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GCCs India Report: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने 1990 के दशक में अपने उद्भव के बाद से महत्वपूर्ण विकास किया है. उस समय कंपनियों ने लागत प्रभावशील संचालन और कुशल कार्यबल के लिए ऑफशोर लोकेशनों का लाभ उठाना शुरू किया था. शुरुआत में आईटी सपोर्ट और बैक-ऑफिस सेवाओं पर केंद्रित GCCs अब नवाचार, अनुसंधान और विकास के केंद्र बन चुके हैं. इस परिवर्तन के परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर GCCs की संख्या लगभग 3,200 तक पहुंच गई है.
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वर्तमान में, भारत में लगभग 1,700 GCCs मौजूद हैं जो टियर-1 और टियर-2 शहरों में फैले हुए हैं, और यह वैश्विक GCCs का लगभग 53% हिस्सा है. शीर्ष छह शहर बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, एनसीआर, मुंबई और पुणे भारत में मौजूद कुल GCCs का 94% हिस्सा रखते हैं. शेष GCCs कोलकाता, कोच्चि, अहमदाबाद, चंडीगढ़, कोयंबटूर, वडोदरा, नासिक, तिरुवनंतपुरम, जोधपुर, वारंगल, बड़ौदा, विशाखापत्तनम, भोगापुरम, जयपुर, सूरत, मोहाली, भुवनेश्वर, इंदौर, मैसूर, मदुरै और भोपाल जैसे शहरों में फैले हैं.
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एक ओर जहां टियर-1 शहर GCC उपस्थिति में आगे हैं, वहीं अब यह रुझान धीरे-धीरे टियर-2 शहरों की ओर स्थानांतरित हो रहा है. यह परिवर्तन 2025 के केंद्रीय बजट द्वारा और मजबूत हुआ है, जिसमें उभरते टियर-2 शहरों में GCCs के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा प्रस्तावित किया गया है. यह भौगोलिक विविधता भारत में GCCs की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि को प्रेरित करेगी. वेस्टियन रिसर्च के अनुसार, FY 2028 तक भारत में GCCs की संख्या 2,100 से अधिक हो सकती है, जो 8% की CAGR से वृद्धि दर्शाती है. औसतन हर साल लगभग 150 नए GCCs की स्थापना होने की संभावना है.
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आईटी-आईटीeS क्षेत्र भारत में GCC परिदृश्य में अग्रणी है और कुल GCCs का लगभग 49% हिस्सा रखता है. इसके बाद BFSI (बैंकिंग, फाइनेंस, सर्विसेज और इंश्योरेंस) क्षेत्र आता है, जिसका हिस्सा 17% है. इसके अलावा, हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज, इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग, कंसल्टिंग सर्विसेज, और टेलीकॉम एवं मीडिया मिलकर भारत में कुल GCCs में 19% का योगदान करते हैं.
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वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव (FRICS) ने कहा: "भारत के प्रमुख ऑफिस बाजार GCCs को एक आकर्षक वैल्यू प्रपोजिशन प्रदान करते हैं — प्रतिस्पर्धी लागत, उच्च-कुशल कार्यबल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रगतिशील नीतिगत प्रोत्साहन और अनुकूल कारोबारी माहौल. हालांकि, किसी भी GCC की दीर्घकालिक सफलता के लिए सही स्थान का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. वेस्टियन का 'GCC मार्केट एंट्री इंडेक्स' कंपनियों को उनके व्यवसायिक उद्देश्यों के अनुरूप उपयुक्त स्थानों की पहचान में रणनीतिक सहायता प्रदान करता है.”