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Indian Real Estate Trend: देश में पारंपरिक जॉइंट फैमिली का ढांचा तेजी से बदल रहा है. ब्रोकरेज फर्म फिलिप कैपिटल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 70 फीसदी परिवार एकल यानी न्यूक्लीयर हो गए हैं. वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 80 फीसदी से भी अधिक है. इस सामाजिक बदलाव का सीधा असर देश के रियल एस्टेट बाजार में पड़ रहा है, जिससे छोटे घरों, खासकर 1 और 2 BHK अपार्टमेंट की डिमांड में भी जबरदस्त उछाल आया है.
फिलिप कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, शहरीकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बदलती लाइफस्टाइल इस बदलाव के पीछे दो अहम कारण हैं: यंग प्रोफेशनल और शादीशुदा जोड़े.
न्यूक्लियर फैमिली की बढ़ती संख्या ने न सिर्फ 1 या 2 BHK घरों की डिमांड बढ़ाई है, बल्कि गेटेड कम्युनिटी और स्मार्ट, टेक्नोलॉजी वाले घरों की प्राथमिकता भी बढ़ा दी है.
शहरी और सब अर्बन विस्तार को दी गति
| शहर | किफायती (< ₹40 लाख) | मिड-एंड (₹40-80 लाख) | हाई-एंड (> ₹80 लाख) |
| NCR | 32% | 25% | 43% |
| MMR (मुंबई) | 30% | 27% | 43% |
| बेंगलुरु | 8% | 28% | 64% |
| पुणे | 20% | 46% | 34% |
| कोलकाता | 50% | 34% | 16% |
कुल मिलाकर अब ये साफ है कि भारत में परिवारों का बदलता स्वरूप केवल एक सामाजिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह रियल एस्टेट सेक्टर की दिशा को तय करने वाला अहम प्रमुख आर्थिक कारक बन गया है. ब्रोकरेज की रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि घर खरीदारों की प्राथमिकता में लगातार बदलाव आ रहा है. अब डिमांड केवल बड़े घरों की ही नहीं, एक अच्छी लाइफस्टाइल की भी है. इसमें छोटे, सुरक्षित और तकनीकी तौर से अपग्रेड घर फिट बैठते हैं.
सवाल: भारत में कितने प्रतिशत परिवार एकल (Nuclear) हैं?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 70% परिवार एकल हैं । शहरी क्षेत्रों में यह 80% से अधिक है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 60-65% है.
सवाल: एकल परिवारों की संख्या क्यों बढ़ रही है?
जवाब: इसके मुख्य कारण शहरीकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बदलती सामाजिक मान्यताएं हैं.
सवाल: इस बदलाव का रियल एस्टेट पर सबसे बड़ा असर क्या है?
जवाब: सबसे बड़ा असर 1BHK और 2BHK जैसे छोटे अपार्टमेंट, गेटेड सोसाइटी और स्मार्ट घरों की मांग में तेज वृद्धि है.
सवाल: किन राज्यों में एकल परिवारों की संख्या अधिक है?
जवाब: तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे अधिक शहरीकरण वाले राज्यों में एकल परिवारों का प्रतिशत 75% से भी अधिक है.
सवाल: क्या इस ट्रेंड से किराये का बाजार भी प्रभावित हुआ है?
जवाब: हां, एकल परिवारों के बढ़ने से किराये के घरों और को-लिविंग स्पेस की मांग में भी काफी वृद्धि हुई है.