5 लाख वर्ग मीटर की जमीन पर अवैध कब्जा, ED ने गोवा में जब्त की ₹1,268 करोड़ की संपत्ति, लैंड स्कैम का भांडाफोड़

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पणजी जोनल ऑफिस ने गोवा में मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है. ईडी ने 5 लाख वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैली 19 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है.
5 लाख वर्ग मीटर की जमीन पर अवैध कब्जा, ED ने गोवा में जब्त की ₹1,268 करोड़ की संपत्ति, लैंड स्कैम का भांडाफोड़

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल ऑफिस ने गोवा में एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया. ईडी ने कार्रवाई करते हुए 5 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैली 19 अचल संपत्तियों को अस्‍थायी रूप से अटैच किया है. ये संपत्तियां अंजुना, असगांव, उकासिम जैसे गोवा के प्रीमियम इलाकों में स्थित हैं और इनकी कुल अनुमानित कीमत 1,268.63 करोड़ रुपए है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है.

जाली भूमि स्वामित्व दस्तावेजों का इस्तेमाल

ईडी के मुताबिक, शिवशंकर मायेकर के नेतृत्व वाले एक समूह द्वारा अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की गई थी, जिसमें कई प्रकार के जाली भूमि स्‍वामित्‍व दस्‍तावेजों का उपयोग किया गया था.

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12.85 करोड़ रुपए के बैंक अकाउंट्स फ्रीज

  • इससे पहले 9 और 10 सितंबर को की गई तलाशी के दौरान एजेंसी ने 12.85 करोड़ रुपए के बैंक अकाउंट्स और कीमती संपत्तियों को भी जब्त व फ्रीज किया था.

FIR से शुरू हुई थी जांच

  • धन शोधन की जांच गोवा पुलिस द्वारा यशवंत सावंत और अन्‍य के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर से शुरू हुई है, जिसमें सर्वेक्षण संख्‍या 496/1-ए, अंजुना में भूमि के संबंध में अंजुना के समुदाय के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है.

जाली दस्तावेजों से किया फर्जी दाखिल-खारिज

ईडी ने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर जाली दस्‍तावेजों का उपयोग करके अपने नाम पर भूमि का फर्जी दाखिल-खारिज करवा लिया। इसके कुछ हिस्‍से को तीसरे पक्ष को बेचकर अपराध से धन अर्जित किया.

मायेकर को बताया मुख्य साजिशकर्ता

  • ईडी की जांच में मायेकर को मुख्‍य साजिशकर्ता बताया गया है और आरोप है कि उसने अपने रिश्‍तेदारों और सहयोगियों के नाम पर गोवा में कई जमीन अवैध रूप से खरीदीं। उसे एक अक्‍टूबर को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी न्‍यायिक हिरासत में है.

अवैध भूमि अधिग्रहण से जुड़ी FIR

  • जांच में अंजुना और असगांव में अवैध भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चार और एफआईआर भी सामने आई हैं. कई और जमीन भी इसी तरह की धोखाधड़ी से खरीदे जाने का संदेह है.

ये थी घोटाले की कार्यप्रणाली

ईडी द्वारा संपत्तियों से संबंधित जानकारी पीएमएलए के अंतर-एजेंसी समन्‍वय तंत्र के तहत संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की जा रही है. जांच में मायेकर के नेतृत्‍व वाले समूह द्वारा कथित रूप से अपनाई गई एक व्‍यवस्थित कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है, जिसमें असुरक्षित या कम मूल्‍यांकित भूमि के टुकड़ों की पहचान करना, जाली कागजात तैयार करके इन जमीनों को खुद से संबंधित लोगों के नाम पर परिवर्तित करके अपराध से अतिरिक्त आय अर्जित करके तीसरे पक्ष को बेचने का खुलासा हुआ है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: ईडी ने गोवा में हाल ही में क्या बड़ी कार्रवाई की है?

जवाब: ईडी ने गोवा में एक मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 1,268.63 करोड़ रुपये की 19 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच (जब्त) किया है.

सवाल: जब्त की गई संपत्तियां गोवा में कहां स्थित हैं?

जवाब: ये संपत्तियां गोवा के प्रीमियम इलाकों जैसे अंजुना, असगांव और उकासिम में स्थित हैं और 5 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैली हैं.

सवाल: इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता किसे बताया गया है?

जवाब: ईडी की जांच में शिवशंकर मायेकर को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जिसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

सवाल: आरोपियों ने जमीनों पर अवैध कब्जा कैसे किया?

जवाब: आरोपियों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके जमीन अपने और रिश्तेदारों के नाम करवाई और फिर उसे तीसरे पक्ष को बेचकर अवैध कमाई की.

सवाल: ईडी की यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई है?

जवाब: यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है.

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