&format=webp&quality=medium)
घर खरीदारों को नहीं है दाम घटने की उम्मीद, प्रतीकात्मक फोटो (AI/Gemini)
पश्चिम एशिया में चल युद्ध के कारण जहां कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं. दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियों में बड़े पैमाने पर खतरा मंडरा रहा है. अनिश्चितता के दौर पर कई कंपनियों ने छंटनी का रास्ता अपना लिया है. इसके असर रियल एस्टेट मार्केट के सेंटीमेंट्स पर भी पड़ा है. नाइट फ्रैंक इंडिया और NAREDCO की ताजा रिपोर्ट की रियल एस्टेट सेंटिमेंट इंडेक्स Q1 2026 रिपोर्ट के मुताबिक मौजूद दौर में घर खरीदारों को कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले कई बार सोचने की जरूरत है.
नाइट फ्रैंक और NAREDCO की रिपोर्ट के मुताबिक AI का तेजी से विस्तार ग्लोबल लेवल पर बिजनेस ऑपरेशन्स को खामोशी के साथ मगर निर्णायक तौर से बदल रहा है.
वर्कफोर्स को कम करनी हैं बड़ी कंपनियां

सोर्स: Knight Frank India
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 के आखिरी में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 70 फीसदी का बड़ा उछाल आया है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमत ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है.
कच्चे माल की बढ़ी लागत
रियल एस्टेट सेंटिमेंट - रेजिडेंशियल मार्केट का आउटलुक (Q1 2026)
| पैरामीटर | बेहतर होगा | समान रहेगा | खराब होगा |
| घरों की बिक्री | 24% | 24% | 52% |
| नए प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग | 31% | 24% | 45% |
| घरों की कीमतें | 27% | 46% (स्थिर) | 27% (घटेंगी) |
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और एमडी शिशिर बैजल के मुताबिक, 'महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर दिख रहा है. निर्माण लागत बढ़ने से रियल एस्टेट सेक्टर अब एक सतर्क रिकैलिबरेशन के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में खरीदार सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं." ऐसे में AI के कारण जॉब मार्केट में अनिश्चितता और दूसरी तरफ क्रूड के मंहगा होने से घरों की कीमत और EMI का बोझ बढ़ा है.