 63 नई कंपनियां शामिल हुई हैं, जिनमें से 29 तो सीधे टॉप 100 में आ गई हैं. इससे पहता चलता है कि सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है. वहीं, सेक्टर पहले से ज्यादा युवा और प्रोफेशनल हो रहा है. कंपनियों की औसत उम्र घटकर 34 साल हो गई है. साथ ही टॉप 150 में से 33 कंपनियों को अब मालिक नहीं बल्कि पेशेवर सीईओ चला रहे हैं."

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