NCR में बिक्री घटी, पर दाम नहीं, बिल्डर्स ने प्रॉफिट कमाने के लिए रचा ये खास चक्रव्यूह? गुरुग्राम बना केंद्र

दिल्ली एनसीआर रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों बिल्डर्स एक नई सोची समझी रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं. इसी वजह से घरों की बिक्री घटने के बावजूद कीमतें लगातार बढ़ रही है.
NCR में बिक्री घटी, पर दाम नहीं, बिल्डर्स ने प्रॉफिट कमाने के लिए रचा ये खास चक्रव्यूह? गुरुग्राम बना केंद्र

दिल्ली एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में इन दिनों एक दिलचस्प खेल सामने आया है. आमतौर पर जब भी किसी चीज की सेल्स घटती है तो उसके दाम में कमी हो जाती है. हालांकि, एनसीआर के प्रॉपर्टी मार्केट में यह उल्टा हो रहा है. मकानों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की गई है फिर भी कीमतें आसमान छू रही है. नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट इंडियन रियल एस्टेट:H2 2025 ने इस राज से पर्दा उठाने की कोशिश की है. रिपोर्ट के मुताबिक डेवलपर्स अब सोची समझी रणनीति मतलब कैलिबेरेटेड सप्लाई अप्रोच अपना ली है. आसान शब्दों में कहें तो अब बिल्डर्स सोच समझकर नए प्रोजेक्ट उतार रहे हैं. इससे सप्लाई कम रहे और कीमतें ऊंची बनी रहे.

NCR में 9% घटी बिक्री, 16% बढ़ी कीमत

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में दिल्ली एनसीआर में घरों की बिक्री में 9 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद घरों की कीमतें 19% बढ़ गई है.

Add Zee Business as a Preferred Source

16% लॉन्चिंग में की कटौती

  • रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डर्स की इस रणनीति का नतीजा है, जहां उन्होंने नए लॉन्च में 16 फीसदी की कटौती की है.
  • साल 2025 में 50,769 यूनिट्स रह गई है. साल 2025 की दूसरी छमाही 15 फीसदी रही है.
  • इससे साफ जाहिर है कि मांग थोड़ी कम हुई है, तो उन्होंने सप्लाई उससे ज्यादा कम कर दी है.
  • बिल्डर की इस रणनीति से बाजार में कमी का माहौल बना रहा और कीमतों को गिरने से बचा लिया गया.

Builder

जानबूझकर सप्लाई को किया कंट्रोल

नाइट फ्रैंक इंडिया के मुताबिक बिल्डर्स ने जानबूझकर सप्लाई को कंट्रोल किया है ताकि इन्वेंट्री यानी बिना बिके घरों का बोझ न बढ़े. साथ ही उन्हें दाम घटाने पर मजबूर न होना पड़े.

घरों की औसत कीमत 6,028 प्रति वर्ग फुट

  • इस चीज का असर यह हुआ है कि घर की कीमत 6,028 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है, जो साल 2024 के मुकाबले 19% ज्यादा है.
  • नाइट फ्रैंक इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (नॉर्थ), मुदस्सिर जैदी का कहना है कि बाजार तेजी से विस्तार से सोच समझकर विकास की तरफ शिफ्ट हो रहा है.
  • डेवलपर्स भीड़ बढ़ाने के बजाय प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रहे हैं, जहां मार्जिन ज्यादा है..
  • प्रीमियम प्रोजेक्ट पर फोकस के कारण 2 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में 57% हो गई है.
  • मिड सेगमेंट यानी 1 करोड़ रुपए से कम बजट के घर का बाजार फिलहाल ठंडा पड़ा हुआ है.
कैटेगरी2025 के आंकड़ेसालाना बदलाव (YoY Change)
नए लॉन्च 50,769-16% (गिरावट)
बिक्री52,452

-9% (गिरावट)

H2 2025 लॉन्च25,536-15%
औसत घर की कीमत₹6,02819% (बढ़ोत्तरी)

सोर्स: नाइट फ्रैंक इंडिया

गुरुग्राम बन रणनीति का केंद्र

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट क मुताबिक दिल्ली एनसीआर में गुरुग्राम बिल्डर्स की सोची समझी रणनीति का केंद्र बना हुआ है. कुल लॉन्च का 53 फीसदी हिस्सा और बिक्री का 48 फीसदी हिस्सा अकेले गुरुग्राम से ही आया है. वहां भी बिल्डर्स 2 से 5 करोड़ रुपए वाले सेगमेंट पर ही अपना दांव लगा रहे हैं. गुरुग्राम के अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इसी ट्रेंड को देखा जा रहा है, जहां पर जेवर एयरपोर्ट के नाम पर कीमतें बढ़ाई जा रही है, लेकिन सप्लाई को कंट्रोल में रखा गया है.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: बिल्डर्स की नई रणनीति क्या है?

जवाब: बिल्डर्स ने सप्लाई कंट्रोल की है. इससे बाजार में नए घरों बाढ़ न आए. साथ ही उन्हें दाम को कम न करना पड़े.

सवाल: आने वाले वक्त में प्रॉपर्टी के दाम गिरेंगे?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक सप्लाई कम होने और प्रीमियम घरों की डिमांड के कारण कीमतें बढ़ती रहेंगी.

सवाल: अभी सबसे ज्यादा किस तरह के घर बिक रहे हैं?

जवाब: 2 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत वाले घरों की बिक्री कुल मार्केट का 57 फीसदी है.

सवाल: सस्ते घरों का हाल क्या है?

जवाब: सस्ते घरों की सप्लाई और डिमांड दोनों कम हुई है. बिल्डर्स को इससे कम मुनाफा मिलता है.

सवाल: घर खरीदने का सही वक्त आ गया है?

जवाब: एंड यूजर्स के लिए ठीक है, लेकिन निवेश के तौर पर एंट्री कॉस्ट काफी महंगी हो गई है.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6