&format=webp&quality=medium)
दिल्ली एनसीआर में स्थित गाजियाबाद धीरे-धीरे नोएडा और गुरुग्राम को पिछाड़कर एक नया रियल एस्टेट हब बनकर उभर रहा है. जहां दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में लग्जरी सेगमेंट में फोकस किया जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ गाजियाबाद मिडिल क्लास के लिए एक रेजिडेंशियल हब बन रहा है. एक्सिस कैपिटल की दिल्ली एनसीआर की रियल एस्टेट पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक गाजियाबाद का एक वक्त दिल्ली एनसीआर के मार्केट में जबरदस्त बोलबाला था.
Airtel App से पाएं AI का Pro Version एकदम फ्री!
Axis Capital की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 में एनसीआर में बिकने वाले कुल घरों में से 48 फीसदी अकेले गाजियाबाद में बिके थे. हालांकि, कुछ साल के बाद इसमें गिरावट दर्ज की गई. साल 2024 में दिल्ली एनसीआर में गाजियाबाद की हिस्सेदार गिरकर 14 फीसदी में आ गई थी. हालांकि, अब एक बार फिर बाजार में हलचल तेज हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक इसकी हालिया सफलता के बाद शहर दोबारा निवेशकों और घर खरीदारों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है.
8th Pay Commission: रिपोर्ट में देरी… सैलरी Hike… जानें 6 बड़े अपडेट!
एनसीआर में अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती दामों पर बड़े घरों की बढ़ती मांग इस बदलाव एक बड़ा कारण मानी जा रही है. यही कारण है कि मैक्स एस्टेट्स जैसे डेवलपर भी गाजियाबाद में विस्तार के लिए संभावित बाजार के तौर पर देख रहा है. एक्सिस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम (53 फीसदी) के मुकाबले गाजियाबाद की हिस्सेदारी फिलहाल मामूली है लेकिन, दिल्ली एनसीआर के मार्केट में इसकी वापसी के संकेत बेहद मजबूत है. खासकर बेहतर कनेक्टिविटी के कारण भी ये घर खरीदारों के लिए अच्छा विकल्प मिल रहा है.
IPL कैसे बना ₹1.5 लाख करोड़ का बिजनेस?
आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में रियल एस्टेट कंपनी प्रेस्टीज ग्रुप की गाजियाबाद में आवासीय परियोजनाओं में मजबूत मांग के कारण उसकी बिक्री बुकिंग में वृद्धि हुई है.रियल्टी कंपनी की जून तिमाही में बिक्री 12,126.4 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर रही है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 300 प्रतिशत की वृद्धि है. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी की बिक्री बुकिंग 3,029.5 करोड़ रुपये रही थी.