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देश की अर्थव्यवस्था में कॉर्पोरेट गतिविधियों की रफ्तार लगातार बढ़ रही है, जिसका असर सीधे तौर पर कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर पर देखने को मिल रहा है. भारत के प्रमुख सात शहरों — बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनी एएनएरॉक की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के पहले 9 महीनों में देश के टॉप शहरों में ऑफिस स्पेस के किराए में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, जहां 2024 की शुरुआती अवधि में ऑफिस का औसत किराया 85 रुपए प्रति वर्ग फुट था, वहीं 2025 की समान अवधि में यह बढ़कर लगभग 90 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गया है. यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं और वर्कप्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश फिर से रफ्तार पकड़ रहा है.
यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि ग्लोबर स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में ऑफिस स्पेस की मांग में कोई कमी नहीं आई है. दुनिया भर के कई देशों में:
रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस स्पेस अब्सॉर्प्शन-यानी कि कंपनियों द्वारा नया ऑफिस स्पेस लेने की मात्रा-2024 के 9 महीनों में 31.31 मिलियन वर्ग फुट थी, जो 2025 में बढ़कर 42 मिलियन वर्ग फुट हो गई, यह 34 प्रतिशत की ग्रोथ को पेश करता है.
गौरतलब है कि 2019 वह साल था जब भारत में ऑफिस स्पेस की मांग अपने चरम पर थी. उस दौरान टॉप शहरों में नेट अब्सॉर्प्शन 32.26 मिलियन वर्ग फुट दर्ज किया गया था, जबकि 2025 की ग्रोथ दर इस स्तर के मुकाबले 30 प्रतिशत अधिक निकलकर आई है. हालांकि यह संकेत देता है कि कोविड-19 के बाद भारत का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट सिर्फ रिकवर नहीं हुआ है, बल्कि पहले से अधिक मजबूत हो चुका है.
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार, GCC यानी Global Capability Centres ने भारतीय ऑफिस मार्केट के विस्तार में बड़ा योगदान दिया है.
| शहर | GCC द्वारा ली गई स्पेस |
|---|---|
| बेंगलुरु | 8.3 मिलियन वर्ग फुट |
| पुणे | 3.73 मिलियन वर्ग फुट |
| चेन्नई | 3.57 मिलियन वर्ग फुट |
बेंगलुरु लगातार GCC की पसंद बना हुआ है, जबकि पुणे और चेन्नई तेजी से उभर रहे विकल्प हैं.
कुल मिलाकर, डेटा इस बात की पुष्टि करता है कि भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर न केवल स्थिर है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और GCC विस्तार की वजह से तेजी से मजबूत हो रहा है. किराए और स्पेस की मांग में निरंतर वृद्धि यह संकेत देती है कि आगामी महीनों में भी यह ग्रोथ ट्रेंड जारी रहने की संभावना है.
5 FAQs
Q1. 2025 के पहले 9 महीनों में ऑफिस किराए में कितनी बढ़ोतरी हुई?
ऑफिस किराए में सालाना आधार पर लगभग 6% की वृद्धि दर्ज की गई है.
Q2. ऑफिस स्पेस की सबसे ज्यादा मांग किस शहर में देखी गई?
बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां सबसे अधिक नेट ऑफिस लीजिंग हुई.
Q3. GCC क्या है और इसकी क्या भूमिका रही?
GCC (Global Capability Centers) ने प्रमुख शहरों में करीब 40% ऑफिस स्पेस लीजिंग की, जिससे मांग बढ़ी.
Q4. किस शहर में ऑफिस स्पेस अब्सॉर्प्शन में सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज हुई?
पुणे में लगभग 97% की सबसे अधिक वृद्धि देखी गई.
Q5. क्या सभी शहरों में ऑफिस लीजिंग बढ़ी है?
नहीं, कोलकाता में ऑफिस लीजिंग में लगभग 19% की गिरावट दर्ज की गई.
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