इस इस्लमिक देश में जमकर घर क्यों खरीद रहे हैं भारतीय लोग, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

भारतीय अमीर निवेशक (HNIs) दुबई के लग्जरी हाउसिंग मार्केट में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं. टैक्स फ्री माहौल, भारत से नज़दीकी और बढ़ती प्रॉपर्टी वैल्यू इसकी बड़ी वजह है. इस साल भारतीय खरीदार तीसरे सबसे बड़े समूह बने. दुबई के प्रोजेक्ट्स में विशेष रूप से वास्तु और बड़े हॉल जैसी मांग बढ़ रही है.
इस इस्लमिक देश में जमकर घर क्यों खरीद रहे हैं भारतीय लोग, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

दुबई का रियल एस्टेट सेक्टर इन दिनों अमीर भारतीयों (HNIs) की पहली पसंद बन गया है. खासतौर पर वे भारतीय जो लग्जरी प्रॉपर्टीज़ में निवेश करना चाहते हैं. टैक्स फ्री माहौल, भारत से नज़दीकी और तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी वैल्यू की वजह से भारतीय अमीर लोग अब दुबई में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत वाले घर खरीदने में पीछे नहीं हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से जून के बीच भारतीय खरीदार दुबई के लग्जरी होम्स मार्केट में तीसरे सबसे बड़े निवेशक बने. उनसे आगे सिर्फ ब्रिटिश और यूरोपियन निवेशक हैं.

दुबई के लग्जरी होम्स की मांग क्यों बढ़ रही है?

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दुबई हमेशा से सितारों और अमीरों की पहली पसंद रहा है. यहां टैक्स की कोई झंझट नहीं है और खरीदार को सिर्फ प्रॉपर्टी की कुल कीमत का 4% दुबई लैंड डिपार्टमेंट को शुल्क के रूप में देना होता है. न तो यहां लंबी अवधि का कैपिटल गेन टैक्स है और न ही रेंट पर टैक्स देना पड़ता है. यही वजह है कि भारतीय निवेशक इसे प्रॉफिटेबल डील मानते हैं.

भारतीय निवेशकों की खास डिमांड

भारतीय निवेशकों की डिमांड यूरोपियंस से अलग होती है. भारतीय खरीदार बड़े हॉल, बैक किचन और वास्तु के हिसाब से बने घर चाहते हैं. वहीं यूरोपियन खरीदार टी.वी. रूम से संतुष्ट हो जाते हैं. दूसरी तरफ, कुछ भारतीय निवेशक बेडरूम की संख्या कम करके घर में स्टीम रूम, आइस बाथ और अन्य वेलनेस सुविधाएं चाहते हैं.

भारतीय HNIs के लिए दुबई क्यों है खास?

भारत से नज़दीकी - दुबई भारत से सिर्फ 2 घंटे की फ्लाइट पर है.

टैक्स फ्री माहौल - यहां न तो कैपिटल गेन टैक्स है और न ही रेंटल इनकम पर टैक्स.

ग्लोबल कनेक्टिविटी - यूरोप महज 6 घंटे की दूरी पर है.

सुरक्षित माहौल - रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई को दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना जाता है.

लग्जरी सुविधाएं - बीच रेसिडेंस, पेंटहाउस और वेलनेस-केंद्रित प्रॉपर्टीज़ भारतीय निवेशकों को आकर्षित करती हैं.

कीमत और स्पेस का अंतर

Knight Frank की रिपोर्ट बताती है कि दुबई में 1 मिलियन डॉलर में करीब 800 स्क्वायर फीट का प्राइम लग्जरी स्पेस मिल जाता है. वहीं, लंदन में उतनी ही रकम में सिर्फ 360 स्क्वायर फीट का घर मिलता है. यह बड़ा कारण है कि भारतीय HNIs दुबई को बेहतर डील मानते हैं.

बढ़ती कीमतें और कम होती सप्लाई

दुबई के लग्जरी होम्स मार्केट में सप्लाई कम है लेकिन डिमांड लगातार बढ़ रही है. Knight Frank के माइकल हैनसन के मुताबिक, पिछले पांच साल में दुबई की लग्जरी प्रॉपर्टीज़ की कीमतों में 50% से ज्यादा का इज़ाफा हुआ है.

ब्रोकरों के ज़रिए कनेक्ट

हालांकि दुबई में भारतीय HNIs की खरीदारी बढ़ रही है, लेकिन डेवलपर्स के लिए सीधे भारत के इन अमीर ग्राहकों तक पहुंचना आसान नहीं है. इसलिए वे ब्रोकरों के ज़रिए डील करने पर ज़ोर दे रहे हैं.

दुबई के लग्जरी होम्स मार्केट में भारतीय निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है. टैक्स फ्री माहौल, सुरक्षा, भारत से नज़दीकी और बेहतर क्वालिटी ऑफ लाइफ भारतीय HNIs को दुबई की ओर खींच रही है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सालों में भारतीय निवेशक दुबई के लग्जरी हाउसिंग सेक्टर में और बड़ी भूमिका निभाएंगे.

खबर से जुड़े FAQs

Q1. भारतीय निवेशक दुबई में लग्जरी घर क्यों खरीद रहे हैं?

टैक्स फ्री माहौल, भारत से नज़दीकी और लग्जरी सुविधाओं की वजह से.

Q2. दुबई में भारतीय खरीदार किस स्थान पर हैं?

ब्रिटिश और यूरोपियंस के बाद तीसरे स्थान पर.

Q3. दुबई में टैक्स सिस्टम कैसा है?

कोई कैपिटल गेन टैक्स या रेंटल टैक्स नहीं, सिर्फ 4% फीस देनी होती है.

Q4. भारतीय निवेशकों की सबसे बड़ी मांग क्या होती है?

वास्तु के हिसाब से घर, बड़े हॉल और बैक किचन.

Q5. दुबई में लग्जरी प्रॉपर्टी की कीमतें कैसे बढ़ रही हैं?

पिछले पांच सालों में 50% से ज्यादा इज़ाफा हुआ है.

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