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शॉपिंग मॉल्स के लिए DLF का बड़ा प्लान (Photo: DLF Website)
रियल एस्टेट सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी डीएलएफ अब मेट्रो शहरों में घर के बाद रिटेल मॉल्स और शॉपिंग डेस्टिनेशन का बड़ा जाल बिछाने जा रही है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के साथ जारी इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में अपने प्लान के बारे में विस्तार से बताया है. डीएलएफ की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक कंपनी अपने मौजूदा रिटेल पोर्टफोलियो का आक्रामक रूप से विस्तार करते हुए कुल पोर्टफोलियो को 15 फीसदी तक ले जाने की ठोस योजना पर काम कर रही है.
DLF की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक 97 फीसदी के शानदार ऑक्यूपेंसी रेट और बढ़ते किराये से उत्साहित डीएलएफ का टारगेट आने वाले वक्त में अपने रिटेल स्पेस को दोगुने से भी ज्यादा करना है.
15% तक बढ़ानी है हिस्सेदारी
DLF का ग्रोथ प्लान

सोर्स: DLF Investor Presentation
डीएलएफ की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक मेट्रो कैटेगरी के तहत डीएलएफ के पास 18.4 मिलियन स्क्वायर फीट का ऑपरेशनल पोर्टफोलियो है, जबकि डीएलएफ साइबर सिटी डेवलपर्स लिमिटेड (DCCDL) के पास 2 मिलियन स्क्वायर फीट है.
मेट्रोज में 3.6 msf अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स
मौजूदा रिटेल पोर्टफोलियो का वित्तीय प्रदर्शन (मार्च 2026 तक)
| पोर्टफोलियो | लीजेबल एरिया (msf) | लीज्ड एरिया (%) | औसत किराया (रुपये/sq ft) | GAV (करोड़ रुपये में) |
| DCCDL (रिटेल) | 4.0 | 97% | 200 | 11,995 |
| DLF (रिटेल) | 0.94 | 96% | 295 | 3,060 |
| कुल | 4.93 | 97% | 218 | 15,055 |
DLF के कुल 4.93 msf लीजेबल एरिया में से 4.78 msf एरिया पहले ही लीज पर दिया जा चुका है. वहीं, रिटेल का वेटेड एवरेज रेंटल रेट 218 रुपए प्रति स्क्वायर फीट है. मार्च 2026 तक रिटेल पोर्टफोलियो की कुल ग्रॉस एसेट वैल्यू (GAV) 15,055 करोड़ रुपए आंकी गई है. वित्त वर्ष 2026 में डीएलएफ साइबर सिटी डेवलपर्स लिमिटेड के तहत रिटेल से होने वाली किराये की इनकम 975 करोड़ रुपए रही है. यह इनकम पिछले वित्त वर्ष के 880 करोड़ रुपए के मुकाबले 11 फीसदी ज्यादा है. वहीं, Q4FY26 में रिटेल किराये से 251 करोड़ रुपए की आय हुई है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 रियल एस्टेट में एन्युटी बिजनेस क्या होता है?
एन्युटी बिजनेस मॉडल वह है जिसमें कंपनी अपने मॉल या ऑफिस जैसी संपत्ति को लीज पर देती है. इससे लंबे वक्त तक लगातार और स्थिर कमाई होती है.
Q2 ऑक्युपेंसी रेट क्या होता है?
ऑक्युपेंसी रेट बताता है कि किसी बिल्डिंग या मॉल का कितना हिस्सा किराये पर है या इस्तेमाल हो रहा है. इसे प्रतिशत में बताया जाता है.
Q3 लीजेबल एरिया क्या होता है?
किसी भी मॉल या ऑफिस का वह कुल क्षेत्र जिसे असल में दुकानदारों या कंपनियों को किराये पर दिया जा सकता है, उसे लीजेबल एरिया कहा जाता है.
Q4 ग्रॉस एसेट वैल्यू क्या होती है?
किसी कंपनी की सभी मौजूदा एसेट्स की कुल मार्केट वैल्यू होती है. इसमें कंपनी पर मौजूद किसी भी तरह के कर्ज या देनदारी को घटाया नहीं जाता है.
Q5 रिटेल मॉल्स क्या होते हैं?
ये एक बड़ी इमारत या फिर कॉम्प्लेक्स होते हैं. यहां पर एक ही छत के नीचे कई अलग-अलग तरह की ब्रांड्स की दुकानें, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट और एंटरटेनमेंट प्लेस एक साथ मौजूद होते हैं.