दिल्ली में मेट्रो स्टेशन के पास जमीन, बिना 1 रुपए खर्च किए होगी कमाई, बिल्डर के रेवेन्यू का मिलेगा 30% हिस्सा

Delhi TOD Policy: दिल्ली मेट्रो के 200 मीटर के दायरे में आपकी जमीन है तो डीडीए की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी के तहत आपकी घर बैठे कमाई हो सकती है. जानिए क्या है नए नियम.
दिल्ली में मेट्रो स्टेशन के पास जमीन, बिना 1 रुपए खर्च किए होगी कमाई, बिल्डर के रेवेन्यू का मिलेगा 30% हिस्सा

DDA की TOD पॉलिसी से जमीन मालिकों की होगी कमाई (प्रतीकात्मक इमेज/AI-Gemini) 

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी (ToD) पॉलिसी को जारी किया था. इस पॉलिसी का फायदा उन जमीन मालिकों को होने जा रहा है जिनकी जमीन दिल्ली मेट्रो के 207 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के आसपास है. अगर आपकी भी जमीन मेट्रो के 500 मीटर के दायरे में है और 2000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा क्षेत्रफल की है तो आप बिना एक भी रुपया खर्च कर सीधे 30 फीसदी रेवेन्यू में हिस्सेदार बन सकते हैं.

500 mtr के दायरे पर लागू होगी TOD

ToD पॉलिसी के गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह पॉलिसी मौजूदा और मंजूर किए गए दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन नेटवर्क, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), रेलवे स्टेशन और हाई स्पीड रेल के 500 मीटर के दायरे में आने वाले प्लॉट्स पर लागू होगी.

जमीन मालिक और बिल्डर के बीच JDA

  • ToD नियमों के मुताबिक इन प्लॉटों का न्यूनतम आकार 2000 वर्ग मीटर होना चाहिए. इसका कम से कम 50 फीसदी हिस्सा ToD जोन में आना चाहिए.
  • नेशनल रियल एस्टेट डेवलपर्स काउंसिल (NAREDCO) की रिपोर्ट के मुताबिक पॉलिसी के तहत जमीन मालिक और बिल्डर्र एक ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) कर सकते हैं. इसके तहत जमीन मालिक को ग्रॉस सेल्स रेवेन्यू का 30 फीसदी हिस्सा मिलेगा.
  • JDA में अप्रूवल, कंस्ट्रक्शन, चार्ज और मार्केटिंग का सारा खर्च डेवलपर उठाएगा. इसके अलावा बिल्डिंग प्लान की मंजूरी से लेकर पूरी इमारत खड़ी करने का खर्च भी बिल्डर का ही होगा.
  • जमीन मालिक को JDA साइन होने पर 5 फीसदी, ToD स्कीम की मंजूरी मिलने पर 10 फीसदी हिस्सा, नींव का काम पूरा होने पर 20% हिस्सा, स्लैब डलने पर 25% और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने पर 25% और बिक्री के आधार पर अंतिम 15% हिस्सा मिलेगा.
  • जमीन के मालिक को अधिकार होगा कि वह स्वतंत्र ऑडिटर से प्रोजेक्ट की कुल कमाई की जांच करवा सके. यदि डेवलपर 1 साल में प्लान जमा नहीं रता या 6 महीने में काम शुरू नहीं करता तो मालिक एग्रीमेंट खत्म कर जमीन वापस ले सकता है.

पुराने शुल्कों के मुकाबले नया ToD चार्ज (दिल्ली)

शुल्क का प्रकारपहले की स्थितिनई TOD पॉलिसी
विभिन्न प्राधिकरण शुल्कMCD, DJB, DDA लैंड यूज़ चेंज आदि के 6 से ज्यादा अलग-अलग शुल्क लगते थे.इन सभी को मिलाकर केवल एक 'सिंगल कंपोजिट चार्ज' लगेगा.
बेस FAR (400) चार्जअलग-अलग एजेंसियों के पास जाना पड़ता था.₹10,000 प्रति वर्ग मीटर का एकमुश्त शुल्क (All-in TOD Charge)
लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कन्वर्जनअलग से चार्ज लगता था और DDA 2-3 साल का समय लेता था.₹10,000/sqm के सिंगल चार्ज में ही शामिल (अलग से कोई शुल्क नहीं).

