GDP आसमान में, होम लोन की EMI सस्ती, क्या घर खरीदने का आ गया सही वक्त? फैसला लेने से पहले जान लें ये सच्चाई

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही है. इसके अलावा ब्याज दर और महंगाई के मोर्चे पर भी राहत मिली है. ऐसे में घर खरीदारों के मन में सवाल है कि क्या ये घर खरीदने का सही वक्त है. जानिए क्या कहती है ताजा रिपोर्ट.
GDP आसमान में, होम लोन की EMI सस्ती, क्या घर खरीदने का आ गया सही वक्त? फैसला लेने से पहले जान लें ये सच्चाई

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी 7.8 फीसदी की शानदार दर से बढ़ी है. वहीं, आरबीआई द्वारा होम लोन की ब्याज दरों को लगातार कम किया जा रहा है. इसके अलावा महंगाई भी निचले स्तर पर बनी हुई है. ऐसे में इन पॉजिटिव संकेतों से हर कोई सोच रहा है कि क्या यह प्रॉपर्टी में निवेश करने और अपने सपनों का घर खरीदने का सबसे अच्छा वक्त है. ब्रोकरेज फर्म एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड की रियल एस्टेट पर ताजा रिपोर्ट आपको इस सवाल का जवाब ढूंढने में मदद कर सकती है.

आर्थिक माहौल काफी उत्साहजनक

ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक घर खरीदने के लिए मौजूदा आर्थिक माहौल काफी हद तक उत्साहजनक है. रिपोर्ट के मुताबिक कई ऐसे बड़े कारणों का जिक्र किया गया है, जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छे संकेत दे रहे हैं.

बेहतरीन GDP ग्रोथ: वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रही है, जो उम्मीद से बेहतर है.

घटती हुई ब्याज दरें: रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज दरों का घटना ट्रेंड में है. फिलहाल रेपो रेट 5.5 फीसदी पर है. इसमें आगे भी 0.25 फीसदी कटौती की उम्मीद है. इससे होम लोन पर ईएमआई सस्ती हो सकती है.

कम महंगाई: जुलाई के महीने में महंगाई दर (CPI) 1.55 फीसदी के लोवर लेवल पर थी, जिससे लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ती है.

दूसरे फायदे: 12 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर टैक्स में छूट और अनुकूल मानसून ने भी बाजार के माहौल को बेहतर बनाया है.

क्या बने हुए हैं जोखिम

रिपोर्ट में यह भी साफ कहा है कि तस्वीर पूरी तरह से पॉजिटिव नहीं है. ब्रोकरेज के मुताबिक, अमेरिका के साथ व्यापार में अनिश्चितताएं और आईटी कंपनियों में हो रही छंटनी एक नकारात्म जोखिम पैदा करती है.

  • ब्रोकरेज ने कहा है कि हर शहर के प्रॉपर्टी मार्केट एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर रहा है. पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में घरों की बिक्री अच्छी रही है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में बिक्री सुस्त है और गुरुग्राम में कम बिक्री के कारण कीमतों पर दबाव है.

घर खरीदने के पक्ष में सकारात्मक संकेत

आर्थिक संकेतविवरण
GDP ग्रोथ

पहली तिमाही (Q1 FY26) में 7.8% की मजबूत वृद्धि ।

ब्याज दरें (Repo Rate)

5.5% के निचले स्तर पर, और कटौती की उम्मीद ।

महंगाई दर (Inflation)

जुलाई में CPI 1.55% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर ।

अन्य कारक

₹12 लाख तक की आय पर टैक्स में छूट और अनुकूल मानसून ।

नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होने की उम्मीद

विशेषज्ञों के मुताबिक फेस्टिव सीजन और अक्टूबर से नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होने की उम्मीद है. उन पर मिलने वाली प्रतिक्रिया ही अगले कुछ महीने में बाजार की असली दिशा तय करेगी. ऐसे में भले ही आर्थिक संकेत मजबूत हो, लेकिन यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी कि यह घर खरीदने का सबसे अच्छा वक्त है. इन सभी चीजों को देखते हुए खरीदारों को अपने शहर के हालात और व्यक्तिगत जोखिमों का आंकलन करने के बाद ही कोई फैसला करना चाहिए.

खबर से जुड़े FAQs

सवाल: रिपोर्ट के अनुसार, क्या यह घर खरीदने का सबसे अच्छा समय है?

जवाब: आर्थिक संकेतक जैसे अच्छी जीडीपी, कम ब्याज दरें और कम महंगाई घर खरीदने के लिए एक बहुत ही सकारात्मक माहौल बना रहे हैं.

सवाल: रियल एस्टेट बाजार के लिए मुख्य जोखिम क्या हैं?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के साथ व्यापार अनिश्चितता और आईटी सेक्टर में छंटनी बाजार के लिए मुख्य जोखिम हैं.

सवाल: क्या सभी शहरों में घरों की बिक्री अच्छी हो रही है?

जवाब: नहीं, बाजार का हाल मिला-जुला है. बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में बिक्री अच्छी है, लेकिन मुंबई (MMR) में सुस्त है और गुरुग्राम में कीमतों पर दबाव है.

सवाल: वर्तमान में होम लोन की ब्याज दरें कैसी हैं?

जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, रेपो रेट 5.5% के निचले स्तर पर है और इसमें आगे भी 0.25% की कटौती की उम्मीद है, जिससे होम लोन और सस्ता हो सकता है.

सवाल: घर खरीदारों को आगे किस चीज पर नजर रखनी चाहिए?

जवाब: अक्टूबर से नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स लॉन्च होने की उम्मीद है। इन नए लॉन्च पर ग्राहकों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि बाजार का भविष्य कैसा रहेगा.

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6