भारत बन रहा है ग्लोबल कंपनियों का अड्डा, बेंगलुरु बना ऑफिस स्पेस का किंग, मुंबई-दिल्ली इसके आधे भी नहीं

GCCs India Report: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का देश में बड़ा विस्तार हुआ है. भारत में फिलहाल 1700 GCCs मौजूद हैं, जो टियर 1 और टियर 2 शहरों में फैलें हुए हैं. खासकर टॉप 6 शहरों में इसकी 94 फीसदी हिस्सेदारी है.
भारत बन रहा है ग्लोबल कंपनियों का अड्डा, बेंगलुरु बना ऑफिस स्पेस का किंग, मुंबई-दिल्ली इसके आधे भी नहीं

GCCs India Report: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने 1990 के दशक में अपने उद्भव के बाद से महत्वपूर्ण विकास किया है. उस समय कंपनियों ने लागत प्रभावशील संचालन और कुशल कार्यबल के लिए ऑफशोर लोकेशनों का लाभ उठाना शुरू किया था. शुरुआत में आईटी सपोर्ट और बैक-ऑफिस सेवाओं पर केंद्रित GCCs अब नवाचार, अनुसंधान और विकास के केंद्र बन चुके हैं. इस परिवर्तन के परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर GCCs की संख्या लगभग 3,200 तक पहुंच गई है.

Bond Investment: इन 6 चीजों की जांच जरूरी है, BSE-NSE ने दी सख्त एडवाइजरी

भारत में 1700 GCCs मौजूद

वर्तमान में, भारत में लगभग 1,700 GCCs मौजूद हैं जो टियर-1 और टियर-2 शहरों में फैले हुए हैं, और यह वैश्विक GCCs का लगभग 53% हिस्सा है. शीर्ष छह शहर बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, एनसीआर, मुंबई और पुणे भारत में मौजूद कुल GCCs का 94% हिस्सा रखते हैं. शेष GCCs कोलकाता, कोच्चि, अहमदाबाद, चंडीगढ़, कोयंबटूर, वडोदरा, नासिक, तिरुवनंतपुरम, जोधपुर, वारंगल, बड़ौदा, विशाखापत्तनम, भोगापुरम, जयपुर, सूरत, मोहाली, भुवनेश्वर, इंदौर, मैसूर, मदुरै और भोपाल जैसे शहरों में फैले हैं.

Airplane Window Hole Reason: प्लेन की खिड़की पर बना छेद करता है बड़े काम… यहां जान लो वजह

Add Zee Business as a Preferred Source

8% CAGR की बढ़ोतरी

एक ओर जहां टियर-1 शहर GCC उपस्थिति में आगे हैं, वहीं अब यह रुझान धीरे-धीरे टियर-2 शहरों की ओर स्थानांतरित हो रहा है. यह परिवर्तन 2025 के केंद्रीय बजट द्वारा और मजबूत हुआ है, जिसमें उभरते टियर-2 शहरों में GCCs के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा प्रस्तावित किया गया है. यह भौगोलिक विविधता भारत में GCCs की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि को प्रेरित करेगी. वेस्टियन रिसर्च के अनुसार, FY 2028 तक भारत में GCCs की संख्या 2,100 से अधिक हो सकती है, जो 8% की CAGR से वृद्धि दर्शाती है. औसतन हर साल लगभग 150 नए GCCs की स्थापना होने की संभावना है.

2025 में EV ग्रोथ 5X पर ये है एक बड़ी दिक्कत!

IT, ITe सेक्टर का GCC में 49% हिस्सा

आईटी-आईटीeS क्षेत्र भारत में GCC परिदृश्य में अग्रणी है और कुल GCCs का लगभग 49% हिस्सा रखता है. इसके बाद BFSI (बैंकिंग, फाइनेंस, सर्विसेज और इंश्योरेंस) क्षेत्र आता है, जिसका हिस्सा 17% है. इसके अलावा, हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज, इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग, कंसल्टिंग सर्विसेज, और टेलीकॉम एवं मीडिया मिलकर भारत में कुल GCCs में 19% का योगदान करते हैं.

10 ब्रांड तो रोज सुनते हैं… पर क्या उनके पूरे नाम जानते हो?

शहरवार विश्लेषण

  • बेंगलुरु में विभिन्न उद्योगों में फैले 487 GCCs हैं, जो भारत के किसी भी शहर में सबसे अधिक हैं। यह शहर देश के कुल GCCs का 29% हिस्सा रखता है.
  • हैदराबाद में 273 GCCs मौजूद हैं और यह देश का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ GCC हब बन गया है। यहां देश के कुल GCCs का 16% हिस्सा है, जो शीर्ष छह शहरों में दूसरे स्थान पर है.
  • एनसीआर क्षेत्र में 272 GCCs हैं, जो देश के कुल GCCs का 16% हिस्सा हैं. इसकी रणनीतिक स्थिति, सरकारी संस्थानों के निकटता और मजबूत अवसंरचना के कारण कई वैश्विक कंपनियां यहां अपनी GCC गतिविधियां स्थापित करती हैं.
  • मुंबई में 207 GCCs हैं, जो देश के कुल GCCs का 12% हिस्सा हैं। यह शहर भी GCC गतिविधियों के लिए एक मजबूत केंद्र बनता जा रहा है और वैश्विक कंपनियों के नए निवेश और विस्तार को आकर्षित कर रहा है.
  • पुणे में 178 GCCs हैं, जो कुल GCCs का 11% प्रतिनिधित्व करते हैं और इसे एक उभरता हुआ GCC हब बना रहे हैं.
  • चेन्नई में 162 GCCs हैं और यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते GCC हब्स में से एक है. यह कुल GCCs का लगभग 10% हिस्सा रखता है.

वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव (FRICS) ने कहा: "भारत के प्रमुख ऑफिस बाजार GCCs को एक आकर्षक वैल्यू प्रपोजिशन प्रदान करते हैं — प्रतिस्पर्धी लागत, उच्च-कुशल कार्यबल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रगतिशील नीतिगत प्रोत्साहन और अनुकूल कारोबारी माहौल. हालांकि, किसी भी GCC की दीर्घकालिक सफलता के लिए सही स्थान का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. वेस्टियन का 'GCC मार्केट एंट्री इंडेक्स' कंपनियों को उनके व्यवसायिक उद्देश्यों के अनुरूप उपयुक्त स्थानों की पहचान में रणनीतिक सहायता प्रदान करता है.”

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6