एस्क्रो अकाउंट में सुरक्षित रहेगा पैसा

JDA के तहत जमीन के मालिक का सारा पैसा एस्क्रो अकाउंट के जरिए सुरक्षित रहेगा. पॉलिसी के तहत कुल मंजूर फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का कम से कम 65% हिस्सा 100 वर्ग मीटर से कम बिल्ट-अप एरिया वाले रिहायशी घरों के लिए तय किया है.

400 से 500 तक का FAR

  • नियम के तहत सामान्य रिहायशी इलाकों में मिलने वाले 120 FAR के मुकाबले इस पॉलिसी में न्यूनतम 400 से अधिकतम 500 तक का FAR मिलेगा.
  • MCD पोर्टल के जरिए 60 दिनों में अपने आप मंजूरी (डीम्ड अप्रूवल) का भी प्रावधान किया गया है.
  • NAREDCO की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में ही अच्छे प्रोजेक्ट्स आने से गुड़गांव और नोएडा के मिड-प्रीमियम सेगमेंट (1.5 से 3.5 करोड़ रुपए) की डिमांड पर 5 साल में 5% से 12% तक दबाव आ सकता है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा के प्रॉपर्टी मार्केट को सस्ते कारपेट एरिया के कारण थोड़ी राहत मिल सकती है.

₹10,000 प्रति वर्ग मीटर के सिंगल चार्ज का बंटवारा

एजेंसीफंड का हिस्साकिस काम के लिए इस्तेमाल होगा
MCD₹3,000/sqm (30%)प्लान सैंक्शन और उससे संबंधित कार्यों के लिए.
दिल्ली जल बोर्ड₹3,000/sqm (30%)पानी और सीवर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए.
अर्बन डेवलपमेंट फंड₹2,500/sqm (25%)शहर के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर वर्क्स के लिए.
DDA₹1,500/sqm (15%)प्लान अप्रूवल चार्ज के रूप में.

Zee Business Live TV यहां पर देखें

मिडिल क्लास के लिए बढ़ेगी घरों की सप्लाई

NAREDCO ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन नियमों से दिल्ली के अंदर मिडिल क्लास के लिए घरों की सप्लाई बढ़ेगी. खासकर 400 से 500 FAR के कारण शहर में हाई डेनसिटी वाले इलाकों का विकास किया जाएगा, जिससे ऐसी वॉक-टू-ट्रांजिट कम्युनिटीज बनेंगी जहां रिहायशी, कमर्शियल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर एक ही जगह मौजूद होंगे. NAREDCO के एक्सपर्ट्स ने कहा कि मध्य पूर्वीय और दक्षिण दिल्ली के कॉरिडोर में घरों की सप्लाई सुधरेगी, ये लंबे वक्त में दिल्ली के अंदर घरों को किफायती बनाएगा और बाहरी शहरी विस्तार के दबाव को कम करेगा.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 ट्रांजिट ओरिएंट डेवलपमेंट (ToD) क्या है?

ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट एक ऐसा शहरी मॉडल है, जिसमें मेट्रो या रेलवे स्टेशन के पास सघन निर्माण की परमिशन होता है. इससे लोगों को घर के पास ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देना है.

Q2 जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) क्या होता है?

JDA जमीन के मालिक और डेवलपर के बीच समझौता होता है. इसमें जमीन का मालिक अपनी जमीन देता है और बिल्डर उस पर निर्माण आदि करता है.

Q3 एस्क्रो अकाउंट क्या है?

एस्क्रो अकाउंट एक सुरक्षित बैंक खाता होता है. यह एक तीसरे और तटस्थ पक्ष जैसे बैंक या एस्क्रो एजेंट द्वारा मैनेज किया जाता है.

Q4 फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) क्या होता है?

फ्लोर एरिया रेशिय यह तय करता है कि किस प्लॉट पर आप कितना बड़ा और कितनी मंजिला इमारत बना सकते हैं.

Q5 ToD योजना में शामिल होने जरूरी है?

नहीं, यह स्वैच्छिक है. आप शामिल होना चाहते तो जमीन का इस्तेमाल पहले की तरह ही जारी रख सकते हैं.

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6