AI का खौफ, नौकरियों पर मंडराते खतरे से घटी घरों की डिमांड, फिर भी घर खरीदारों को नहीं है दाम घटने की उम्मीद

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियों पर वैश्विक स्तर पर खतरा मंडरा रहा है. इससे घर खरीदारों का भी सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है. जानिए क्या अनिश्चितता की स्थिति में लंबे वक्त तक होम लोन लेना सही फैसला है?
AI का खौफ, नौकरियों पर मंडराते खतरे से घटी घरों की डिमांड, फिर भी घर खरीदारों को नहीं है दाम घटने की उम्मीद

घर खरीदारों को नहीं है दाम घटने की उम्मीद,  प्रतीकात्मक फोटो (AI/Gemini)

पश्चिम एशिया में चल युद्ध के कारण जहां कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं. दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियों में बड़े पैमाने पर खतरा मंडरा रहा है. अनिश्चितता के दौर पर कई कंपनियों ने छंटनी का रास्ता अपना लिया है. इसके असर रियल एस्टेट मार्केट के सेंटीमेंट्स पर भी पड़ा है. नाइट फ्रैंक इंडिया और NAREDCO की ताजा रिपोर्ट की रियल एस्टेट सेंटिमेंट इंडेक्स Q1 2026 रिपोर्ट के मुताबिक मौजूद दौर में घर खरीदारों को कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले कई बार सोचने की जरूरत है.

निर्णायक तौर से बदल रहा है AI

नाइट फ्रैंक और NAREDCO की रिपोर्ट के मुताबिक AI का तेजी से विस्तार ग्लोबल लेवल पर बिजनेस ऑपरेशन्स को खामोशी के साथ मगर निर्णायक तौर से बदल रहा है.

वर्कफोर्स को कम करनी हैं बड़ी कंपनियां

  • नाइट फ्रैंक के मुताबिक दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियां बड़े पैमान पर अपने वर्कफोस की छंटनी या फिर रिस्ट्रक्चरिंग करने जा रही है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक 52 फीसदी स्टेकहोल्डर्स को आने वाले 6 महीनों में घरों की मांग घटने की आशंका है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक रेजिडेंशियल सेगमेंट में आने वाले 6 महीने में नए घरों की सप्लाई और बिक्री दोनों में सुस्ती के संकेत मिल रहे हैं. 2026 की पहली तिमाही में इसका हल्का असर दिखना शुरू हो गया है.
  • मांग घटने के बावजूद 73 फीसदी लोगों को मानना है कि निर्माण लागत बढ़ने के कारण घरों की कीमत कम नहीं होगी, बल्कि स्थिर रहेंगी या बढ़ेंगी.
  • महंगाई को देखते हुए RBI ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है, इसका साफ मतलब है कि ब्याज दरों में अभी कोई कमी नहीं होगी.

Real Estate Sentiment

सोर्स: Knight Frank India

ब्रेंट क्रूड में 70% की बढ़ोतरी

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 के आखिरी में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 70 फीसदी का बड़ा उछाल आया है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमत ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है.

कच्चे माल की बढ़ी लागत

  • कच्चे तेल की बढ़ती कीमत के कारण लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे स्टील और सीमेंट की लागत काफी बढ़ गई है.
  • मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के कारण इंटरनेशनल एजेंसियों ने वैश्विक ग्रोथ रेट के अनुमान को घटाकर 3% से नीचे कर दिया है.
  • RBI ने अप्रैल से जून तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.9% को घटाकर 6.8% कर दिया है.
  • सर्वे में शामिल 50% स्टेकहोल्डर्स का मानना है कि आने वाले 6 महीनों में आर्थिक हालत और खराब होगी.

रियल एस्टेट सेंटिमेंट - रेजिडेंशियल मार्केट का आउटलुक (Q1 2026)

पैरामीटरबेहतर होगासमान रहेगाखराब होगा
घरों की बिक्री24%24%52%
नए प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग31%24%45%
घरों की कीमतें27%46% (स्थिर)27% (घटेंगी)

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रिस्की हो सकता है होम लोन

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और एमडी शिशिर बैजल के मुताबिक, 'महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर दिख रहा है. निर्माण लागत बढ़ने से रियल एस्टेट सेक्टर अब एक सतर्क रिकैलिबरेशन के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में खरीदार सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं." ऐसे में AI के कारण जॉब मार्केट में अनिश्चितता और दूसरी तरफ क्रूड के मंहगा होने से घरों की कीमत और EMI का बोझ बढ़ा है.

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