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Representative Image (AI Generated)
ईरान युद्ध से उपजे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ा है. खासकर कंस्ट्रक्शन सेक्टर को इस संकट ने बुरी तरह से प्रभावित किया है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म Anarock की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस संकट के कारण निर्माण सामग्री की लागत बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. हॉर्मुज में नाकेबंद के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने कंस्ट्रक्शन साइट्स के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है. खासकर कंस्ट्रक्शन क्रेन और मिक्सर के लिए जरूरी डीजल काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा हुआ है.
ब्रेंट क्रूड फिलहाल 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है. केवल मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में ही 300 से ज्यादा टावर और 5500 से ज्यादा हाई राइज इमारतें हैं.
किन सामग्री की कितनी बढ़ी कीमत
| सामग्री/ईंधन | पुरानी दर | नई दर |
| क्रेन-मिक्सर का डीजल (आधार) | - | 100+ डॉलर ब्रेंट क्रूड से जुड़ा |
| मरीन फ्यूल | - | 1 लाख रुपये प्रति टन |
| स्टील | 62,000 रुपये प्रति टन | 72,000 रुपये प्रति टन (लगभग 20% उछाल) |
| एल्युमिनियम | - | लगभग 3.5 लाख रुपये प्रति टन |
सोर्स: Anarock
एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक किफायती और मिड रेंज के घर खरीदार पहले से ही भारी EMI के बोझ तले दबे हुए हैं. आरबीआई ने अपनी अहम दरों को 5.25 फीसदी पर रखा है. होम लोन की ब्याज दरें फिलहाल 7.35% से 13.20% के बीच हैं.
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम
घर खरीदारों पर बढ़ता बोझ
| डीटेल | दर / लागत |
| RBI की प्रमुख दर | 5.25% |
| होम लोन ब्याज दर | 7.35% से 13.20% |
| मिड-टू-लग्जरी औसत निर्माण लागत | 2,780 रुपये प्रति वर्ग फुट (मुंबई/दिल्ली) |
शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. इसका मुख्य कारण था कि अहम यूरोपीय देशों और जापान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मदद की पेशकश की है. साथ ही, अमेरिका ने तेल की सप्लाई बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाने की रूपरेखा पेश की है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 39 संट या 0.4% गिरकर 108.26 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. पूरे हफ्ते के आधार पर देखा जाए तो बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में लगभग 5% की तेजी दर्ज होने का अनुमान है. यह तेजी ईरान द्वारा खाड़ी देश के तेल और गैस ठिकानों पर किए गए हमले के बाद आई है, जिसके कारण प्रोडक्शन कटौती करनी पड़ी है.
सवाल: हॉर्मुज संकट का रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या प्रभाव पड़ा है?
जवाब: हॉर्मुज संकेट के कारण रियल एस्टेट सेक्टर में निर्माण लागत में काफी बढ़ोतरी हो रही है. साथ ही सप्लाई में देरी हो रही है.
सवाल: क्रेन और मिक्सर के डीजल का भाव किससे जुड़ा हुआ है?
जवाब: क्रेन और मिक्स का डीजल 100 डॉलर से ज्यादा के ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत से भारी तौर से जुड़ा हुआ है.
सवाल: किन शहरों के रियल एस्टेट में कच्चे तेल के बढ़ते दाम का सबसे ज्यादा असर होगा?
जवाब: कच्चे तेल के प्राइस शॉक का सीधा असर मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद जैसे हाई राइज सेंटर्ड शहरों की कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पड़ेगा.
सवाल: मरीन फ्यूल की कीमत कहां तक पहुंच गई है?
जवाब: मरीन फ्यूल की कीमत अब लगभग 1 लाख रुपए प्रति टन तक पहुंच गई है.
सवाल: डेवलपर्स लग्जरी घरों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं?
जवाब: डेवलपर्स को लग्जरी प्रोजेक्ट्स की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी करने की उम्मीद है.