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GDA मधुबन बापूधाम प्लॉट स्कीम (Photo: प्रतीकात्मक इमेज/AI/Gemini)
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की बहुचर्चित मधुबन बापूधाम भूखंड योजना (योजना संख्या-935) में आवेदन का आज (4 जून) आखिरी दिन है. इस योजना में 40 से 200 वर्ग मीटर के प्लॉट का ड्रॉ के जरिए आवंटन होगा. इन प्लॉट्स की कीमत 14 लाख रुपए से शुरू है. योजना के नियमों के मुताबिक, अगर आप कॉर्नर और पार्क फेसिंग प्लॉट खरीदना चाहते हैं, तो आपको ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. इसके अलावा सभी प्लॉटों की रजिस्ट्री फ्रीहोल्ड की जाएगी.
मधुबन बापूधाम भूखंड योजना के ब्रोशर के मुताबिक, कॉर्नर प्रॉपर्टी होने पर भूखंड के मूल्य पर 5 फीसदी की अतिरिक्त धनराशि देय होगी. इसके अलावा पार्क-फेसिंग प्रॉपर्टी होने पर भी 5 फीसदी अतिरिक्त धनराशि देनी होगी.
सामान्य से 12% ज्यादा रकम
प्लॉट की लोकेशन और दूसरे मदों पर लागू अतिरिक्त शुल्क
| अतिरिक्त शुल्क का प्रकार | देय धनराशि/शुल्क का प्रतिशत |
| कॉर्नर प्रॉपर्टी | भूखंड के सामान्य मूल्य पर 5% ज्यादा |
| पार्क फेसिंग | भूखंड के सामान्य मूल्य पर 5% ज्यादा |
| 18 मीटर या उससे चौड़ी सड़क | भूखंड के सामान्य मूल्य पर 5% ज्यादा |
| कॉर्नर, पार्क फेसिंग और चौड़ी सड़क एक साथ | सामान्य मूल्य से 12% अधिक |
| फ्री होल्ड शुल्क | भूखंड मूल्य का 12 प्रतिशत + GST |
| TDS | प्रॉपर्टी की देय धनराशि का 1 प्रतिशत |
| मेंटेनेंस चार्ज | 5 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिमाह |
मधुबन बापूधाम योजना के नियमों के तहत कब्जे के लिए आवंटी को आवंटन तिथि से तीन साल (36 महीने) का इंतजार करना होगा. भूखंड की पूरी रकम जमा करने और अन्य देय राशि चुकाने के बाद ही आवंटी को रजिस्ट्री कराकर कब्जा सौंपा जाएगा.
5 रुपए प्रति वर्ग मीटर का मेंटेनेंस चार्ज
प्रमुख भूखंडों का क्षेत्रफल और उनका रिजर्व प्राइस
| भूखंड का क्षेत्रफल | श्रेणी | भूखंडों की संख्या | न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रु. लाख में) | पंजीकरण राशि (सामान्य वर्ग) |
| 200 वर्ग मीटर | A | 24 | 70.00 लाख | 7,00,000 रुपए |
| 150 वर्ग मीटर | B | 49 | 52.50 लाख | 5,25,000 रुपए |
| 120 वर्ग मीटर | C | 24 | 42.00 लाख | 4,20,000 रुपए |
| 90 वर्ग मीटर | F | 60 | 31.50 लाख | 3,15,000 रुपए |
| 60 वर्ग मीटर | G | 61 | 21.00 लाख | 2,10,000 रुपए |
| 40 वर्ग मीटर | H | 76 | 14.00 लाख | 1,40,000 रुपए |
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मुताबिक, आवंटी 3 महीने तक तय किस्तों का भुगतान नहीं करता है या लगातार 3 क्वार्टर किस्तें जमा नहीं करता, तो अथॉरिटी के पास भूखंड का आवंटन निरस्त करने का पूरा अधिकार होगा. प्लॉट की कीमत चुकाने या फिर घर बनाने के लिए यदि आवंटी लोन लेता है, तो इसके लिए भूखंड को गिरवी रखने का अधिकार होगा. हालांकि, लोन लेने के लिए पहले GDA में आवेदन करके NOC लेनी होगी. साथ ही प्लॉट की रजिस्ट्री से पहले बैंक से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लाकर अथॉरिटी में जमा करना होगा.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 फ्री होल्ड प्रॉपर्टी क्या होती है?
फ्री होल्ड प्रॉपर्टी वह प्रॉपर्टी होती है जिसमें आवंटी का पूरा मालिकाना हक होता है. इस पर कोई लीज रेंट या सालाना किराया नहीं लगता है.
Q2 ड्रॉ या लॉटरी सिस्टम क्या होता है?
ड्रॉ में कंप्यूटर या पर्ची के जरिए से नाम निकाले जाते हैं. इसमें बिना किसी भेदभाव के प्रॉपर्टी को आवंटित किया जाता है.
Q3 कॉर्नर प्लॉट क्या होते हैं?
कॉर्नर प्लॉट में दोनों तरफ सड़क होती है. दोनों तरफ से खुला होने के कारण इन भूखंडों में बने घरों में अच्छा वेंटिलेशन होता है और रोशनी भी अच्छी आती है.
Q4 पार्क फेसिंग प्लॉट क्या होते हें?
पार्क फेसिंग प्लॉट में प्लॉट के एकदम सामने पार्क या हरा भरा खुला मैदान होता है. ऐसे घर के सामने कोई दूसरा निर्माण नहीं होता है.
Q5 एक वर्ग मीटर में कितने स्क्वायर फीट होते हैं?
जमीन या प्रॉपर्टी के साइज नापने के लिए यह सबसे आसान कैलकुलेशन है. एक वर्ग मीटर में लगभग 10.76 स्क्वायर फीट होते हैं.