छोटे परिवार, बदलते घर! बिल्डर्स का फोकस 1-2BHK फ्लैट्स की तरफ क्यों? एक फैसले ने बदला बाजार!

Indian Real Estate Trend: देश के रियल एस्टेट सेक्टर के ट्रेंड में बदलाव आ रहा है. इसका कारण पारंपरिक जॉइंट फैमिली का ढांचा बदलना है. फिलिप कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक देश के लगभग 70 फीसदी परिवार न्यूक्लीयर हो गए हैं.
छोटे परिवार, बदलते घर! बिल्डर्स का फोकस 1-2BHK फ्लैट्स की तरफ क्यों? एक फैसले ने बदला बाजार!

Indian Real Estate Trend: देश में पारंपरिक जॉइंट फैमिली का ढांचा तेजी से बदल रहा है. ब्रोकरेज फर्म फिलिप कैपिटल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 70 फीसदी परिवार एकल यानी न्यूक्लीयर हो गए हैं. वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 80 फीसदी से भी अधिक है. इस सामाजिक बदलाव का सीधा असर देश के रियल एस्टेट बाजार में पड़ रहा है, जिससे छोटे घरों, खासकर 1 और 2 BHK अपार्टमेंट की डिमांड में भी जबरदस्त उछाल आया है.

ये हैं बदलाव के दो बड़े कारण

फिलिप कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, शहरीकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बदलती लाइफस्टाइल इस बदलाव के पीछे दो अहम कारण हैं: यंग प्रोफेशनल और शादीशुदा जोड़े.

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अलग रहना पसंद

  • युवा प्रोफेशनल्स और शादीशुदा कपल्स अब अपनी प्राइवेसी, सुविधा और ऑफिस से नजदीकी के लिए अलग रहना पसंद कर रहे हैं.
  • इस कारण से व्यक्तिगत हाउसिंग यूनिट्स की जरूरत बढ़ी है, जिससे बिल्डर्स भी अब बड़े बंगलों और जॉइंट फैमिली वाले घरों की जगह छोटे और कॉम्पैक्ट अपार्टमेंट बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

1 BHK और 2 BHK की डिमांड

न्यूक्लियर फैमिली की बढ़ती संख्या ने न सिर्फ 1 या 2 BHK घरों की डिमांड बढ़ाई है, बल्कि गेटेड कम्युनिटी और स्मार्ट, टेक्नोलॉजी वाले घरों की प्राथमिकता भी बढ़ा दी है.

शहरी और सब अर्बन विस्तार को दी गति

  • लोग अब ऐसे घरों को तरजीह दे रहे हैं जहां सुरक्षा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी हो. इस ट्रेंड ने शहरी और सब अर्बन विस्तार को भी गति दी है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक जैसे-जैसे छोटे परिवारों की संख्या बढ़ रही है, शहरों के बाहरी इलाकों में भी जमीन की कीमतें और किराये के अपार्टमेंट की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

शहरों में उपलब्ध घरों का बजट सेगमेंट

शहरकिफायती (< ₹40 लाख)मिड-एंड (₹40-80 लाख)

हाई-एंड (> ₹80 लाख)

NCR32%25%43%
MMR (मुंबई)30%27%43%
बेंगलुरु8%28%64%
पुणे20%46%34%
कोलकाता50%34%16%

रियल एस्टेट की दिशा होगी तय

कुल मिलाकर अब ये साफ है कि भारत में परिवारों का बदलता स्वरूप केवल एक सामाजिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह रियल एस्टेट सेक्टर की दिशा को तय करने वाला अहम प्रमुख आर्थिक कारक बन गया है. ब्रोकरेज की रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि घर खरीदारों की प्राथमिकता में लगातार बदलाव आ रहा है. अब डिमांड केवल बड़े घरों की ही नहीं, एक अच्छी लाइफस्टाइल की भी है. इसमें छोटे, सुरक्षित और तकनीकी तौर से अपग्रेड घर फिट बैठते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: भारत में कितने प्रतिशत परिवार एकल (Nuclear) हैं?

जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 70% परिवार एकल हैं । शहरी क्षेत्रों में यह 80% से अधिक है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 60-65% है.

सवाल: एकल परिवारों की संख्या क्यों बढ़ रही है?

जवाब: इसके मुख्य कारण शहरीकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बदलती सामाजिक मान्यताएं हैं.

सवाल: इस बदलाव का रियल एस्टेट पर सबसे बड़ा असर क्या है?

जवाब: सबसे बड़ा असर 1BHK और 2BHK जैसे छोटे अपार्टमेंट, गेटेड सोसाइटी और स्मार्ट घरों की मांग में तेज वृद्धि है.

सवाल: किन राज्यों में एकल परिवारों की संख्या अधिक है?

जवाब: तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे अधिक शहरीकरण वाले राज्यों में एकल परिवारों का प्रतिशत 75% से भी अधिक है.

सवाल: क्या इस ट्रेंड से किराये का बाजार भी प्रभावित हुआ है?

जवाब: हां, एकल परिवारों के बढ़ने से किराये के घरों और को-लिविंग स्पेस की मांग में भी काफी वृद्धि हुई है.