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Office Space Rent: एशिया और प्रशांत (APAC) क्षेत्र का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट एक दिलचस्प मोड ले रहा है. जहां एक तरफ ऑफिस लेने की मांग (लीजिंग) बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ नई बिल्डिंग की सप्लाई में रिकॉर्ड उछाल आया है. ऐसे में निवेशक, कंपनियां और प्रॉपर्टी मालिकों के मन में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि भविष्य में ऑफिस स्पेस का किराया बढ़ेगा या फिर सप्लाई की मात्रा अधिक होने के कारण खाली स्पेस बढ़ जाएगी. रियल एस्टेट एडवाइजरी फर्म कोलियर्स की नई नई रिपोर्ट इस पहेली से पर्दा उठा रही है.
कोलियर्स की नई रिपोर्ट 'एशिया पैसिफिक ऑफिस मार्केट इनसाइट्स H1 2025' के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में एशिया के 11 अहम बाजारों में ऑफिस लीजिंग में पिछले साल के मुकाबले 9.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
नई सप्लाई हुई 4.8 मिलियन वर्गमीटर
कोलियर्स की रिपोर्ट में एक मिक्स्ड फ्यूचर का संकेत है. एक तरफ जहां, इतनी बड़ी मात्रा में नई सप्लाई वैकेंट प्लेस की दरों पर निश्चित तौर पर दबाव डालेगा. दूसरी तरफ बाजार में जब भी जरूरत से ज्यादा ऑफिस होते हैं, तो किराये पर दबाव आता है और वह स्थिर या कम हो जाते हैं.
क्या है फ्लाइट टू क्वालिटी ट्रेंड
प्रीमियम बिल्डिंग की डिमांड मजबूत
| संकेतक | वृद्धि (साल-दर-साल) | मुख्य बिंदु |
| ऑफिस लीजिंग (मांग) | 9.60% | भारत, चीन और जापान ने 90% मांग चलाई. |
| नई सप्लाई | 45.40% | मांग की तुलना में सप्लाई में बहुत बड़ा उछाल. |
| भविष्य का अनुमान | मिश्रित | चुनिंदा प्राइम प्रॉपर्टी का किराया बढ़ सकता है. |
2025 की पहली छमाही में APAC क्षेत्र की कुल लीजिंग में भारत का हिस्सा 70% से ज्यादा और नई सप्लाई में 48% था, इसे सबसे गतिशील बाजारों में से एक बनाता है. कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च, ने कहा, " भारत में ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग कई कारकों से संचालित है, जिसमें निरंतर ऑक्युपायर विस्तार, सक्रिय जीसीसी गतिविधि और विविध होती मांग का आधार शामिल है. विशेष रूप से घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, जिसने देश के शीर्ष 7 शहरों में 3.13 मिलियन वर्गमीटर (33.7 मिलियन वर्गफुट) की कुल लीजिंग में 46% का योगदान दिया.
सवाल: ऑफिस बाजार में मुख्य ट्रेंड क्या चल रहा है?
जवाब: बाजार में मांग (9.6% वृद्धि) और सप्लाई (45.4% वृद्धि) दोनों बढ़ रही हैं, लेकिन सप्लाई की वृद्धि दर मांग से बहुत ज्यादा है.
सवाल: क्या ऑफिस का किराया बढ़ने की उम्मीद है?
जवाब: हां, रिपोर्ट के अनुसार कुछ चुनिंदा उच्च-प्रदर्शन वाले बाजारों में प्राइम ग्रेड-ए संपत्तियों का किराया बढ़ने की उम्मीद है.
सवाल: "फ्लाइट टू क्वालिटी" का क्या मतलब है?
जवाब: इसका मतलब है कि कंपनियां अब बेहतर सुविधाओं वाली, नई और पर्यावरण के अनुकूल प्रीमियम ऑफिस बिल्डिंग्स को प्राथमिकता दे रही हैं.
सवाल: नई सप्लाई बढ़ने का क्या असर होगा?
जवाब: बढ़ती सप्लाई से ऑफिसों के खाली रहने की दर (Vacancy Rate) पर दबाव पड़ सकता है, खासकर पुरानी या कम गुणवत्ता वाली इमारतों में.
सवाल: एशिया के ऑफिस बाजार में भारत की क्या स्थिति है?
जवाब: भारत एक बहुत मजबूत बाजार है, जिसका 2025 की पहली छमाही में कुल लीजिंग में 70% से अधिक और नई सप्लाई में 48% हिस्सा था.
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