NCR में घर खरीदारों के लिए अलर्ट, सरकार ने सस्ते घरों के बदले नियम, 1 अप्रैल से EWS, LIG, MIG के नए साइज तय

नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है. इसके साथ ही इनकम टैक्स रूल भी लागू हो गए हैं.इसके तहत अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए खास प्रावधान दिया गया है. जानिए क्या कहते हैं नए नियम.
NCR में घर खरीदारों के लिए अलर्ट, सरकार ने सस्ते घरों के बदले नियम, 1 अप्रैल से EWS, LIG, MIG के नए साइज तय

LIG, MIG, EWS Flats (AI Generated Image)

भारत सरकार ने नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया है. साथ ही इस एक्ट के नियम भी जारी कर दिए हैं. इस नए नियम का असर घर खरीदारों पर भी पड़ेगा. खासकर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई आदि जैसे शहरों के लिए सस्ते घर का रास्ता खुल सकता है. नए नियमों के रूल 36 के तहत किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को टैक्स में खास छूट देने के लिए सेक्शन 46 (11) (d) (vii) के तहत 'अफोर्डेबल हाउसिंग' को 'विशेष श्रेणी का कारोबार' माना है. नियम में घरों के साइज के लिए 'विशेष शहरों' (Specified Cities) की एक खास कैटेगरी बनाई गई है. इस लिस्ट में दिल्ली, ग्रेटर मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद के शहरी समूहों को शामिल किया गया है. इन शहरों में EWS, LIG, MIG घरों का रेंटेबल एरिया तय किया गया है.

लिस्ट में शामिल फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद

इनकम टैक्स के नियम दिल्ली-एनसीआर घर खरीदारों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि चुनिंदा शहरों की लिस्ट में फरीदाबाद, गुरुग्राम, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद जिले शामिल हैं.

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EWS, LIG, MIG का रेंटेबल एरिया

  • नियमों के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और ग्रेटर मुंबई जैसे 'विशेष शहरों' में EWS कैटेगरी के लिए रेंटेबल एरिया अधिकतम 25 वर्ग मीटर तक तय किया गया है. दूसरे शहरों में EWS के लिए सीमा 30 वर्ग मीटर है.
  • विशेष शहरों में लो इनकम ग्रुप (LIG) घरों का रेंटेबल एरिया 25 वर्ग मीटर से ज्यादा और 50 वर्ग मीटर तक होना चाहिए. अन्य शहरों में LIG के लिए साइज 30 वर्ग मीटर से ज्यादा और 60 वर्ग मीटर तक हो सकता है.
  • मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) कैटेगरी में विशेष शहरों के लिए रेंटेबल एरिया 50 वर्ग मीटर से ज्यादा और 70 वर्ग मीटर तक तय किया गया है. इसके उलट, दूसरे शहरों में MIG घरों का आकार 60 से 85 वर्ग मीटर तक हो सकता है.

अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए 'रेंटेबल एरिया' की नई सीमाएं

कैटेगरीनिर्दिष्ट शहर' (Specified Cities) में साइजअन्य शहरों (Other Cities) में साइज
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)25 वर्ग मीटर तक30 वर्ग मीटर तक
निम्न आय वर्ग (LIG)25 वर्ग मीटर से अधिक और 50 वर्ग मीटर तक30 वर्ग मीटर से अधिक और 60 वर्ग मीटर तक
मध्यम आय वर्ग (MIG)50 वर्ग मीटर से अधिक और 70 वर्ग मीटर तक60 वर्ग मीटर से अधिक और 85 वर्ग मीटर तक

बिल्डर्स के लिए तय की गई शर्तें

नए टैक्स नियमों के तहत बिल्डर्स के लिए शर्तें तय की गई हैं. इनकम टैक्स रूल्स के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट कम से कम एक एकड़ जमीन के प्लॉट में होने चाहिए.

EWS, LIG, MIG के लिए 90% हिस्सा

  • नियमों के मुताबिक कुल आवंटन योग्य रेटेंबल एरिया में से कम से कम 90 फीसदी हिस्सा EWS, LIG और MIG कैटेगरी के लिए रिजर्व होना चाहिए.
  • इसके बाद बचे हुए 10 फीसदी या उससे कम हिस्से में बिल्डर और दूसरे रेजिडेंशियल या कमर्शियल यूनिट्स बना सकते हैं.
  • प्रोजेक्ट का डिजाइन, लेआउट और स्पेसिफिकेशन राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन और उसके द्वारा नामित एजेंसी द्वारा अप्रूव्ड होना चाहिए.
  • कॉम्पिटेंट अथॉरिटी द्वारा प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने वाले टैक्स साल के आखिर से 5 साल के अंदर बिल्डर को प्रोजेक्ट पूरा करना जरूरी है.

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क्या होते हैं रेंटेबल एरिया और हाउसिंग यूनिट?

आपको बता दें कि रेंटल एरिया की कैलकुलेशन में किसी भी फ्लोर लेवल का कारपेट एरिया होता है. इस कारपेट एरिया में किचन, पैंट्री, स्टोर, वॉशरूम और बाथरूम की जगह भी शामिल की जाती है.

किन एरिया को माना जाता है रेंटल एरिया

  • बिना शीशे वाले बरामदे का 50 फीसदी और शीशे वाले बरमादे का 100 फीसदी हिस्सा रेंटल एरिया में गिना जाता है.
  • नियमों के मुताबिक हाउसिंग यूनिट एक स्वतंत्र रेजिडेंशियल यूनिट होनी चाहिए. इसमें रहने, खान पकाने और स्वच्छता के लिए अलग-अलग सुविधाएं होनी चाहिए और यह बिल्डिंग की दूसरी रेजिडेंशियल यूनिट्स से अलग होना चाहिए.
  • यूनिट को बाहरी दरवाजे से या शेयर्ड हॉलवे के आंतरिक दरवाजे से सीधे एक्सेस किया जाना चाहिए. इसमें कोई शेयर्ड डाइनिंग एरिया नहीं होना चाहिए.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम में EWS फ्लैट्स का अधिकतम साइज कितना हो सकता है?

जवाब:
दिल्ली एनसीआर के इन विशेष शहरों में फ्लैट का रेंटेबल एरिया अधिकतम 25 वर्ग मीटर तक ही हो सकता है.

सवाल: दिल्ली-एनसीआर में LIG घरों का रेंटल एरिया कितना होना चाहिए?

जवाब:
LIG घरों का रेंटेबल एरिया 25 वर्ग मीटर से ज्यादा और अधिकतम 50 वर्ग मीटर तक होना चाहिए.

सवाल: अन्य शहरों में LIG का रेंटेबल एरिया साइज कितना होना चाहिए?

जवाब:
अन्य शहरों में LIG के लिए साइज 30 वर्ग मीटर से ज्यादा और 60 वर्ग मीटर तक हो सकता है.

सवाल: दिल्ली-एनसीआर समेत विशेष शहरों में MIG कैटेगरी के लिए रेंटेबल एरिया का साइज कितना होना चाहिए?

जवाब: विशेष शहरों में MIG का रेंटेबल एरिया 50 वर्ग मीटर से ज्यादा 70 वर्ग मीटर तक तय किया है.

सवाल: बिल्डर्स को हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए कितना वक्त मिलता है?

जवाब:
सक्षम प्राधिकारी से प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलने वाले टैक्स ईयर के अंत से 5 साल के अंदर बिल्डर को प्रोजेक्ट पूरा करना जरूरी है.

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