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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से शहर को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 16बी स्थित अजनारा होम्स सोसाइटी पर कूड़े के अनुचित निस्तारण और सफाई व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के चलते 2.01 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई बुधवार को तब की गई जब वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव के नेतृत्व में प्राधिकरण की स्वास्थ्य विभाग की टीम अजनारा होम्स में निरीक्षण करने पहुंची.
स्थानीय निवासियों की बार-बार शिकायत के बाद टीम ने बेसमेंट में कूड़े के ढेर पाए. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सोसाइटी द्वारा न तो कूड़े का उचित ढंग से निस्तारण किया जा रहा है और न ही सेनेटरी वेस्ट को प्रोसेस किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा हो रहे हैं. प्राधिकरण के अधिकारियों ने सोसाइटी प्रबंधन को तीन कार्य दिवसों के भीतर जुर्माने की राशि जमा कराने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही,प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक पाठक ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सभी बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने स्तर पर ही कूड़े का सही निस्तारण सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा भविष्य में और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.
प्राधिकरण के जल विभाग की टीम ने जब सोसाइटी के वाटर टैंक और जलाशयों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया, तो उसमें भी घोर लापरवाही पाई गई. पानी की गुणवत्ता खराब मिलने और साफ-सफाई व्यवस्था में अनियमितता के चलते अजनारा होम्स पर 25 लाख रुपए का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया था. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी सोसाइटी प्रबंधन और निवासियों से अपील की है कि वे शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें तथा कूड़े के उचित प्रबंधन को प्राथमिकता दें.
अजनारा होम्स पिछले चार-पांच दिनों में पेयजल के दूषित होने के कारण 200 से अधिक लोग बीमार पड़ गए थे. पीटीआई भाषा से बातचीत में सोसाइटी के निवासी दिनकर पांडेय ने कहा, "हम पिछले चार-पांच दिनों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं. सोसाइटी के 200 से अधिक निवासी पीड़ित हैं. यह संख्या बढ़कर 400-500 तक हो सकती है. हमें लगता कि निवासियों के बीमार पड़ने का कारण पानी का दूषित होना है."
(IANS और भाषा इनपुट के साथ)