देश में लगातार बढ़ रही 'घोस्ट मॉल्स' की संख्या, 1.55 करोड़ वर्ग फुट जगह वीरान, इस शहर का हाल सबसे बुरा

India Ghost Mall: देश में घोस्ट मॉल की संख्या लगातार बढ़ रही है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. जानिए क्या होते हैं ये घोस्ट मॉल्स.
देश में लगातार बढ़ रही 'घोस्ट मॉल्स' की संख्या, 1.55 करोड़ वर्ग फुट जगह वीरान, इस शहर का हाल सबसे बुरा

India Ghost Mall: देश के चमकते-दमकते रियल एस्टेट मार्केट में एक अंधेरा पहलू भी सामने आ रहा है. यह पहलू है भूतिया मॉल यानी घोस्ट का. आसान भाषा में कहें तो वह मॉल जो कई वक्त से खाली पड़े हैं उन्हें कोई ग्राहक नहीं मिल रहा है. हाल ही में प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी रिपोर्ट थिंक इंडिया, थिंक रिटेल 2025 ने घोस्ट मॉल के कड़वे सच से पर्दा उठाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टॉप 32 शहरों में करीब 1.55 मिलियन वर्ग फुट (msf) की रिटेल स्पेस अब घोस्ट मॉल में तब्दील हो चुके हैं.

क्या होते हैं घोस्ट मॉल्स

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक घोस्ट मॉल्स वो शॉपिंग सेंटर्स थे जो बने तो आलीशान थे, लेकिन अब वीरान हो गए हैं. साथ ही ग्राहकों की राह देख रहे हैं.

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40% से ज्यादा हिस्सा खाली

  • नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे मॉल जिनका 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सा खाली पड़ा है. पिछले 3 साल या उससे ज्यादा वक्त से बनी हुई है, उन्हें घोस्ट मॉल की कैटेगरी में रखा गया है.
  • रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि सर्वे किए गए 365 शॉपिंग सेंटर्स में से 754 मॉल अब पूरी तरह से घोस्ट मॉल बन चुके हैं.

क्यों फेल हो रहे हैं मॉल्स

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मॉल्स के फेल होने के पीछे कई बड़े कारण हैं. सबसे बड़ी वजह पुराना डिजाइन और खराब लेआउट है.

खराब मैनेजमेंट और मेंटेनेंस

  • पुराने समय में बने कई मॉल्स में से कस्टमर्स को चलने के लिए सही जगह नहीं है, गलियां अंधेरी और अच्छे ब्रांड्स की कमी है.
  • मॉल का खराब मैनेजमेंट और मेंटेनेंस भी ग्राहकों को दूर कर रहा है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक आज के वक्त में कस्टमर एक्सपीरियंस चाहते हैं, जो नए जमाने के ग्रेड ए मॉल्स में मिलता है.
  • पुराने मॉल्स वक्त के साथ खुद को बदल नहीं पाए हैं.

इस शहर की हालत सबसे खराब

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक नागपुर जैसे शहरों में स्थिति सबसे खराब है, जहां करीब 49 फीसदी मॉल स्पेस खाली पड़ा है. इसके बाद अगला नंबर अमृतसर और जालंधर का नंबर आता है. केवल छोटे शहर में ही ये समस्या नहीं है. दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी मॉल वीरान हो रहे हैं. पश्चिम भारत में देश के कुल घोस्ट मॉल का 44 फीसदी मौजूद है. हालांकि, रिपोर्ट में यही भी कहा है कि यदि इन वीरान मॉल्स में से 15 प्रमुख मॉल्स को रेनोवेट या रि लॉन्च किया जाए, तो इनसे सालाना 357 करोड़ रुपए की कमाई हो सकती है.

शहरों का हाल

शहरस्थितिवेकेंसी रेट (%)
नागपुरसबसे खराब49%
अमृतसरबहुत खराब41%
जालंधरखराब34%
मैसूरसबसे अच्छा2%
विजयवाड़ाअच्छा

4%

सोर्स: नाइट फ्रैंक इंडिया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: घोस्ट मॉल' (Ghost Mall) किसे कहते हैं?

जवाब: कोई भी मॉल जिसका 40% से ज्यादा हिस्सा 3 साल से अधिक समय से खाली पड़ा हो, उसे 'घोस्ट मॉल' कहा जाता है.

सवाल: भारत में कुल कितने घोस्ट मॉल हैं?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के प्रमुख 32 शहरों में कुल 74 शॉपिंग सेंटर्स या मॉल 'घोस्ट मॉल' की श्रेणी में आ चुके हैं.

सवाल: मॉल के खाली या बर्बाद होने का मुख्य कारण क्या है?

जवाब: पुराना और खराब डिजाइन, बड़े ब्रांड्स का न होना, खराब मेंटेनेंस और नए 'ग्रेड ए' मॉल्स से मिल रही कड़ी टक्कर इसके मुख्य कारण हैं.

सवाल: किन शहरों में मॉल्स की हालत सबसे खराब है?

जवाब: नागपुर में सबसे ज्यादा 49% वेकेंसी है. इसके अलावा अमृतसर (41%) और जालंधर (34%) में भी मॉल्स काफी खाली पड़े हैं.

सवाल: क्या इन वीरान मॉल्स का कुछ हो सकता है?

जवाब: रिपोर्ट का मानना है कि अगर 15 बड़े घोस्ट मॉल्स को सुधारा जाए, तो उनसे सालाना 357 करोड़ रुपये का किराया कमाया जा सकता है.

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