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Indian Office Space: देश का ऑफिस स्पेस जल्द ही एक मील के पत्थर को पार करने जा रहा है. नाइट फ्रैंक इंडिया की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक भारत का कुल ऑफिस स्टॉक 2025 की तीसरी तिमाही तक 1 अरब वर्ग फुट को पार कर जाएगा. इसके साथ ही भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट बन जाएगी. नाइट फ्रैंक इंडिया की "A Billion Square Feet and Counting" शीर्षक वाली रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की पहली छमाही तक, भारत के टॉप 8 शहर में कुल ऑफिस स्टॉक लगभग 993 मिलियन फीट तक पहुंच गया है.
नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में आठ शहरों के कुल 993 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्टॉक का मूल्य 16 ट्रिलियन रुपये (187 बिलियन अमेरिकी डॉलर) आंका है. इस बड़े विस्तार में तीन शहर- बेंगलुरु, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और मुंबई (MMR) की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. ये तीन शहर कुल ऑफिस स्टॉक का लगभग 60 फीसदी हिस्सा बनाते हैं. तीनों शहरों में बेंगलुरु कुल 229 मिलियन वर्ग फुट के स्टॉक के साथ भारत के ऑफिस मार्केट का नेतृत्व कर रहा है.
| क्षेत्र | स्टॉक (मिलियन वर्ग फुट)* | % हिस्सा | CAGR# (%) | स्टॉक का मूल्य (INR/बिलियन) | स्टॉक का मूल्य (USD/बिलियन) |
| बेंगलुरु | 229 | 23% | 8.4% | 3745 | 49 |
| NCR | 199 | 20% | 7.4% | 3543 | 44 |
| MMR | 169 | 17% | 8% | 4249 | 41 |
| हैदराबाद | 123 | 12% | 9.2% | 1358 | 16 |
| पुणे | 106 | 11% | 8.9% | 1404 | 16 |
| चेन्नई | 92 | 10% | 7.6% | 1140 | 13 |
| अहमदाबाद | 41 | 4% | 11.3% | 328 | 4 |
| कोलकाता | 34 | 3% | 3.2% | 303 | 4 |
| भारत | 993 | 8.6% |
बेंगलुरु का ऑफिस स्टॉक देश के कुल स्टॉक का 23 फीसदी है. सबसे बड़ी खासियत है कि यहां के 70 फीसदी ऑफिस स्पेस ग्रेड कैटगरी के हैं, जो देश में सबसे ज्यादा है. यह शहर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और आईटी कंपनियों के लिए पसंदीदा जगह बना हुआ है. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर 199 मिलियन वर्ग फुट के स्टॉक के साथ देश का दूसरे सबसे बड़ा ऑफिस हब है. एनसीआर की सबसे खास बात है कि इसके सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स (CBDs) कुल स्टॉक का 44 फीसदी हिस्सा. यह भारत के प्रमुख महानगरों में सबसे ज्यादा है. हालांकि, यहां पर ग्रेड-B प्रॉपर्टीज की हिस्सेदारी महज 55 फीसदी है, जबकि ग्रेड-A का हिस्सा 43% है.
ग्रेड-अनुसार ऑफिस स्टॉक का वितरण (H1 2025)
| क्षेत्र | ग्रेड A | ग्रेड B | ग्रेड C |
| अहमदाबाद | 19% | 75% | 6% |
| बेंगलुरु | 70% | 25% | 5% |
| चेन्नई | 64% | 33% | 3% |
| हैदराबाद | 68% | 30% | 1% |
| कोलकाता | 53% | 37% | 11% |
| MMR | 40% | 51% | 10% |
| NCR | 43% | 55% | 2% |
| पुणे | 50% | 49% | 1% |
| कुल | 53% | 43% | 4% |
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) 169 मिलियन वर्ग फुट के साथ देश का तीसरा सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट है. लीजिंग में मामूली गिरावट के बावजूद, मुंबई में ग्रेड-A ऑफिस के किराये में 12 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी देखी है, जो सभी प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा है. मुंबई का कुल बाजार ग्रेड-B ऑफिस (51%) और ग्रेड-A ऑफिस (40%) के बीच संतुलित है. यहां पर फ्लेक्स स्पेस की मांग में भी उछाल दर्ज किया गया है, जो कुल लीजिंग का 39 फीसदी है.
| अहमदाबाद | बेंगलुरु | चेन्नई | हैदराबाद | कोलकाता | MMR | NCR- दिल्ली | NCR- गुरुग्राम | NCR- नोएडा | पुणे | |
| CBD | 40-51 | 130-220 | 70-95 | 55-65 | 70-105 | 190-277 | 220-390 | 120-192 | 80-110 | 82-143 |
| SBD | 47-55 | 100-180 | 75-105 | 70-95 | 55-95 | 98-427 | 90-230 | 85-140 | 50--65 | 64-128 |
| PBD | 55-60 | 60-95 | 38-70 | 30-65 | 27-65 | 54-99 | NA | 40-45 | 30-35 | 48-110 |
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत का ऑफिस मार्केट एक सब-डॉलर मार्केट बना हुआ है, जहां औसत किराया 0.96 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ग फुट प्रति माह है. यह कॉस्ट बेनिफिट, बढ़ती ग्रेड ए सप्लाई के साथ मिलकर, ग्लोबल कंपनियों को आकर्षित कर रहा है. नाइट फ्रैंक के अनुमान के मुताबिक भारत का ऑफिस स्टॉक 2036 से 2041 तक 2 अरब वर्ग फुट के अगले मील के पत्थर को छू सकता है.