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मेट्रो सिटीज में प्रॉपर्टी के बढ़ते दाम ने घर को आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया है. पिछले कुछ सालों में कीमतों में बढ़ोतरी ने घर खरीदने की क्षमता पर भारी दबाव डाला है. खासतौर से वेतनभोगी मिडिल क्लास के लिए टियर 1 शहरों में घर खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है. ऐसे में अब टियर 2 और टियर 3 शहरों के लिए मौका आ गया है. स्क्वायर यार्ड्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रियल एस्टेट का अगला ग्रोथ साइकिल अब तेजी से टियर 2 और टियर 3 शहरों की तरफ बढ़ रहा है. खासकर 30 लाख से 60 लाख रुपए वाले बजट के लिए टियर 2 शहर बेहतरीन ऑप्शन बनकर उभरे हैं.
Square Yards की रिपोर्ट के मुताबिक 30 लाख रुपए से 60 लाख रुपए के बजट वाले सेगमेंट में पहली बार घर खरीदने वालों का मजबूत रुझान टियर 2 शहरों की तरफ है.
| शहर | प्रॉपर्टी की कीमत (प्रति वर्ग फुट) |
| सूरत (गुजरात) | ₹2,000 – ₹11,000 |
| पुरी (ओडिशा) | ₹5,500 – ₹10,500 |
| कोयंबटूर (तमिलनाडु) | ₹2,400 – ₹8,500 |
| वाराणसी (यूपी) | ₹4,000 – ₹8,000 |
| भुवनेश्वर (ओडिशा) | ₹4,000 – ₹8,000 |
| विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) | ₹3,000 – ₹8,000 |
Square Yards की रिपोर्ट के मुताबिक बुनियादी ढांचे के विकास से टियर 2 में कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है. सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नेशनल वाटरवेज के विकास से कनेक्टिविटी अच्छी रही है.
30 से 70 फीसदी तक एप्रिसिएशन
टियर 2 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट
| शहर | आने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट |
| सूरत | आउटर रिंग रोड और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर |
| पुरी | पुरी एयरपोर्ट और हेरिटेज कॉरिडोर |
| कोयंबटूर | एयरपोर्ट का विस्तार और RRTS प्रोजेक्ट |
| वाराणसी | वाराणसी-सारनाथ रिंग रोड और नया हाईवे |
| भुवनेश्वर | भुवनेश्वर रिंग रोड और कॉरिडोर प्रोजेक्ट |
| विशाखापट्टनम | 6-लेन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे |
स्क्वायर यार्ड के मुताबिक टियर 2 शहरों के इस डेवलपमेंट को सरकार के भारी निवेश से भी ताकत मिल रही है. सरकार ने बुनियादी ढांच के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर आवंटित किया है. इसके अलावा सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) पहल के तहत 5 साल के लिए प्रति एरिया 5,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा होम लोन की दरें 7.30 फीसदी के स्तर पर हैं. इससे मासिक ईएमआई में 3,900 रुपए की बचत होगी. पूरी लोन की अवधि में यह बचत लगभग 7.4 लाख रुपए तक हो जाएगी.
सवाल: पहली बार घर खरीदारों का मेट्रो सिटीज में घर खरीदना मुश्किल क्यों हो गया ?
जवाब: प्रॉपर्टी की लगातार बढ़ती कीमतों ने प्रमुख टियर 1 शहरों में घर खरीदना मुश्किल कर दिया है.
सवाल: 30 लाख रुपए से 60 लाख रुपए तक के घर कहां मिल रहे हैं?
जवाब: 30 लाख रुपए से 60 लाख रुपए तक के बजट में टियर 2 शहरों में घर उपलब्ध हैं.
सवाल: टियर 2 शहरों में लोगों को रुझान क्यों बढ़ा है?
जवाब: बेहतरीन कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण टियर 2 शहरों का रुझान बढ़ा है.
सवाल: ब्याज दर घटने से हर महीने कितनी बचत हो रही है?
जवाब: स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्याज दर के घटने से हर महीने 3,900 रुपए की बचत हो रही है.
सवाल: सूरत में प्रॉपर्टी के दाम कितने रुपए से शुरू हैं?
जवाब: सूरत में प्रॉपर्टी के दाम 2,000 रुपए से शुरू हैं.