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India Commercial Office Real Estate: भारत के कमर्शियल ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर ने 2025 की पहली छमाही में शानदार वृद्धि हासिल की है. शनिवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, टॉप सात शहरों में नेट ऑफिस लीजिंग सालाना आधार पर 40 प्रतिशत बढ़कर 26.8 मिलियन वर्ग फुट हो गई है. बेंगलुरु ने 6.55 मिलियन वर्ग फुट अब्सॉर्प्शन के साथ बाजार में अग्रणी स्थान बनाए रखा, जबकि पुणे 188 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार बनकर उभरा.
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के विस्तार और निरंतर कॉर्पोरेट विश्वास के समर्थन से बाजार की बुनियादी बातें मजबूत बनी हुई हैं, जिससे यह क्षेत्र 2025 तक निरंतर विकास की स्थिति में है.
बेंगलुरु में 5.45 मिलियन वर्ग फुट, NCR में 2.81 मिलियन वर्ग फुट लीज
पुणे और चेन्नई का हाल
बेंगलुरु रहा सबसे आगे
| शहर | ऑफिस की मांग (मिलियन वर्ग फुट) | मांग में सालाना वृद्धि (%) | नई सप्लाई (मिलियन वर्ग फुट) | खाली जगह (%) | औसत किराया (₹/वर्ग फुट/माह) |
| बेंगलुरु | 6.55 | 64% | 6.91 | 12.40% | ₹ 97 |
| पुणे | 3.8 | 188% | 5.7 | 11.80% | ₹ 84 |
| NCR (दिल्ली) | 5 | 7% | 3.7 | 22.20% | ₹ 87 |
| MMR (मुंबई) | 4.5 | 43% | 1.9 | 15.20% | ₹ 143 |
| हैदराबाद | 4.2 | 35% | 4.7 | 26.60% | ₹ 68 |
| चेन्नई | 2.3 | 21% | 1.5 | 9.10% | ₹ 76 |
| कोलकाता | 0.45 | -51% | 0.1 | 17.90% | ₹ 62 |
रिपोर्ट में बताया गया है कि नए ऑफिस सप्लाई के मामले में, 2025 की पहली छमाही में 24.51 मिलियन वर्ग फुट की सप्लाई हुई, जो पिछले वर्ष के 19.65 मिलियन वर्ग फुट की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.
एवरेज ऑफिस रेंटल रेट 4 फीसद स्थिर
ऑफिस रिक्तियां घटकर हुई 16.3 फीसदी
| शहर | GCC लीजिंग (मिलियन वर्ग फुट) | सालाना वृद्धि (%) |
| बेंगलुरु | 5.45 | 2% |
| NCR (दिल्ली) | 2.81 | 128% |
| पुणे | 2.77 | 150% |
| हैदराबाद | 1.93 | -4% |
| MMR (मुंबई) | 1.82 | -13% |
| चेन्नई | 0.95 | 102% |
| कोलकाता | 0.05 | 100% (H1 2024 में शून्य से) |
| सेक्टर | कुल हिस्सेदारी (%) |
| IT-ITES | 29% |
| को-वर्किंग स्पेस | 22% |
| BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा) | 18% |
| मैन्युफैक्चरिंग/इंडस्ट्रियल | 13% |
| कंसल्टेंसी बिज़नेस | 9% |
| अन्य | 5% |
| ई-कॉमर्स | 4% |
एनारॉक ग्रुप के कमर्शियल लीजिंग एंड एडवाइजरी- एमडी पीयूष जैन ने कहा, "नई ऑफिस सप्लाई 25 प्रतिशत बढ़कर 24.51 मिलियन वर्ग फुट हो गई, जिससे बाजार में संतुलित गतिशीलता बनी. रिक्तियों की दर मामूली रूप से बढ़कर 16.3 प्रतिशत हो गई और औसत किराया 4 प्रतिशत बढ़कर 88 रुपए प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया. आईटी-आईटीईएस क्षेत्र 29 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद 22 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ को-वर्किंग स्पेस का स्थान रहा."
सवाल: 2025 की पहली छमाही में भारत के ऑफिस मार्केट में क्या बड़ा बदलाव देखने को मिला?
जवाब: 2025 की पहली छमाही में भारत के टॉप सात शहरों में ऑफिस लीजिंग (ऑफिस किराए पर लेने) में 40% की भारी तेजी आई, जो कुल मिलाकर 26.8 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई.
सवाल: ऑफिस की मांग के मामले में कौन से शहर सबसे आगे रहे?
जवाब: ऑफिस की मांग में बेंगलुरु 6.55 मिलियन वर्ग फुट के साथ सबसे आगे रहा. वहीं, पुणे 188% की सालाना वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार बनकर उभरा.
सवाल: ऑफिस स्पेस की मांग सबसे ज्यादा किन सेक्टर्स में रही?
जवाब: सबसे ज्यादा मांग आईटी-आईटीईएस सेक्टर में रही, जिसकी कुल हिस्सेदारी 29% थी. इसके बाद 22% हिस्सेदारी के साथ को-वर्किंग स्पेस का स्थान रहा.
सवाल: क्या ऑफिस का किराया भी बढ़ा है?
जवाब: हां, टॉप सात शहरों में औसत ऑफिस किराया 4% बढ़कर ₹88 प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया है.
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