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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटरों अनिल भल्ला और गौतम भल्ला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में करीब 108 करोड़ रुपए कीमत के 1.35 एकड़ कमर्शियल प्लॉट को प्रोविजनली अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में 2021 में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर हुई है. इन एफआईआर में वाटिका लिमिटेड पर निवेशकों से धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और बेईमानी करने के गंभीर आरोप लगे थे.
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. कंपनी निवेशकों को लुभावने ऑफर देती थी.
ग्राहकों के साथ किया धोखाधड़ी
रिटर्न देना कर दिया बंद
ईडी की जांच में पता चला कि चार प्रोजेक्ट्स में कुल 659 निवेशकों ने लगभग 248 करोड़ रुपए लगाए थे. ये प्रोजेक्ट हैं, वाटिका इंटेक्स सिटी सेंटर (टावर डी, ई और एफ) गुरुग्राम, वाटिका माइंडस्केप्स टावर-सी फरीदाबाद, वाटिका टावर्स टावर-सी गुरुग्राम और वाटिका हाई स्ट्रीट गुरुग्राम. कई साल बीत जाने के बाद भी ये प्रोजेक्ट या तो अधर में लटके हैं या कंपनी ने उन्हें टाल दिया है. आज तक एक भी निवेशक को कन्वेयंस डीड नहीं मिली है. इससे पहले ईडी ने इसी केस में 68.59 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की थी.
ईडी द्वारा नई अटैचमेंट के साथ कुल कुर्क संपत्ति की कीमत करीब 176 करोड़ रुपए हो गई है. 21 मई 2025 को ईडी ने गुरुग्राम की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में वाटिका लिमिटेड, अनिल भल्ला, गौतम भल्ला और ग्रुप की अन्य कंपनियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल कर दी है. जांच अभी जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई होने की संभावना है.
सवाल: ईडी ने वाटिका लिमिटेड के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
जवाब: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वाटिका लिमिटेड की गुरुग्राम स्थित 1.35 एकड़ कमर्शियल जमीन को जब्त (प्रोविजनली अटैच) कर लिया है, जिसकी कीमत करीब 108 करोड़ रुपये है.
सवाल: कंपनी पर क्या आरोप हैं?
जवाब: वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटरों पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने और वादा खिलाफी करने के आरोप हैं.
सवाल: कंपनी निवेशकों को कैसे झांसा देती थी?
जवाब: कंपनी निवेशकों को प्रोजेक्ट पूरा होने तक हर महीने फिक्स्ड रिटर्न और बाद में लीज रेंट देने का लालच देती थी, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया.
सवाल: इस घोटाले में कितने निवेशकों का पैसा फंसा है?
जवाब: ईडी की जांच के मुताबिक, कंपनी के चार प्रोजेक्ट्स में कुल 659 निवेशकों के लगभग 248 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं.
सवाल: किन प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी पाई गई है?
जवाब: गुरुग्राम के वाटिका इंटेक्स सिटी सेंटर, वाटिका टावर्स, वाटिका हाई स्ट्रीट और फरीदाबाद के वाटिका माइंडस्केप्स प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी मिली है.