छोटे शहर तोड़ेंगे दिल्ली NCR-मुंबई का घमंड, GST में बदलाव से आएगा रियल एस्टेट बूम, घर खरीदना होगा आसान

जीएसटी दरों में बदलाव के बाद अफर्डेबल हाउसिंग को एक नई संजीवनी मिल सकती है. खासकर टियर II और टियर III में घरों की मांग में बढ़ोतरी हो सकती है. जानिए क्या होगा रियल एस्टेट सेक्टर पर असर.
छोटे शहर तोड़ेंगे दिल्ली NCR-मुंबई का घमंड, GST में बदलाव से आएगा रियल एस्टेट बूम, घर खरीदना होगा आसान

फेस्टिव सीजन से ठीक पहले नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों की घोषणा कर दी है. इसके तहत जीएसटी के अब केवल दो स्लैब 5% और 18% होंगे. इन सुधारों से भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी वस्तुओं पर टैक्सी की दरें घटा दी गई हैं. ये नए दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हो जाएंगी. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म Anarock के मुताबिक इन बदलावों का सबसे ज्यादा पॉजिटिव असर देश के टियर II और टियर III शहरों पर देखने को मिलेगा, जिससे इन शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर में बूम आने की उम्मीद है.

टैक्स की गणना का भ्रम खत्म

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Anarock के ग्रुप चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक जीएसटी प्रणाली को सरल बनाना एक अहम कदम है. पहले की पांच स्लैब प्रणाली को खत्म करके अब दो स्लैब- 5% और 18% में बदल दिया है.

टियर II और टियर III शहरों में पड़ेगा प्रभाव

  • अनुज पुरी के मुताबिक इन बदलाव से टैक्स की गणना को लेकर पैदा होने वाला सारा भ्रम खत्म हो जाएगा. हालांकि, टैक्स की यही स्पष्टता ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने में एक लंबा सफर तय करेगी.
  • खासकर टियर II और टियर III शहरों में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने जा रहा है.

निर्माण लागत में 3 से 5 फीसदी की कमी

Anarock के मुताबिक टियर II और टियर III शहरों में बड़ी संख्या में लोग पहली बार घर खरीदने का सपना देखते हैं या फिर प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर संशय में रहते हैं.

बना सकेंगे बेहतर वित्तीय योजना

  • अब जब टैक्स को लेकर किसी भी तरह का कोई संशय नहीं होगा. ऐसे में खरीदार भी बाजार में आने के लिए प्रोत्साहित होंगे.
  • घर खरीदारों को इस बारे में साफ-साफ जानकारी होगी कि किसे कितना टैक्स देना है, जिससे वह बेहतर वित्तीय योजना बना सकेंगे.
  • खासकर सीमेंट जैसी जरूरी चीजों पर GST घटने से निर्माण की कुल लागत में 3 से 5 फीसदी की कमी आ सकती है.

निर्माण सामग्री पर GST की पुरानी और नई दरें

सामग्रीपुरानी GST दरनई GST दर
सीमेंट28%18%
पोर्टलैंड, स्लैग28%18%
टाइल, ईंटें12%5%
पत्थर जड़ाई कार्य12%5%

कैश फ्लो और मार्जिन में आएगा सुधार

सीमेंट, टाइल, ईंटे, पत्थर से जुड़े काम, पोर्टलैंड, स्लैग के जीएसटी रेट्स घटने का सीधा फायदा किफायती घर बनाने वाले डेवलपर्स को मिलेगा, जिससे उनके कैश फ्लो और मार्जिन में सुधार आएगा. यदि डेवलपर्स इस कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, तो इन छोटे शहरों में घरों की मांग और ज्यादा बढ़ सकती है. सरकार ने इन सुधार को फेस्टिव सीजन के साथ जोड़कर बाजार की धारणा और बिजनेस को बढ़ावा देने की एक बड़ी कोशिश होगी.

GST से जुड़े FAQs

सवाल: GST की नई दरें कब से लागू होंगी?

जवाब: ये नई दरें 22 सितंबर, 2025 से प्रभावी होंगी.

सवाल: सीमेंट और टाइल्स पर अब कितना GST लगेगा?

जवाब: नई दरों के तहत सीमेंट पर 18% और टाइल्स एवं ईंटों पर 5% GST लगेगा.

सवाल: इन बदलावों से घर खरीदारों को क्या फायदा होगा?

जवाब: घर की कुल लागत को समझना आसान हो जाएगा, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा । इसके अलावा, निर्माण लागत में कमी का फायदा भी घर खरीदारों को मिल सकता है.

सवाल: किन शहरों को इन सुधारों से सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है?

जवाब: विश्लेषण के अनुसार, टियर-II और टियर-III शहरों पर इसका सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

सवाल: छोटे शहरों में रियल एस्टेट बूम की उम्मीद क्यों की जा रही है?

जवाब: टैक्स को लेकर स्पष्टता से पहली बार घर खरीदने वाले और संशय में पड़े खरीदार बाजार में आने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे मांग बढ़ने की उम्मीद है.

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