&format=webp&quality=medium)
Indian Real Estate Market: देश का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर से अपनी मजबूती का लोहा मनवा रहा है. मानसून और पितृ पक्ष जैसे पारंपरिक तौर से कमजोर वक्त माने जाने वाले समय के बावजूद, देश के 7 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में तिमाही-दर-तिमाही 1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रियल एस्टेट एडवाइजर कंपनी Anarock की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा बाजार की बुनियादी मजबूती और घर खरीदारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.
Anarock के चैयरमैन, अनुज पुरी के मुताबिक, 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में लगभग 97080 घर बिके हैं. हालांकि, पिछले साल की इसी तिमाही में बिके 1.07 लाख यूनिट्स की तुलना में 9% कम है.
1% बिक्री बढ़ना सकारात्म संकेत
रिपोर्ट में सबसे दिलचस्पी पहलू है कि भले ही बिकने वाले घरों की वॉल्यूम में सालाना आधार पर कमी आई हो, लेकिन उनकी कुल कीमत में 14% का जबरदस्त उछाल आया है.
Q3-2025 vs Q2-2025
| शहर | बिक्री में बदलाव (%) |
| कोलकाता | +17% |
| पुणे | +8% |
| चेन्नई | +6% |
| हैदराबाद | +2% |
| बेंगलुरु | -2% |
| एनसीआर | -2% |
| एमएमआर (मुंबई) | -3% |
तिमाही आधार पर कुछ शहरों ने बिक्री में शानदार प्रदर्शन किया है. कोलकाता में 17 फीसदी और पुणे में 8 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है. दूसरी तरफ चेन्नई में 6 फीसदी की तेजी देखी गई है.
MMR, NCR में मामूली गिरावट
सवाल: 2025 की तीसरी तिमाही में कुल कितने घर बिके?
जवाब: एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 की तीसरी तिमाही में देश के शीर्ष 7 शहरों में लगभग 97,080 घर बिके.
सवाल: श्राद्ध और मानसून के बावजूद बिक्री में तिमाही बढ़ोतरी का क्या मतलब है?
जवाब: यह भारतीय आवास बाजार की मजबूत मांग और लचीलेपन को दर्शाता है, जो पारंपरिक धारणाओं से ऊपर उठकर आगे बढ़ रहा है.
सवाल: क्या सभी प्रमुख शहरों में तिमाही आधार पर बिक्री बढ़ी है?
जवाब: नहीं, यह मिला-जुला रहा। कोलकाता (17%), पुणे (8%), और चेन्नई (6%) जैसे शहरों में बिक्री बढ़ी, जबकि एमएमआर (-3%) और एनसीआर (-2%) में मामूली गिरावट दर्ज की गई.
सवाल: बिके हुए घरों के कुल मूल्य में क्या बदलाव आया है?
जवाब: बिक्री की कुल कीमत सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹1.52 लाख करोड़ हो गई, जो यह बताता है कि इस दौरान महंगे घरों की बिक्री ज्यादा हुई.
सवाल: किस सेगमेंट के घरों की नई सप्लाई सबसे ज्यादा रही?
जवाब: नई सप्लाई में सबसे बड़ी हिस्सेदारी (38%) लक्जरी घरों (>₹1.5 करोड़) की थी.