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Sahara India ED Properties: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा ग्रुप इंडिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में कई स्थानों पर छापेमार की है. यह एक्शन सहारा की प्रॉपर्टीज की खरीद-फरोख्त में हुई कथित गड़बडियों और उससे आम निवेशकों को हुए भारी वित्तीय नुकसान के आरोपों के सिलसिले में की गई है. ईडी की टीमों ने खास तौर से राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में दर्जनभर से ज्यादा जगहों पर एक साथ दबिश दी है.
सहारा की प्रॉपर्टी खरीद में निवेशकों को नुकसान हुआ था. आपको बता दें कि इससे पहले ईडी ने सहारा ग्रुप की 16 शहरों में फैली 1023 एकड़ की जमीन को अटैच किया था. इसमें महाराष्ट्र की सिंधूदुर्ग और सोलापुर की प्रॉपर्टी भी शामिल थी. सहारा ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत ये कार्रवाई की गई है. ये जमीनें बेनामी नामों पर खरीदी गई थी, इसके लिए सहारा ग्रुप की कंपनियों से फंड जायवर्ट किए गए थे. अटैच प्रॉपर्टी में सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड भी शामिल है, जिसकी साल 2016 के सर्किल रेट के हिसाब से कीमत 1538 करोड़ रुपए है.
सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड में सिंधूदुर्ग के डोडामार्ग तालुका में फैली 30.4 एकड़ और सोलापुर के नेशनल हाईवे के पास 125.5 एकड़ जमीन भी शामिल है. ये हाईवे सोलापुर को मुंबई से जोड़ता है. ईडी ने सहारा ग्रुप के खिलाफ ये जांच तीन चीटिंग केस के आधार पर की है. एजेंसी ने सहारा ग्रुप के खिलाफ अपनी इन्वेस्टिगेशन की शुरुआत हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (HICCSL) के खिलाफ की. यहा जांच ओडिशा, बिहार और राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज किए गए धोखाधड़ के तीन मामलों पर आधारित थी.
ईडी ने इससे पहले जुलाई में सहारा ग्रुप के चेयरमैन की कोर मैनेजमेंट ऑफिस के कार्यकारी निदेशक अनिल वैलापरम्पिल अब्राहम और सहारा ग्रुप के लंबे वक्त से सहयोगी और प्रॉपर्टी ब्रोकर जितेंद्र प्रसाद वर्मा को अरेस्ट किया था. यह गिरफ्तारी सहारा इंडिया और उसकी ग्रुप संस्थाओं के मामले में PMLA 2002 के प्रावधान के तहत की गई थी. सहारा ग्रुप की अलग-अलग संस्थाओं के खिलाफ 500 सेज्यादा FIR दर्ज की गई है.