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DDA की TOD पॉलिसी से जमीन मालिकों की होगी कमाई (प्रतीकात्मक इमेज/AI-Gemini)
दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी (ToD) पॉलिसी को जारी किया था. इस पॉलिसी का फायदा उन जमीन मालिकों को होने जा रहा है जिनकी जमीन दिल्ली मेट्रो के 207 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के आसपास है. अगर आपकी भी जमीन मेट्रो के 500 मीटर के दायरे में है और 2000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा क्षेत्रफल की है तो आप बिना एक भी रुपया खर्च कर सीधे 30 फीसदी रेवेन्यू में हिस्सेदार बन सकते हैं.
ToD पॉलिसी के गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह पॉलिसी मौजूदा और मंजूर किए गए दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन नेटवर्क, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), रेलवे स्टेशन और हाई स्पीड रेल के 500 मीटर के दायरे में आने वाले प्लॉट्स पर लागू होगी.
जमीन मालिक और बिल्डर के बीच JDA
पुराने शुल्कों के मुकाबले नया ToD चार्ज (दिल्ली)
| शुल्क का प्रकार | पहले की स्थिति | नई TOD पॉलिसी |
| विभिन्न प्राधिकरण शुल्क | MCD, DJB, DDA लैंड यूज़ चेंज आदि के 6 से ज्यादा अलग-अलग शुल्क लगते थे. | इन सभी को मिलाकर केवल एक 'सिंगल कंपोजिट चार्ज' लगेगा. |
| बेस FAR (400) चार्ज | अलग-अलग एजेंसियों के पास जाना पड़ता था. | ₹10,000 प्रति वर्ग मीटर का एकमुश्त शुल्क (All-in TOD Charge) |
| लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कन्वर्जन | अलग से चार्ज लगता था और DDA 2-3 साल का समय लेता था. | ₹10,000/sqm के सिंगल चार्ज में ही शामिल (अलग से कोई शुल्क नहीं). |
JDA के तहत जमीन के मालिक का सारा पैसा एस्क्रो अकाउंट के जरिए सुरक्षित रहेगा. पॉलिसी के तहत कुल मंजूर फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का कम से कम 65% हिस्सा 100 वर्ग मीटर से कम बिल्ट-अप एरिया वाले रिहायशी घरों के लिए तय किया है.
400 से 500 तक का FAR
₹10,000 प्रति वर्ग मीटर के सिंगल चार्ज का बंटवारा
| एजेंसी | फंड का हिस्सा | किस काम के लिए इस्तेमाल होगा |
| MCD | ₹3,000/sqm (30%) | प्लान सैंक्शन और उससे संबंधित कार्यों के लिए. |
| दिल्ली जल बोर्ड | ₹3,000/sqm (30%) | पानी और सीवर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए. |
| अर्बन डेवलपमेंट फंड | ₹2,500/sqm (25%) | शहर के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर वर्क्स के लिए. |
| DDA | ₹1,500/sqm (15%) | प्लान अप्रूवल चार्ज के रूप में. |
NAREDCO ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन नियमों से दिल्ली के अंदर मिडिल क्लास के लिए घरों की सप्लाई बढ़ेगी. खासकर 400 से 500 FAR के कारण शहर में हाई डेनसिटी वाले इलाकों का विकास किया जाएगा, जिससे ऐसी वॉक-टू-ट्रांजिट कम्युनिटीज बनेंगी जहां रिहायशी, कमर्शियल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर एक ही जगह मौजूद होंगे. NAREDCO के एक्सपर्ट्स ने कहा कि मध्य पूर्वीय और दक्षिण दिल्ली के कॉरिडोर में घरों की सप्लाई सुधरेगी, ये लंबे वक्त में दिल्ली के अंदर घरों को किफायती बनाएगा और बाहरी शहरी विस्तार के दबाव को कम करेगा.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 ट्रांजिट ओरिएंट डेवलपमेंट (ToD) क्या है?
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट एक ऐसा शहरी मॉडल है, जिसमें मेट्रो या रेलवे स्टेशन के पास सघन निर्माण की परमिशन होता है. इससे लोगों को घर के पास ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देना है.
Q2 जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) क्या होता है?
JDA जमीन के मालिक और डेवलपर के बीच समझौता होता है. इसमें जमीन का मालिक अपनी जमीन देता है और बिल्डर उस पर निर्माण आदि करता है.
Q3 एस्क्रो अकाउंट क्या है?
एस्क्रो अकाउंट एक सुरक्षित बैंक खाता होता है. यह एक तीसरे और तटस्थ पक्ष जैसे बैंक या एस्क्रो एजेंट द्वारा मैनेज किया जाता है.
Q4 फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) क्या होता है?
फ्लोर एरिया रेशिय यह तय करता है कि किस प्लॉट पर आप कितना बड़ा और कितनी मंजिला इमारत बना सकते हैं.
Q5 ToD योजना में शामिल होने जरूरी है?
नहीं, यह स्वैच्छिक है. आप शामिल होना चाहते तो जमीन का इस्तेमाल पहले की तरह ही जारी रख सकते हैं.