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Representative Image (AI Generated)
देश के रियल एस्टेट और हाउसिंग मार्केट इन दिनों बड़े बदलाव से गुजर रहा है. इस बदलाव की अगुवाई युवा यानी Millennials और Gen Z कर रहे हैं. युवा प्रोफेशनल्स अब गुरुग्राम, नोएडा जैसे बड़े शहरों की भीड़ भाड़ से दूर शहर के बाहरी इलाकों में बसना चाह रहे हैं. KPMG और डेवलपर्स के संघ रियल एस्टेट डेवलपर्स काउंसिल (NAREDCO) की रिपोर्ट "The Role of Real Estate in Viksit Bharat @ 2047 रिपोर्ट में यह सच्चाई सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक युवा पीढ़ी की रियल एस्टेट से उम्मीदें अपनी पिछली पीढ़ियों के मुकाबले बेहद अलग है.
KPMG और NAREDCO की रिपोर्ट के मुताबिक Gen Z और Millennials बेहद महंगे और शहर के बीचों-बीच (सिटी सेंटर्स) स्थित इलाकों के बजाय किफायती और सुविधाओं से भरपूर बाहरी (पेरिफेरल) इलाकों में जाना पसंद कर रहे हैं.

वित्त वर्ष 2026-27 के इकोनॉमिक सर्वे में भी रियल एस्टेट सेक्टर में बाहरी इलाकों के ट्रेंड की पुष्टि की है. आर्थिक सर्वे के मुताबिक, देश के 16 शहरों में पेरीफेरी टू ग्रोथ रेशियो एक से ज्यादा है.
शहरों से बाहर महानगरों का विस्तार
क्या है Gen Z की प्राथमिकता
| प्राथमिकता | डीटेल्स |
| लोकेशन | महंगे शहर के बीच के बजाय किफायती पेरीफेरल (बाहरी) इलाके. |
| प्रॉपर्टी का प्रकार | अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की जगह तुरंत शिफ्ट होने के लिए 'रेडी-टू-मूव' घर. |
| सुविधाएं | जिम, पार्क, कैफे और कोवर्किंग स्पेस वाली एमेनिटी-रिच कम्युनिटी. |
| डिजाइन | बड़े घरों के बजाय 'प्रैक्टिकल लेआउट' वाले छोटे लेकिन स्मार्ट स्पेस. |
सोर्स: KPMG, NAREDCO रिपोर्ट
KPMG इंडिया ग्लोबल के पार्टनर और हेड नीरज बंसल के मुताबिक, "रियल एस्टेट आर्थिक इरादों को बड़े पैमाने पर फिजिकल कैपिसिटी में बदलता है, इससे शहरों और ग्रोथ कॉरिडोर में लेबर मोबिलिटी, उद्यम विस्तार और हाई प्रोडक्टविटी संभव होती है." NAREDCO के प्रेसिडेंट प्रवीन जैन के मुताबिक, "जैसे-जैसे देश विकसित भारत 2047 की तरफ बढ़ रहा है, मुख्य सवाल यह नहीं है कि हमारी इमारतें कितनी ऊंची होंगी, बल्कि यह है कि हमारे नागरिक हमारे शहरों और कस्बों में कितन आत्मविश्वास के साथ रहते, काम करते और भविष्य बनाते हैं."
सवाल: Millennials और Gen Z घर किन लोकेशन पर ले रहे हैं?
जवाब: Millennials और Gen Z घर शहर के बाहरी इलाकों पर ले रहे हैं.
सवाल: युवा बाहरी इलाकों में क्यों घर खरीदना चाहते हैं?
जवाब: युवा खरीदार प्रेस्टीज एड्रेस के बजाय अफोर्डेबिलिटी और स्पेस के लिए बाहरी इलाकों को चुन रहे हैं.
सवाल: बाहरी इलाकों में घर लेने का क्या फायदा है?
जवाब: बाहरी इलाकों में घर लेने से शहरों के सिटी सेंटर्स की भीड़-भाड़ से दूर रहते हैं. साथ ही शहरों के मुख्य इलाकों पर दबाव कम हो रहा है.
सवाल: युवा किस तरह के घरों में निवेश करना चाह रहे हैं?
जवाब: युवा अंडर कंस्ट्रक्शन नहीं बल्कि रेडी टू मूव घरों को तरजीह दे रहे हैं.
सवाल: नेक्स्ट जनरेशन खरीदार किस तरह के घरों के डिजाइन ढूंढ रहे हैं?
जवाब: नेक्स्ट जेन खरीदार प्रैक्टिकल लेआउट वाले घरों की तलाश कर रहे हैं. इनमें स्पेस कम हो लेकिन स्मार्ट तरीके से डिजाइन किए हो.