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गुरुग्राम में इंडिपेंडेंट फ्लोर का क्रेज (रिप्रेजेंटेटिव इमेज/AI Generated/Gemini)
हाई राइज बिल्डिंग्स के लिए मशहूर गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट में कोविड महामारी के बाद से घर खरीदारों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है. अब खरीदार बड़ी इमारतें में घर नहीं बल्कि प्राइवेसी, ज्यादा स्पेस और एक स्वतंत्र लाइफस्टाइल की तलाश में हैं. इसी कारण लो राइज इंडिपेंडेंट फ्लोर्स का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. देश के दो बड़े बिल्डर्स सिग्नेचर ग्लोबल और डीएलफ बायर्स की इस बदलती मांग को भुनाने के लिए इंडिपेंडेंट फ्लोर पर फोकस कर रहे हैं.
डीएलएफ की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक गुरुग्राम में इंडिपेंडेंट फ्लोर्स प्रोजेक्ट के तहत 7893 करोड़ रुपए की भारी-भरकम सेल्स बुकिंग हुई है. इस प्रोजेक्ट से कंपनी को 6801 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला है.
22 लाख स्क्वायर फीट के इंडिपेंडेंट फ्लोर्स का निर्माण पूरा

सोर्स: DLF Investor Presentation
हाई राइज के मुकाबले लो राइज इंडिपेंडेंट फ्लोर्स का निर्माण बहुत तेजी से होता है. रियल्टी कंपनियों के लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर पजेशन तक का समय कम हो गया है, जिससे बायर्स को पजेशन जल्दी मिलता है.
इंडिपेंडेंट फ्लोर्स में 32% की बढ़ोतरी
साउथ दिल्ली में इंडिपेंडेंट फ्लोर्स की कीमत
| कॉलोनी कैटेगरी | फ्लोर साइज (स्क्वायर फीट) | Q1 2026 एवरेज कीमत (करोड़ रुपये) | Q1 2025 एवरेज कीमत (करोड़ रुपये) | सालाना बढोतरी (YoY) |
| कैटेगरी A | 2500 | 19.5 | 16 | 22% |
| कैटेगरी A | 6000 | 40 | 35 | 14% |
| कैटेगरी B | 2500 | 10.75 | 8.75 | 23% |
| कैटेगरी B | 3200 | 16.5 | 0.32 | 32% |
गोल्डन ग्रोथ फंड के सीईओ अंकुर जालान के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक तनाव के बीच अमीर भारतीय परिवार और NRI लग्जरी इंडिपेंडेंट फ्लोर को सुरक्षित बाजार मानते हुए इनमें पूंजी लगा रहे हैं. जहां हाई राइज बिल्डिंग्स को पूरा होने में कई साल लग जाते हैं, जबकि इस तरह के निवेश और प्रोजेक्ट्स का जेस्टेशन पीरियड लगभग डेढ़ साल होता है. कम समय लगने के कारण निवेशकों को घर में जल्दी एंट्री और रिटर्न का फायदा मिलता है.