ग्लोबल मंदी का असर नहीं, 2026 में भी ऑफिस स्पेस देगा छप्परफाड़ रिटर्न, किराये में 9% की बढ़ोतरी पक्की

दुनिया भर में छाई आर्थिक अनिश्चितताओं और क्षेत्रीय विकास की धीमी रफ्तार के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट एशिया पैसिफिक एक चमकते हुए सितारे की तरह उभर रहा है.
ग्लोबल मंदी का असर नहीं, 2026 में भी ऑफिस स्पेस देगा छप्परफाड़ रिटर्न, किराये में 9% की बढ़ोतरी पक्की

पूरी दुनिया में छाई आर्थिक अनिश्चितता और रीजनल डेवलपमेंट की धीमी रफ्तार के बावजूद देश के रियल एस्टेट सेक्टर एक चमकते हुए सितारे की तरह उभर रहा है. नाइट फ्रैंक द्वारा जारी एशिया पैसिफिक आउटलुक 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत एशिया-पैसिफिक एरिया में सबसे लचीले और अवसरों से भरपूर मार्केट मे से एक बनकर उभरा है. जहां एक तरफ कई देशों के प्रॉपर्टी मार्केट दबाव में हैं, वहीं भारत अपने मजबूत घरेलू आधार, कुशल टैलेंट और मैच्योर होते रियल एस्टेट इकोसिस्टम की वजह से दुनिया भर के निवेश की पहले पसंद बना हुआ है.

स्थिर बना रहेगा भारत का प्रॉपर्टी मार्केट

नाइट फ्रैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में जब एशिया-पैसिफिक की अर्थव्यवस्था में बिजनेस पॉलिसी और कैपिटल फ्लोज के कारण उतार-चढ़ाव की संभावना है, इसके बावजूद भारत का प्रॉपर्टी मार्केट स्थिर बना रहेगा.

Add Zee Business as a Preferred Source

ऑफिस स्पेस की जबरदस्त मांग

  • भारत में ऑफिस स्पेस की जबरदस्त मांग बनी हुई है.
  • साल 2025 में भारत ने एशिया पैसिफिक एरिया में ऑफिस लीजिंग के मामले में रिकॉर्ड स्तर को छुआ है.
  • खास तौर पर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के विस्तार और टेक्नोलॉजी सेक्टर में जारी नियुक्तियों ने मार्केट की नई ऊंचाई दी है.

2025 साबित हुआ एक मील का पत्थर

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस मार्केट में बड़ी उपलब्धि देश के रियल एस्टेट इतिहास में साल 2025 में एक मील का पत्थर साबित हुआ है.

ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक 100 करोड़ वर्ग फुट पार

  • देश के टॉप 8 प्रमुख शहरों में ग्रेड ए ऑफि स्टॉक अब 100 करोड़ वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर गया है.
  • बेंगलुरु, दिल्ली एनसीआर, मुंबई जैसे शहर इस दौड़ में सबसे आगे हैं.
  • अनुमान है कि साल 2026 में इन शहरों में ऑफिस का किराया सालाना आधार पर 7.5% से 9% तक बढ़ सकता है.

ग्लोबल कंपनियों क लिए एक रणनीतिक ठिकाना

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल के मुताबिक, देश अपने किफायती कीमतों, टैलेंट की उपलब्ध और रेगुलेटरी स्थिरता के कारण ग्लोबल कंपनियों के लिए एक रणनीतिक ठिकाना बन गया है. अब किरायदार केवल बड़ी जगह नहीं देख रहे, बल्कि वे आधुनिक सुविधाओ, बेहतर लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग और सस्टेनेबिलिटी वाले स्थायित्व वाले ऑफिस को तरजीह दे रहे हैं. पुराने हो चुके ऑफिसों को आधुनिक तकनीकों से अपडेट किया जा रहा है ताकि वह भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सकें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रियल एस्टेट की क्या स्थिति है?

जवाब: भारत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के सबसे मजबूत और स्थिर बाजारों में से एक है, जो वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.

सवाल: 2025 में ऑफिस मार्केट ने कौन सा बड़ा मुकाम हासिल किया?

जवाब: भारत के टॉप 8 शहरों में उच्च गुणवत्ता वाले (Grade A) ऑफिस स्पेस का कुल स्टॉक 100 करोड़ वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर गया है.

सवाल: किन शहरों में ऑफिस किराए में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है?

जवाब: बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर (NCR) में 2026 के दौरान किराए में 7.5% से 9% तक की वृद्धि देखी जा सकती है.

सवाल: ऑफिस स्पेस की डिमांड बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?

जवाब: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का विस्तार, टेक सेक्टर में नई नियुक्तियां और कंपनियों का भारतीय बाजार पर बढ़ता भरोसा मुख्य कारण हैं.

सवाल: अब ऑफिस चुनने के लिए कंपनियों की प्राथमिकताएं क्या हैं?

जवाब: कंपनियां केवल बड़े आकार के बजाय अब आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं, स्थिरता (Sustainability) और कर्मचारी-अनुकूल वातावरण वाले ऑफिस को प्राथमिकता दे रही हैं.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6