नौकरी से छंटनी का डर या महंगा घर, 14% गिरी घरों की बिक्री, 2025 में रियल एस्टेट की सुस्ती का क्या है असली सच?

देश में 2025 में बिक्री किए गए घरों की वैल्यू टॉप सात शहरों में 6 फीसदी बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है. रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म एनारॉक ने अपनी रिपोर्ट में दी है. जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट.
नौकरी से छंटनी का डर या महंगा घर, 14% गिरी घरों की बिक्री, 2025 में रियल एस्टेट की सुस्ती का क्या है असली सच?

भारत में 2025 में बिक्री किए गए घरों की वैल्यू शीर्ष सात शहरों में 6 प्रतिशत बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है, जो कि पहले 5.68 लाख करोड़ रुपए थी. यह जानकारी रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म एनारॉक ने अपनी रिपोर्ट में दी है. रिपोर्ट में कहा कि 2025 में देश में कुल बिक्री किए गए घरों की मात्रा 14 प्रतिशत कम होकर 3,95,625 यूनिट्स हो गई है, जो कि 2024 में 4,59,645 यूनिट्स थी. इसकी वजह प्रॉपर्टी की अधिक कीमतें, आईटी सेक्टर में छंटनी और भू-राजनीतिक तनाव और कम मांग का होना है.

MMR में 1.27 लाख यूनिट्स की बिक्री

रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सबसे अधिक लगभग 1,27,875 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है.

Add Zee Business as a Preferred Source

पुणे में बिक्री में 20% की गिरावट

  • पुणे में लगभग 65,135 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो कि सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है.
  • इन दोनों बाजारों ने मिलकर 2025 में आवासीय बिक्री में अग्रणी स्थान हासिल किया, जो कुल बिक्री का 49 प्रतिशत है.
  • चेन्नई एकमात्र ऐसा शहर था जहां बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई, जो 15 प्रतिशत बढ़कर लगभग 22,180 यूनिट्स तक पहुंच गई.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

रेजिडेंशियल घरों की औसत कीमत 8% बढ़ी

रिपोर्ट के अनुसार, सात शहरों में आवासीय घरों की औसत कीमत लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 9,260 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई.

NCR में 23% की बढ़ोतरी

  • दिल्ली-एनसीआर में 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कीमत लगभग 9,300 रुपए प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई.
  • यह वृद्धि मुख्य रूप से महंगे घरों की नई आपूर्ति में वृद्धि के कारण हुई.
  • एनसीआर में इस वर्ष कुल 61,775 नई आवासीय इकाइयों की आपूर्ति में से 55 प्रतिशत से अधिक इकाइयों की कीमत 2.5 करोड़ रुपए से अधिक थी.
  • दिलचस्प बात यह है कि आवासीय संपत्तियों की औसत मूल्य वृद्धि दर पिछले वर्षों के दो अंकों से घटकर 2025 में एकल अंक पर आ गई है.
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि रेपो दरों में कटौती से 2026 में होम लोन की ब्याज दरों में कमी आने से मांग में मजबूत वृद्धि हो सकती है.

2025 में शहरों का प्रदर्शन

शहर2025 में बिक्री (यूनिट्स)सालाना बदलावखास बात
मुंबई (MMR)1,27,87518% गिरावटसबसे ज्यादा बिक्री
पुणे65,13520% गिरावटदूसरा सबसे बड़ा बाजार
चेन्नई22,18015% वृद्धिबिक्री बढ़ने वाला एकमात्र शहर
दिल्ली-NCR57,2208% गिरावटकीमतों में सबसे ज्यादा उछाल (23%)

सोर्स: Anarock Report

Anarock

उथल-पुथल से भरा साल रहा 2025

एनारॉक ग्रुप के अध्यक्ष अनुज पुरी ने कहा,“वर्ष 2025 भू-राजनीतिक उथल-पुथल, आईटी क्षेत्र में छंटनी, टैरिफ संबंधी तनाव और अन्य अनिश्चितताओं सहित व्यापक उथल-पुथल से भरा रहा है. ” उन्होंने आगे कहा, “शीर्ष 7 शहरों में बिक्री की मात्रा लगभग 4 लाख इकाइयों पर स्थिर रही, लेकिन कुल बिक्री मूल्य में वृद्धि हुई. नई आपूर्ति का 21 प्रतिशत से अधिक हिस्सा 2.5 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य वर्ग में लॉन्च किया गया.”

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: 2025 में घरों की बिक्री कम क्यों हुई?

जवाब: प्रॉपर्टी की कीमतें बहुत ज्यादा होने, IT सेक्टर में छंटनी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण बिक्री 14% गिर गई.

सवाल: क्या घरों की कीमतें बढ़ी हैं?

जवाब: टॉप 7 शहरों में औसत कीमत 8% बढ़ी है। दिल्ली-NCR में तो यह उछाल 23% तक देखा गया.

सवाल: किस शहर में सबसे ज्यादा घर बिके?

जवाब: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सबसे ज्यादा (लगभग 1,27,875) घर बिके.

सवाल: क्या किसी शहर में बिक्री बढ़ी भी है?

जवाब: चेन्नई एकमात्र ऐसा शहर रहा जहाँ घरों की बिक्री में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

सवाल: दिल्ली-NCR के मार्केट में क्या खास रहा?

जवाब: लग्जरी घरों का बोलबाला रहा. कुल नई सप्लाई में से 55% से ज्यादा घर 2.5 करोड़ रुपए से ऊपर के थे.

RECOMMENDED

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6